अविवाहित बेटी की पढ़ाई, देखभाल और शादी का खर्च उठाना पिता की ज़िम्मेदारी :- हाईकोर्ट
|
😊 कृपया इस न्यूज को शेयर करें😊
|
अविवाहित बेटी की पढ़ाई, देखभाल और शादी का खर्च उठाना पिता की ज़िम्मेदारी :- हाईकोर्ट

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में स्पष्ट कहा कि पिता अपनी अविवाहित बेटी के
भरण-पोषण, शिक्षा और विवाह खर्च से पीछे नहीं हट सकता।
अदालत ने कहा कि भारतीय सामाजिक और कानूनी व्यवस्था में
कन्या की जिम्मेदारी पूर्णतः पिता की मानी जाती है, और बेटी के होने पर यह जिम्मेदारी समाप्त नहीं होती।
यह फैसला उस याचिका पर आया, जिसमें एक शिक्षक पिता ने
25 वर्षीय अविवाहित बेटी को भरण-पोषण देने के आदेश को चुनौती दी थी।
हाईकोर्ट ने फैमिली कोर्ट के आदेश को सही ठहराया और कहा-
बेटी बोझ नहीं, पिता की ज़िम्मेदारी और सम्मान है।
|
Whatsapp बटन दबा कर इस न्यूज को शेयर जरूर करें |
Advertising Space





