🚨 बड़ी खबर | सुप्रीम कोर्ट का भावुक फैसला 13 साल से कोमा में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे Harish Rana…
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🚨 बड़ी खबर | सुप्रीम कोर्ट का भावुक फैसला
13 साल से कोमा में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे Harish राणा

के मामले में Supreme Court of India ने पैसिव इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी है।
फैसला सुनाते समय सुप्रीम कोर्ट के जज JB Pardiwala भावुक हो गए और उनकी आंखों में आंसू आ गए। उन्होंने कहा – “यह हमारे लिए बेहद कठिन फैसला है, लेकिन इस लड़के को इतने अपार दुख में नहीं रखा जा सकता। हम उस स्टेज में हैं जहां अंतिम निर्णय लेना जरूरी है।”
इस मामले की सुनवाई जस्टिस JB Pardiwala और जस्टिस KV Viswanathan की बेंच ने की।
बताया गया कि 2013 में Panjab University के हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद हरीश राणा को गंभीर ब्रेन इंजरी हुई थी। तब से वह पिछले 13 सालों से बिस्तर पर हैं और उनकी हालत में कोई सुधार नहीं हुआ।
कोर्ट ने आदेश दिया है कि उन्हें All India Institute of Medical Sciences के पैलिएटिव केयर में भर्ती कर मेडिकल सपोर्ट सिस्टम हटाने की प्रक्रिया पूरी गरिमा के साथ की जाए।
सुप्रीम कोर्ट ने हरीश के परिवार की भी सराहना की और कहा कि सच्चा प्यार वही है जो सबसे कठिन समय में भी साथ निभाता है।
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