खरसिया | रायगढ़ अग्रवाल गुड़ाखु फैक्ट्री(तोताछाप ) के मजदूर से ₹2 करोड़ की कंपनी के ‘डायरेक्टर’ तक का सफर; 45 वर्षों की सेवा के बाद भी हकीकत या सिर्फ कागजी मोहरा ?
|
😊 कृपया इस न्यूज को शेयर करें😊
|
पर्दाफाश न्यूज़ | विशेष पड़ताल
खरसिया | रायगढ़ अग्रवाल गुड़ाखु फैक्ट्री(तोताछाप ) के मजदूर से ₹2 करोड़ की कंपनी के ‘डायरेक्टर’ तक का सफर; 45 वर्षों की सेवा के बाद भी हकीकत या सिर्फ कागजी मोहरा?


खरसिया। 45 वर्षों तक एक ही व्यावसायिक घराने के लिए खून-पसीना बहाने वाले एक सामान्य कर्मचारी की कहानी अब गंभीर सवालों के घेरे में आ गई है। वर्ष 1978 से सेवा दे रहे गुड़ाखु फैक्ट्री के कर्मचारी हर प्रसाद राठौर को सेठ मुरलीधर अग्रवाल के द्वारा 1993 में शोभा राईस मिल प्राइवेट लिमिटेड का डायरेक्टर बनाया गया। बाहर से देखने पर यह किसी मजदूर की बड़ी कामयाबी लगती है, लेकिन अंदरूनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। आरोप है कि दशकों की मेहनत और कागजों में बड़ा पद मिलने के बावजूद जमीनी स्तर पर शोषण का सिलसिला जारी रहा।
कागजों में करोड़ों की कंपनी, निदेशक के पास बीपीएल कार्ड!
कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय (MCA) के आधिकारिक दस्तावेजों के अनुसार:
कंपनी का नाम: SOBHA RICE MILL PRIVATE LIMITED
CIN: U51109WB1993PTC059682
स्थापना वर्ष: 6 अगस्त 1993
पूंजी विवरण: अधिकृत पूंजी ₹2 करोड़ और पेड-अप कैपिटल लगभग ₹1.77 करोड़ दर्ज है।
बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स: कंपनी के रिकॉर्ड में हर प्रसाद राठौर (DIN: 03017661) बतौर वर्तमान निदेशक दर्ज हैं, जबकि पूर्व निदेशक के रूप में स्व. सेठ मुरलीधर अग्रवाल (कार्यकाल 30 दिसंबर 2021 तक) का नाम दर्ज है।
करोड़ों के टर्नओवर और भारी-भरकम पेड-अप कैपिटल वाली कंपनी के मुख्य निदेशक होने के बावजूद हर प्रसाद राठौर की आर्थिक स्थिति और सरकारी रिकॉर्ड्स (BPL राशन कार्ड आदि) उनकी वास्तविक दशा पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े करते हैं।
पर्दाफाश के प्रमुख सवाल:
कागजी डायरेक्टर या असली भागीदार?
क्या हर प्रसाद राठौर को केवल दस्तावेजों में हस्ताक्षर करवाने और कानूनी पेचीदगियों से बचने के लिए ‘डमी डायरेक्टर’ बनाया गया था?
लाभांश और अधिकारों का क्या हुआ?
1993 से डायरेक्टर पद पर रहने के बावजूद कंपनी के मुनाफे, संपत्तियों और वास्तविक अधिकारों में उन्हें कितना हिस्सा मिला?
कथित आर्थिक विषमता:
एक तरफ करोड़ों की संपत्ति और राइस मिल का विशाल ढांचा, दूसरी तरफ 45 साल सेवा देने वाले कर्मचारी के परिवार की संघर्षपूर्ण स्थिति—इस शोषण का जिम्मेदार कौन है?
”दस्तावेज सामने आएंगे… सवाल पूछे जाएंगे… जल्द होगा पूरे मामले का बड़ा पर्दाफाश।”
— पर्दाफाश न्यूज़ ब्यूरो
PMO India CMO Chhattisgarh OP Choudhary Pro Raigarh Raigarh Police Facebook पर्दाफाश ऑनलाइन न्यूज Arti Vaishnav Bhupendra Kishore Vaishanav Kharsia City Bjp Chhattisgarh Kamal Garg Aaj Tak ABP News Ravindra Gavel
|
Whatsapp बटन दबा कर इस न्यूज को शेयर जरूर करें |
Advertising Space





