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पर्दाफाश

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खरसिया में भूमाफियाओं की पौ बारह? कलेक्टर के निर्देशों के बाद भी कथित अवैध प्लाटिंग का खेल जारी… आखिर कब होगी कार्यवाही??

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खरसिया में भूमाफियाओं की पौ बारह?

कलेक्टर के निर्देशों के बाद भी कथित अवैध प्लाटिंग का खेल जारी, नगरपालिका की सुविधाओं पर भी उठे सवाल

खरसिया। खरसिया तहसील क्षेत्र में कथित अवैध प्लाटिंग का मामला एक बार फिर चर्चा में है। कलेक्टर रायगढ़ द्वारा अवैध प्लाटिंग के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देशों के बावजूद क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों में बिना आवश्यक अनुमति एवं नियमों का पालन किए भूखंड काटे जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं।

 

शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि कुछ स्थानों पर कृषि, कोटवारी एवं अन्य श्रेणी की भूमि पर प्लाटिंग किए जाने के बावजूद सड़क, नाली और बिजली खंभे जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इससे यह सवाल उठ रहा है कि यदि संबंधित भूमि पर विधिवत विकास अनुमति अथवा लेआउट स्वीकृति नहीं है, तो ऐसी सुविधाएं किस प्रक्रिया के तहत उपलब्ध कराई जा रही हैं?

इन स्थानों पर सामने आई प्लाटिंग की शिकायतें

स्थानीय स्तर पर जिन स्थानों को लेकर शिकायतें या आरोप सामने आए हैं, उनमें गोपाल राइस मिल क्षेत्र में मुरलीधर अग्रवाल की भूमि, सब्जी मार्केट के पास सेठा महावीर की जमीन, मंगल बाजार के पास बायपास रोड एवं पुरानी बस्ती क्षेत्र, पीहू पैलेस के अंदर, मां कॉलोनी-विकास गुड़ाखू फैक्ट्री क्षेत्र, छपरीगंज, FCI रोड, ठाकुरदिया, फ्रेंड्स कॉलोनी, पुराना फाटक, तहसील कार्यालय के पीछे तथा अजित सिंह नगर सहित अन्य स्थान बताए जा रहे हैं।

इसके अलावा ग्राम मकरी में कथित कोटवारी भूमि, तुर्रीभांटा खरसिया, मुक्तिधाम महुआपाली के पास, पनखतिया तालाब के पास, शराब भट्ठी-सपिया रोड, सेंट जोन्स स्कूल के पीछे गिधा रोड, बाम्हनपाली सरकारी स्कूल के सामने तथा मदनपुर बिजली कार्यालय के पीछे भी कथित प्लाटिंग की शिकायतें सामने आने की बात कही जा रही है।

नेशनल हाईवे एवं चपले क्षेत्र, गर्ग फर्नीचर के आगे-पीछे भी प्लाटिंग को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। वहीं शिकायतों में खरसिया क्षेत्र में बड़ी मात्रा में कथित कोटवारी भूमि पर प्लाटिंग किए जाने का दावा भी किया गया है। इन दावों की वास्तविकता राजस्व अभिलेख एवं स्थल निरीक्षण से ही स्पष्ट हो सकेगी।

आखिर कार्रवाई कब?

सबसे बड़ा सवाल यही है कि यदि इन स्थानों पर बिना वैधानिक अनुमति प्लाटिंग की जा रही है, तो संबंधित विभागों द्वारा अब तक क्या कार्रवाई की गई?

प्रशासन द्वारा यदि संबंधित जमीनों के राजस्व अभिलेख, भूमि उपयोग, डायवर्सन, स्वीकृत लेआउट, विकास अनुज्ञा एवं अन्य आवश्यक दस्तावेजों की जांच कराई जाए, तो वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है।

भवन अनुज्ञा और बैंक लोन की भी हो जांच

कथित प्लाटिंग वाले क्षेत्रों में यदि भवन निर्माण हो रहा है, तो यह भी जांच का विषय हो सकता है कि संबंधित निर्माण के लिए भवन अनुज्ञा किस आधार पर जारी की गई।

इसी तरह, यदि किसी भूखंड पर बैंक अथवा वित्तीय संस्था द्वारा ऋण स्वीकृत किया गया है, तो संबंधित दस्तावेजों एवं भूमि की वैधानिक स्थिति की जांच भी आवश्यक हो सकती है। हालांकि ऋण स्वीकृति अथवा भवन अनुज्ञा में किसी अनियमितता का निष्कर्ष केवल संबंधित रिकॉर्ड की जांच के बाद ही निकाला जा सकता है।

संयुक्त जांच से सामने आएगी वास्तविक स्थिति

मामले में राजस्व विभाग, नगरपालिका/स्थानीय निकाय, टाउन एंड कंट्री प्लानिंग तथा अन्य संबंधित विभागों की संयुक्त टीम गठित कर स्थल निरीक्षण एवं दस्तावेजों की जांच कराने की मांग उठ रही है।

जांच में प्रमुख रूप से यह स्पष्ट किया जाना चाहिए—

– संबंधित भूमि का वास्तविक भू-उपयोग क्या है?
– क्या कृषि भूमि का विधिवत डायवर्सन हुआ है?
– क्या संबंधित लेआउट स्वीकृत है?
– क्या कॉलोनाइजर/विकासकर्ता के पास आवश्यक अनुमति है?
– सड़क, नाली, बिजली एवं अन्य सुविधाओं के लिए क्या वैधानिक स्वीकृति ली गई?
– भूखंडों की रजिस्ट्री किन दस्तावेजों के आधार पर हुई?
– किन मामलों में भवन अनुज्ञा जारी की गई?
– क्या संबंधित भूखंडों पर बैंक अथवा वित्तीय संस्थाओं ने ऋण स्वीकृत किया?
– कोटवारी अथवा शासकीय भूमि से जुड़ी शिकायतों की वास्तविक स्थिति क्या है?

प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी नजर

कलेक्टर के निर्देशों के बावजूद यदि खरसिया तहसील क्षेत्र में अवैध प्लाटिंग संबंधी शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं, तो अब प्रशासन की अगली कार्रवाई पर सबकी नजर है।

पर्दाफाश की मांग है कि खरसिया तहसील क्षेत्र में पिछले कुछ वर्षों में हुई प्लाटिंग की व्यापक जांच कर वास्तविक स्थिति सार्वजनिक की जाए। इससे नियमों का उल्लंघन हुआ है या नहीं, यह स्पष्ट होगा और यदि किसी स्तर पर अनियमितता प्रमाणित होती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जा सकेगी। साथ ही भूखंड खरीदने वाले आम नागरिकों के हितों की भी रक्षा हो सकेगी।

भूपेंद्र वैष्णव की खास रिपोर्ट

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नोट: इस रिपोर्ट में उल्लेखित स्थानों, व्यक्तियों और प्लाटिंग से संबंधित आरोपों की स्वतंत्र/आधिकारिक पुष्टि संबंधित विभाग की जांच एवं उपलब्ध दस्तावेजों से होना बाकी है। रिपोर्ट में किसी व्यक्ति को दोषी घोषित नहीं किया गया है। संबंधित पक्ष अपना पक्ष, दस्तावेज या स्पष्टीकरण प्रस्तुत करना चाहे तो उसे भी उचित स्थान दिया जाएगा।

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