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बिना पोस्टमैन के ही पहुंचने वाला पत्र है ‘प्रार्थना’ — आचार्य मृदुल कृष्ण गोस्वामी

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बिना पोस्टमैन के ही पहुंचने वाला पत्र है ‘प्रार्थना’ — आचार्य मृदुल कृष्ण गोस्वामी

खरसिया। श्रीमद्भागवत सप्ताह कथा के तृतीय दिवस कथा व्यास परम श्रद्धेय आचार्य गोस्वामी श्री मृदुल कृष्ण जी महाराज ने प्रार्थना की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि “प्रार्थना ऐसा पत्र है, जो बिना पोस्टमैन के ही सीधे परमात्मा तक पहुंच जाता है।”

आचार्य श्री ने कहा कि संसार में किसी वस्तु को एक स्थान से दूसरे स्थान तक भेजने के लिए माध्यम अथवा पोस्टमैन की आवश्यकता होती है, लेकिन हृदय से समर्पित की गई सच्ची प्रार्थना बिना किसी माध्यम और बिना किसी विलंब के सीधे अपने इष्ट एवं परमात्मा तक पहुंच जाती है। प्रार्थना ऐसी अभिव्यक्ति है, जिसमें भक्त अपने मन की बात सीधे भगवान के समक्ष रखता है।

कथा क्रम में कपिल देव एवं माता देवहूति संवाद का वर्णन करते हुए आचार्य श्री ने बताया कि पति कर्दम ऋषि के वन की ओर चले जाने के बाद माता देवहूति भगवान कपिल के पास पहुंचीं और उनसे संसार के बंधनों से मुक्ति का मार्ग बताने की प्रार्थना की। भगवान कपिल ने उनकी प्रार्थना स्वीकार करते हुए उन्हें ऐसा ज्ञान और उपदेश प्रदान किया, जिससे वे संसार सागर से मुक्त हुईं।

इसके पश्चात आचार्य श्री ने सती चरित्र का विस्तारपूर्वक वर्णन किया। सती चरित्र के प्रसंग से कथा पंडाल का वातावरण शिवमय हो गया और श्रद्धालु भक्तिभाव में डूब गए।

पांच वर्ष की आयु में ध्रुव को मिला भगवान का दर्शन

परम भक्त ध्रुव जी के चरित्र का वर्णन करते हुए आचार्य श्री ने कहा कि मात्र पांच वर्ष की आयु में ध्रुव ने अटूट भक्ति और तपस्या के बल पर भगवान श्रीहरि के दर्शन प्राप्त किए। भगवान ने प्रसन्न होकर उन्हें अखण्ड यश एवं ध्रुव लोक का अमर स्थान प्रदान किया।

आचार्य श्री ने श्रद्धालुओं से कहा कि प्रभु के दर्शन और कृपा प्राप्त करने के लिए मनुष्य को सत्संग, सेवा और सुमिरन में निरंतर लीन रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि सबसे पहले स्वयं को सच्चा मानव बनाने का प्रयास करना चाहिए। यदि मनुष्य इस कार्य में सफल हो जाता है, तो जीवन की अनेक कठिनाइयों पर विजय प्राप्त कर सकता है।

उन्होंने कहा कि कुसंगति की अपेक्षा अकेले रहना कहीं अधिक उत्तम है, क्योंकि संगति का प्रभाव मनुष्य के विचारों और जीवन दोनों पर पड़ता है।

कल धूमधाम से मनाया जाएगा श्रीकृष्ण जन्मोत्सव

कथा के दौरान आचार्य श्री ने श्रद्धालुओं को आगामी दिवस के विशेष आयोजन की जानकारी देते हुए बताया कि कल श्रीकृष्ण जन्मोत्सव एवं नन्दोत्सव का विशेष महोत्सव धूमधाम से मनाया जाएगा। इस अवसर पर कथा प्रांगण में भक्ति एवं उत्सव का विशेष वातावरण रहेगा।

आयोजकों ने समस्त कथा प्रेमी श्रद्धालुओं से सपरिवार पधारकर श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का आनंद लेने एवं कथा श्रवण करने का सादर आग्रह किया है।

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