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आवासीय संपत्ति में दुकान-दफ्तर चलाना पड़ेगा भारी! सुप्रीम कोर्ट ने देशभर के नगर निकायों को दिए कार्रवाई के निर्देश

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आवासीय संपत्ति में दुकान-दफ्तर चलाना पड़ेगा भारी!

सुप्रीम कोर्ट ने देशभर के नगर निकायों को दिए कार्रवाई के निर्देश

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने देशभर के नगर निगमों और नगर निकायों को आवासीय संपत्तियों के नियम विरुद्ध व्यावसायिक इस्तेमाल के मामलों में प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। अदालत ने कहा है कि जहां जांच में नियमों का उल्लंघन पाया जाए, वहां कानून के अनुसार संपत्ति को सील करने की कार्रवाई की जाए।

जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और आर. महादेवन की पीठ ने कहा कि नगर निकाय अपने-अपने क्षेत्र में उन आवासीय परिसरों की पहचान करें, जिनका उपयोग निर्धारित नियमों के विपरीत गैर-आवासीय या व्यावसायिक गतिविधियों के लिए किया जा रहा है।

अस्पष्ट भूमि उपयोग वाले क्षेत्रों की भी होगी जांच

अदालत ने ऐसे क्षेत्रों पर भी गौर करने को कहा है, जिन्हें स्पष्ट रूप से केवल आवासीय अथवा केवल व्यावसायिक उपयोग के लिए निर्धारित नहीं किया गया है। हालांकि, इन क्षेत्रों के संबंध में फिलहाल जांच की जाएगी और तत्काल सीलिंग या अन्य दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी।

‘पिक एंड चूज’ पर सुप्रीम कोर्ट की सख्ती

पीठ ने नगर निकायों को कार्रवाई में निष्पक्षता और समानता बरतने की स्पष्ट हिदायत दी। अदालत ने कहा कि अधिकारियों द्वारा चुनिंदा संपत्तियों के खिलाफ कार्रवाई यानी ‘पिक एंड चूज’ का तरीका अपनाया गया तो इसे गंभीरता से लिया जाएगा।

चेन्नई की याचिका से देशव्यापी जांच तक पहुंचा मामला

मामला मूल रूप से चेन्नई में भवन निर्माण नियमों और अवैध निर्माण से जुड़ा था। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने आवासीय क्षेत्रों को व्यावसायिक क्षेत्रों में बदलने तथा भवन एवं भूमि-उपयोग नियमों के उल्लंघन को व्यापक समस्या माना और मामले का दायरा देशभर तक बढ़ाया।

सुप्रीम कोर्ट ने इससे पहले भी सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की राजधानियों के नगर निगमों/नगरपालिकाओं को अपने अधिकार क्षेत्र में आवासीय उपयोग के लिए निर्धारित क्षेत्रों में हो रहे गैर-आवासीय इस्तेमाल की पहचान करने के निर्देश दिए थे।

अब बड़ा सवाल यह है कि स्थानीय निकाय अपने-अपने क्षेत्रों में ऐसे मामलों की पहचान और कार्रवाई किस तरह करते हैं तथा क्या कार्रवाई सभी मामलों में समान रूप से की जाती है।

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