🕉️ मानवता की शिक्षा देती है श्रीमद्भागवत कथा, कथा श्रवण से जीवन को मिलता है सही मार्ग 🚩… आचार्य मृदुल शास्त्री
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🕉️ मानवता की शिक्षा देती है श्रीमद्भागवत कथा, कथा श्रवण से जीवन को मिलता है सही मार्ग 🚩

खरसिया में निकली भव्य शोभायात्रा, माताओं-बहनों ने बढ़-चढ़कर लिया हिस्सा; आचार्य मृदुल कृष्ण जी महाराज ने प्रथम दिवस कथा में बताया मानव जीवन का लक्ष्य
खरसिया। अजित सिंह नगर, कन्या भवन के पास खरसिया में गर्ग परिवार बहु झोलरीवाले द्वारा आयोजित विशाल श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का भव्य शुभारंभ धार्मिक एवं भक्तिमय वातावरण में हुआ। कथा के शुभारंभ से पूर्व नगर में विशाल शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं, माताओं एवं बहनों ने हर्षोल्लास के साथ सहभागिता की। शोभायात्रा के दौरान पूरा क्षेत्र भगवान श्रीकृष्ण के जयकारों और भक्ति गीतों से गूंज उठा।
कथा स्थल पर पहुंचने के बाद विधि-विधान से श्रीमद्भागवत महापुराण का पूजन किया गया। इसके पश्चात कथा व्यास परम श्रद्धेय आचार्य गोस्वामी श्री मृदुल कृष्ण जी महाराज ने प्रथम दिवस की कथा का शुभारंभ करते हुए श्रद्धालुओं को श्रीमद्भागवत के आध्यात्मिक एवं मानवीय संदेश से परिचित कराया।
🌺 प्रत्येक प्रसंग देता है मानवता का संदेश : आचार्य मृदुल कृष्ण जी महाराज
आचार्य श्री मृदुल कृष्ण जी महाराज ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा केवल धार्मिक ग्रंथ का श्रवण मात्र नहीं है, बल्कि यह मनुष्य को जीवन जीने की सही दिशा प्रदान करने वाली अमृतधारा है। कथा का प्रत्येक प्रसंग हमें मानवता की शिक्षा देता है और यह बताता है कि हमारा जीवन किस मार्ग पर चले, जिससे हम अपने परम लक्ष्य की प्राप्ति कर सकें।
उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत मनुष्य को केवल मानवता ही नहीं सिखाती, बल्कि मानवता के साथ वैष्णवता और भगवत्ता का पात्र बनने की प्रेरणा भी देती है। जब मनुष्य के भीतर सद्भाव, सेवा, करुणा, प्रेम और भगवान के प्रति समर्पण का भाव जागता है, तभी उसका जीवन सार्थक होता है।
🌿 जन्म लेते ही वन की ओर निकल पड़े श्री शुकदेव जी
महापुराण के प्रारंभिक प्रसंगों का वर्णन करते हुए आचार्य जी ने श्री शुकदेव जी महाराज की महिमा का वर्णन किया। उन्होंने बताया कि श्री शुकदेव जी ने जन्म लेते ही घर से वन की राह पकड़ ली और भगवान की आराधना में लीन हो गए।
आचार्य जी ने कहा कि उनकी साधना और भगवान के प्रति उनकी ऐसी निष्ठा थी कि उन्हें भागवत और भगवान दोनों की प्राप्ति हो गई। यह प्रसंग मनुष्य को त्याग, साधना, भक्ति और परमात्मा के प्रति पूर्ण समर्पण का संदेश देता है।
🕯️ करोड़ों सूर्यों के समान प्रकाश चाहिए हृदय के अंधकार को मिटाने के लिए
कथा के दौरान आचार्य श्री ने शौनकादि ऋषियों और श्री सूत जी महाराज के संवाद का अत्यंत भावपूर्ण वर्णन किया।
उन्होंने बताया कि अठासी हजार शौनकादि ऋषियों ने सूत जी महाराज से ऐसी कथा सुनाने की प्रार्थना की, जो मानव के हृदय में व्याप्त अंधकार को दूर कर सके। ऋषियों ने कहा कि संसार में मानव के हृदय में जितना अंधकार है, उतना कहीं और नहीं है, इसलिए उस अंधकार को मिटाने के लिए करोड़ों सूर्यों के समान प्रकाश की आवश्यकता है।
इस पर सूत जी महाराज ने कहा कि आपका यह प्रश्न केवल आपके कल्याण के लिए नहीं, बल्कि समस्त संसार के कल्याण के लिए है।
आचार्य जी ने समझाया कि श्रीमद्भागवत ऐसी कथा है, जो मनुष्य को संसार की आसक्ति से निवृत्ति और परमात्मा की ओर प्रवृत्ति प्रदान करती है। परमात्मा की ओर प्रवृत्त होना ही मानव जीवन का वास्तविक लक्ष्य है।
🎶 भजन पर झूम उठे श्रद्धालु
कथा के दौरान जब भक्ति भाव से “बूटी हरी के नाम की, सबको पिला के पी…” भजन की मधुर प्रस्तुति हुई तो कथा पंडाल भक्तिरस में डूब गया। बड़ी संख्या में मौजूद श्रद्धालु भक्ति में भाव-विभोर होकर झूम उठे।
पूरे कथा परिसर में भगवान श्रीकृष्ण के जयकारे गूंजते रहे और श्रद्धालुओं ने कथा श्रवण कर आध्यात्मिक आनंद की अनुभूति की।
🚩 सात दिनों तक बहेगी भक्ति की गंगा
गर्ग परिवार बहु झोलरीवाले द्वारा आयोजित इस विशाल श्रीमद्भागवत कथा को लेकर क्षेत्र के श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है। कथा के दौरान प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।
आयोजकों ने धर्मप्रेमी नागरिकों से अधिक से अधिक संख्या में कथा स्थल पहुंचकर श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण करने और भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति में सहभागी बनने का आग्रह किया है।
📍 स्थान : अजित सिंह नगर, कन्या भवन के पास, खरसिया
🙏 राधे-राधे… जय श्रीकृष्ण… 🙏
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