खरसिया नगरपालिका के प्लेसमेंट कर्मचारियों की फीकी रहेगी दशहरा, एक माह का वेतन बकाया…
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खरसिया नगरपालिका के प्लेसमेंट कर्मचारियों की फीकी रहेगी दशहरा, एक माह का वेतन बकाया

सफाई ठेकेदार दादू बघेल ने भुगतान नहीं होने की बात स्वीकारी, सीएमओ नीतू अग्रवाल बोलीं— समय पर भुगतान की जिम्मेदारी ठेकेदार की
खरसिया। दशहरा पर्व पर जहां चारों ओर उत्साह और खुशियों का माहौल है, वहीं खरसिया नगरपालिका में कार्यरत प्लेसमेंट सफाई कर्मचारियों के चेहरों पर मायूसी छाई हुई है। नवरात्रि पर्व के दौरान नगर की साफ-सफाई व्यवस्था को दुरुस्त रखने में दिन-रात जुटे स्वच्छता दूतों एवं स्वच्छता दीदियों को अब तक पिछले माह का वेतन नहीं मिला है। ऐसे में त्योहार के बीच उनके सामने आर्थिक परेशानी खड़ी हो गई है।
नवरात्रि में सफाई व्यवस्था संभालने वालों को वेतन का इंतजार
खरसिया नगरपालिका के टाउन हॉल प्रांगण में नवरात्रि के समय से मीना बाजार का संचालन किया जा रहा है। इस दौरान नगर की साफ-सफाई व्यवस्था बनाए रखने वाले सफाई कर्मचारियों ने पूरी मेहनत से अपना दायित्व निभाया। लेकिन विडंबना यह है कि नगर को स्वच्छ रखने वाले इन्हीं कर्मचारियों को दशहरा पर्व पर अपने मेहनताने के लिए इंतजार करना पड़ रहा है।
नपा उपाध्यक्ष ने सीएमओ से जानकारी लेने की कही बात
प्लेसमेंट कर्मचारियों के वेतन भुगतान के संबंध में जब नगरपालिका उपाध्यक्ष बंटी सोनी से जानकारी ली गई, तो उन्होंने मुख्य नगरपालिका अधिकारी (सीएमओ) से जानकारी लेकर बताने की बात कही।
वहीं, सफाई प्लेसमेंट ठेकेदार दादू बघेल से भुगतान की स्थिति के संबंध में पूछे जाने पर उन्होंने वेतन भुगतान नहीं होने की बात स्वीकार की।
सीएमओ बोलीं— समय पर भुगतान की जिम्मेदारी ठेकेदार की
इस मामले में नगरपालिका की मुख्य नगरपालिका अधिकारी नीतू अग्रवाल ने कहा कि ठेकेदार की जिम्मेदारी है कि कर्मचारियों को समय पर भुगतान किया जाए। सीएमओ के इस बयान के बाद कर्मचारियों के बकाया वेतन भुगतान को लेकर ठेकेदार की जवाबदेही महत्वपूर्ण हो गई है।
त्योहार के समय वेतन नहीं मिलने से कर्मचारियों में मायूसी
बताया जा रहा है कि शासन से भुगतान में विलंब होने की स्थिति में भी नगरपालिका की व्यवस्था के तहत प्लेसमेंट ठेकेदारों को तीन माह तक कर्मचारियों के भुगतान की जिम्मेदारी निभानी होती है। ऐसे में कर्मचारियों को समय पर वेतन नहीं मिलने से भुगतान व्यवस्था और ठेकेदार की जवाबदेही पर सवाल उठ रहे हैं।
नगर की स्वच्छता व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले कर्मचारियों को त्योहार के समय वेतन नहीं मिलना चिंता का विषय है। समय पर मेहनताना नहीं मिलने से कर्मचारियों और उनके परिवारों की दशहरा पर्व की खुशियों पर असर पड़ रहा है।
सवाल यह है कि आखिर कब मिलेगा मेहनत का पैसा?
नगरपालिका की स्वच्छता व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने वाले कर्मचारियों को अपने ही मेहनताने के लिए इंतजार क्यों करना पड़ रहा है? जब समय पर भुगतान की जिम्मेदारी ठेकेदार की है, तो कर्मचारियों को अब तक वेतन क्यों नहीं मिला? क्या बकाया वेतन का भुगतान दशहरा पर्व के पहले हो पाएगा?
अब देखना होगा कि नगरपालिका प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और प्लेसमेंट कर्मचारियों को उनका बकाया वेतन कब तक मिल पाता है।
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