नमस्कार 🙏 हमारे न्यूज पोर्टल - मे आपका स्वागत हैं ,यहाँ आपको हमेशा ताजा खबरों से रूबरू कराया जाएगा , खबर और विज्ञापन के लिए संपर्क करे +91 97541 60816 ,हमारे यूट्यूब चैनल को सबस्क्राइब करें, साथ मे हमारे फेसबुक को लाइक जरूर करें , 🙏 क्या आप जानते हैं? एक लाख श्लोकों वाले महाभारत को अधूरा न रहने देने के लिए भगवान गणेश ने अपने शरीर के किस अंग का त्याग किया था? 🙏 – पर्दाफाश

पर्दाफाश

Latest Online Breaking News

🙏 क्या आप जानते हैं? एक लाख श्लोकों वाले महाभारत को अधूरा न रहने देने के लिए भगवान गणेश ने अपने शरीर के किस अंग का त्याग किया था? 🙏

😊 कृपया इस न्यूज को शेयर करें😊

🙏 क्या आप जानते हैं? एक लाख श्लोकों वाले महाभारत को अधूरा न रहने देने के लिए भगवान गणेश ने अपने शरीर के किस अंग का त्याग किया था? 🙏

महर्षि वेदव्यास ने अपने दिव्य ज्ञान और तपोबल से धर्म, नीति, ज्ञान और कुरुक्षेत्र के महायुद्ध को समेटते हुए महान ग्रंथ महाभारत की रचना की। किंतु समस्या यह थी कि इतने विशाल ग्रंथ को उनके मुख से निकलते श्लोकों की गति से लिखने वाला कोई साधारण मनुष्य नहीं था।

तब ब्रह्माजी के सुझाव पर महर्षि वेदव्यास ने भगवान श्री गणेश का आह्वान किया।

गणेश जी ने महाभारत लिखने की सहमति दी, लेकिन एक शर्त रखी—

“मेरी लेखनी एक बार चलने के बाद बीच में रुकनी नहीं चाहिए।”

व्यास जी ने भी अपनी बुद्धिमत्ता का परिचय देते हुए शर्त रखी—

“आप प्रत्येक श्लोक का अर्थ पूरी तरह समझने के बाद ही उसे लिखेंगे।”

गणेश जी सहमत हो गए और महाभारत का लेखन आरंभ हुआ।

व्यास जी तीव्र गति से श्लोक बोलते गए और गणेश जी लगातार उन्हें लिपिबद्ध करते गए। कहा जाता है कि जब भी व्यास जी को अगले श्लोकों की रचना के लिए समय चाहिए होता, वे अत्यंत गूढ़ श्लोक बोलते, जिनका अर्थ समझने में गणेश जी को कुछ समय लगता।

लेकिन एक दिन लेखन के दौरान गणेश जी की लेखनी टूट गई।

अब यदि वे रुकते, तो उनकी अपनी शर्त टूट जाती और महाभारत का लेखन अधूरा रह सकता था।

तभी गणेश जी ने अद्भुत त्याग का परिचय दिया। उन्होंने अपने एक दांत को तोड़कर उसे ही लेखनी बना लिया और बिना रुके महाभारत का लेखन जारी रखा।

इसी अद्भुत त्याग के कारण भगवान गणेश को “एकदंत” कहा जाता है। 🕉️🙏

यह कथा हमें सिखाती है कि ज्ञान, धर्म और महान संकल्प के मार्ग में आने वाली बाधाओं के सामने कभी हार नहीं माननी चाहिए।

🚩 जय श्री गणेश!
🕉️ जय श्री कृष्ण!
🙏 गणपति बप्पा मोरया! 🙏

Whatsapp बटन दबा कर इस न्यूज को शेयर जरूर करें 

Advertising Space


स्वतंत्र और सच्ची पत्रकारिता के लिए ज़रूरी है कि वो कॉरपोरेट और राजनैतिक नियंत्रण से मुक्त हो। ऐसा तभी संभव है जब जनता आगे आए और सहयोग करे.

Donate Now

लाइव कैलेंडर

October 2026
M T W T F S S
 1234
567891011
12131415161718
19202122232425
262728293031