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कांग्रेस ने कहा, राज्यसभा में उप सभापति के साथ बीजेपी नेताओं की कानाफूसी क्या कोई साजिश?

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कांग्रेस ने कहा, राज्यसभा में उप सभापति के साथ बीजेपी नेताओं की कानाफूसी क्या कोई साजिश?

राज्यसभा में दो विधेयकों को ध्वनि मत से पारित करने पर कुछ सांसदों ने नारे लगाए, दस्तावेज फाड़े और स्पीकर के माइक्रोफोन को हथियाने की कोशिश की

कांग्रेस ने कहा, राज्यसभा में उप सभापति के साथ बीजेपी नेताओं की कानाफूसी क्या कोई साजिश?

नई दिल्ली: अभूतपूर्व हंगामे के बीच संसद में दो विवादास्पद कृषि बिलों (Agriculture Reform Bills) को मंजूरी दिए जाने के बाद कांग्रेस ने रविवार को राज्यसभा (Rajya Sabha) के उपसभापति की कार्रवाइयों पर सवाल उठाया. उन पर सत्तारूढ़ बीजेपी के साथ मिलीभगत करने और मत विभाजन न कराकर सदस्यों के मौलिक अधिकारों का हनन करने का आरोप लगाया. रविवार को राज्यसभा में उप सभापति हरिवंश सिंह की तूफानी कार्यवाही के बाद कांग्रेस ने कहा कि उन्होंने विपक्ष को अपनी बात कहने का मौका दिए बिना विधेयक को जल्दबाजी में पारित कर दिया. उन्हें सुझाए गए संशोधनों के लिए मतों के विभाजन की इजाजत नहीं दी.

राज्यसभा में दो विधेयकों को ध्वनि मत से पारित करने पर कुछ सांसदों ने नारे लगाए, दस्तावेज फाड़े और स्पीकर के माइक्रोफोन को हथियाने की कोशिश की. विपक्षी दलों के लगभग 47 सदस्य उप सभापति हरिवंश के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की तैयारी कर रहे हैं.

कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य केसी वेणुगोपाल ने रविवार की शाम एक समाचार ब्रीफिंग में कहा कि सदन की भावना को परे रखकर उप सभापति ने बिल को पारित करने का कदम उठाया. हमने अभी तक किसी भी सदन में ऐसा होते नहीं देखा था. उप सभापति का यह कदम हमारी समझ से बाहर है. इस तरह सदस्य के मौलिक अधिकार को छीन लिया गया है.

उन्होंने कहा कि “यह आश्चर्यजनक है, हमने देखा कि बीजेपी के सदस्य डिप्टी चेयरमैन के पास जा रहे हैं और वे डिप्टी चेयरमैन से कानाफूसी कर रहे हैं. बीजेपी नेता भूपेंद्र यादव भी डिप्टी चेयरमैन के कान में फुसफुसाए. क्या साजिश रची गई है?”

कांग्रेस ने संसद से कृषि संबंधी विधेयकों को मंजूरी मिलने के बाद रविवार को इन्हें किसानों के खिलाफ ‘मौत का फरमान’ करार दिया और दावा किया कि नियमों एवं संसदीय परंपराओं की अहवेलना करके इन विधेयकों को मंजूरी दिलाई गई. पार्टी ने यह भी कहा कि ‘लोकतंत्र विरोधी और असंसदीय व्यवहार’ के लिए विपक्षी दल राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाएंगे. कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट किया, ‘‘जो किसान धरती से सोना उगाता है, मोदी सरकार का घमंड उसे खून के आंसू रुलाता है. राज्यसभा में आज जिस तरह कृषि विधेयक के रूप में सरकार ने किसानों के ख़िलाफ़ मौत का फरमान निकाला, उससे लोकतंत्र शर्मिंदा है.”

पार्टी के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘ आज भारतीय लोकतंत्र के लिए काला दिन है. जिस तरह से सरकार ने किसान विरोधी विधेयक पारित कराया वह नियम और परंपरा के विरूद्ध है. सरकारी ने स्थापित संसदीय प्रक्रियाओं, नियमों और परंपराओं को ध्वस्त कर दिया.” उन्होंने कहा, ‘‘विपक्षी दलों ने सर्वसम्मति से फैसला किया कि इन विधेयकों को पारित कराने के लिए लोकतंत्र विरोधी और असंसदीय व्यवहार करने के लिए राज्यसभा के उप सभापति के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया जाएगा. उनका व्यवहार सदस्यों के विशेषाधिकार का हनन के दायरे में आता है.”

पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने आरोप लगाया, ‘‘प्रधानमंत्री देश से झूठ बोल रहे हैं. वह किसान विरोधी हैं. वह खेती पर आक्रमण कर रहे हैं.” उन्होंने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री ने तीनों विधेयकों को किसान के पक्ष में बताया. मोदी जी बताइए कि किसान को एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) कौन और कैसे देगा? क्या एफसीआई (भारतीय खाद्य निगम) 15.50 करोड़ किसानों के खेत से एमएसपी पर फसल ख़रीद सकती है? आपने क़ानून में एमएसपी पर फसल ख़रीद की गारंटी क्यों नहीं दी? क्या आढ़ती-मज़दूर फसल बेचने में मददगार है, या बंधन?”

 

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