नमस्कार 🙏 हमारे न्यूज पोर्टल - मे आपका स्वागत हैं ,यहाँ आपको हमेशा ताजा खबरों से रूबरू कराया जाएगा , खबर और विज्ञापन के लिए संपर्क करे +91 97541 60816 ,हमारे यूट्यूब चैनल को सबस्क्राइब करें, साथ मे हमारे फेसबुक को लाइक जरूर करें , RSS प्रमुख मोहन भागवत बोले : छोटे-छोटे स्वार्थों और विवाह करने के लिये धर्मांतरण कर रहे लड़के-लड़कियां, बच्चों को अपने धर्म के प्रति गौरव, पूजा के प्रति आदर करना सिखाएं…पढ़े पूरी खबर – पर्दाफाश

पर्दाफाश

Latest Online Breaking News

RSS प्रमुख मोहन भागवत बोले : छोटे-छोटे स्वार्थों और विवाह करने के लिये धर्मांतरण कर रहे लड़के-लड़कियां, बच्चों को अपने धर्म के प्रति गौरव, पूजा के प्रति आदर करना सिखाएं…पढ़े पूरी खबर

😊 कृपया इस न्यूज को शेयर करें😊

RSS प्रमुख मोहन भागवत बोले : छोटे-छोटे स्वार्थों और विवाह करने के लिये धर्मांतरण कर रहे लड़के-लड़कियां, बच्चों को अपने धर्म के प्रति गौरव, पूजा के प्रति आदर करना सिखाएं

RSS प्रमुख मोहन भागवत बोले : छोटे-छोटे स्वार्थों और विवाह करने के लिये धर्मांतरण कर रहे लड़के-लड़कियां, बच्चों को अपने धर्म के प्रति गौरव, पूजा के प्रति आदर करना सिखाएं

देहरादून : राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ {RSS} के सरसंघ चालक मोहन भागवत ने देहरादून में ‘हिंदू जगे तो विश्व जगेगा’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए धर्मांतरण को लेकर कहा कि हमें अपने बच्चों को अपने धर्म और पूजा के प्रति आदर भाव रखना सिखाना चाहिए जिससे वे दूसरे धर्मों की तरफ ना जाएं. उन्होंने यह भी कहा कि छोटे-छोटे स्वार्थों के कारण और विवाह करने के लिए धर्मांतरण हो जाता है.

आरएसएस प्रमुख ने कहा,‘‘कैसे मतांतरण हो जाता है? परंपरागत उपासना को क्यों छोड़ना? अपने घर के लड़के लड़कियां दूसरे मतों में कैसे चली जाती हैं? छोटे-छोटे स्वार्थों के कारण, विवाह करने के लिए.’’ उन्होंने कहा, ‘‘मतांतरण करने वाले गलत हैं, यह बात अलग है. लेकिन हमारे बच्चे हम ही तैयार नहीं करते. हमको इसका संस्कार अपने घर में देना होगा. अपने धर्म के प्रति गौरव, पूजा के प्रति आदर, अपने बच्चों को तैयार करना चाहिए.’’

सरसंघ चालक ने कहा कि यदि हम अपनी समाज शैली में बदलाव लाएं तो भारत विश्वगुरू बन सकता है. इसके लिए उन्होंने जोर देकर कहा कि हमें अपनी भाषा, भूषा, भवन, भ्रमण, भजन और भोजन अपनी परंपरा के अनुसार ही करना चाहिए. भागवत ने कहा कि भारत की परंपराओं का अनुसरण पूरा विश्व कर रहा है. इस संबंध में ब्रिटेन की पूर्व प्रधानमंत्री माग्रेट थैचर का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि एक बार उन्होंने कहा था कि अपने माता-पिता की कैसे सेवा करते हैं, हमें इन परंपराओं के बारे में भारत से सीखना है. वैदिक काल से महाभारत तक हमें हमारे ग्रंथ बताते हैं कि धर्म का पालन कैसे करना चाहिए. भागवत ने कहा कि समाज में हमें गरीब तबके की भी चिंता करनी चाहिए और जात—पांत के बंधनों से बाहर निकलना चाहिए.

भागवत ने कहा कि पेरिस और सिंगापुर जाने के साथ ही भारत के तीर्थस्थलों जैसे काशी, जलियावालां बाग और अन्य तीर्थो में भी जाना चाहिए. उन्होंने कहा, ‘‘हमें स्वतंत्रता सेनानियों जैसे महात्मा गांधी, वीर सावरकर, बाबा साहेब आंबेडकर, भगत सिंह के चित्र भी रखने चाहिए.’’ उन्होंने कहा कि कभी – कभार तो पिज्जा आदि खाना ठीक है लेकिन हमें घर में अपना परंपरागत भोजन करना चाहिए.

Whatsapp बटन दबा कर इस न्यूज को शेयर जरूर करें 

Advertising Space


स्वतंत्र और सच्ची पत्रकारिता के लिए ज़रूरी है कि वो कॉरपोरेट और राजनैतिक नियंत्रण से मुक्त हो। ऐसा तभी संभव है जब जनता आगे आए और सहयोग करे.

Donate Now

लाइव कैलेंडर

April 2026
M T W T F S S
 12345
6789101112
13141516171819
20212223242526
27282930