🎭 राज्यपाल रमेन डेका के करकमलों से 41वें चक्रधर समारोह का भव्य आगाज महाराजा चक्रधर सिंह की विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचा रहा चक्रधर समारोह : राज्यपाल
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🎭 राज्यपाल रमेन डेका के करकमलों से 41वें चक्रधर समारोह का भव्य आगाज
महाराजा चक्रधर सिंह की विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचा रहा चक्रधर समारोह : राज्यपाल

📍 रायगढ़ | 14 सितंबर 2026
संगीत, नृत्य और कला की समृद्ध परंपरा से सराबोर रायगढ़ की धरती पर सोमवार को 41वें अंतर्राष्ट्रीय चक्रधर समारोह का भव्य शुभारंभ हुआ। राज्यपाल श्री रमेन डेका ने महाराजा चक्रधर सिंह की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर समारोह का विधिवत आगाज किया।
राज्यपाल श्री डेका ने कहा कि चक्रधर समारोह केवल कला प्रस्तुतियों का मंच नहीं, बल्कि महाराजा चक्रधर सिंह की कला-साधना और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम है।
उन्होंने कहा कि महाराजा चक्रधर सिंह ने राजसिंहासन से अधिक महत्व कला को दिया। कलाकारों को संरक्षण देने के साथ उन्होंने संगीत, नृत्य और साहित्य को जनजीवन से जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य किया। उनकी कृतियां ‘नर्तन सर्वस्व’, ‘तालतोय निधि’ और ‘राग रत्न मंजूषा’ आज भी भारतीय कला-साहित्य की अमूल्य धरोहर हैं।
राज्यपाल ने कहा कि रायगढ़ घराने के कथक ने देश ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। चक्रधर समारोह अब केवल शासकीय आयोजन नहीं, बल्कि रायगढ़ की सांस्कृतिक धड़कन बन चुका है।
🇮🇳 विकास के साथ विरासत का संरक्षण जरूरी
राज्यपाल ने कहा कि औद्योगिक विकास के साथ अपनी सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण भी उतना ही आवश्यक है। पंथी, राउत नाचा, भरथरी, सुआ, करमा सहित छत्तीसगढ़ की लोक एवं आदिवासी कलाएं हमारी सांस्कृतिक विविधता की पहचान हैं।
उन्होंने कहा कि अपनी जड़ों से जुड़ाव पिछड़ापन नहीं, बल्कि हमारी पहचान और ताकत है। चक्रधर समारोह अतीत की गौरवशाली विरासत को याद करने के साथ उसे आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण प्रयास है।
📚 चक्रधर सिंह के ग्रंथों के संरक्षण पर जोर
राज्यसभा सांसद श्री देवेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि महाराजा चक्रधर सिंह केवल शासक नहीं, बल्कि भारतीय कला और संस्कृति के महान संरक्षक थे। उनकी रचनाएं भारतीय संगीत एवं कला जगत की अमूल्य धरोहर हैं।
उन्होंने बताया कि महाराजा चक्रधर सिंह की महत्वपूर्ण रचनाओं एवं ग्रंथों के संरक्षण और प्रकाशन का विषय उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के समक्ष रखा है, जिस पर प्रधानमंत्री ने विशेष रुचि दिखाई है। उन्होंने विश्वास जताया कि इन अमूल्य ग्रंथों के प्रकाशन की दिशा में महत्वपूर्ण पहल होगी।
🎶 रायगढ़ की सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक
लोकसभा सांसद श्री राधेश्याम राठिया ने कहा कि चक्रधर समारोह रायगढ़ की गौरवशाली सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक है। महाराजा चक्रधर सिंह ने संगीत और नृत्य के क्षेत्र में रायगढ़ को जो समृद्ध विरासत दी, उसे आगे बढ़ाने में यह समारोह महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
🏆 कलाकारों का हुआ सम्मान
समारोह के शुभारंभ अवसर पर राज्यपाल ने प्रस्तुति देने वाले कलाकारों का सम्मान किया। पद्मश्री डॉ. उषा बारले, पद्मश्री श्री अनुज शर्मा सहित अन्य कलाकारों एवं कला गुरु स्वर्गीय वेदमणि सिंह ठाकुर के शिष्यों ने शानदार प्रस्तुतियां दीं।
कलाकारों की प्रस्तुतियों ने रामलीला मैदान को कला, संगीत और संस्कृति के रंग में रंग दिया।
14 से 23 सितंबर तक रामलीला मैदान में चलने वाले इस अंतर्राष्ट्रीय समारोह में देश-प्रदेश के ख्यातिप्राप्त कलाकारों के साथ स्थानीय प्रतिभाएं भी गायन, वादन, नृत्य और लोककला की प्रस्तुतियां देंगी।
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती शिखा रविन्द्र गबेल, नगर निगम महापौर जीवर्धन चौहान, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशिमोहन सिंह, सभापति डिग्री लाल साहू सहित जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, कलाकार, कला प्रेमी और बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।
🎭 रायगढ़ की धरती पर फिर गूंजेगी घुंघरुओं की झंकार, तबले की थाप और कला की अनूठी विरासत…
जय हो महाराजा चक्रधर सिंह की कला-साधना की। 🙏
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