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पर्दाफाश

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*🎯आखिर ये कलेक्टर-एसपी जैसे नौकरशाह, खुद को क्यों समझते है लोगों के भाग्य निर्माता…❓❓लाखों परिवार इनके गलत रवैये और दुर्भावना से हो जाते हैं बर्बाद- भूपेंद्र वैष्णव*

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*🇮🇳🎯सत्यमेव जयते🎯🇮🇳*

दोस्तों नमस्कार, कल सूरजपुर में एक युवक को जिस तरीके से कलेक्टर ने न सिर्फ मारा बल्कि उसका मोबाईल भी तोड़ दिया । उक्त घटना का वीडियो सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हुआ उसके 1 दिन बाद हमारे सूबे के मुख्यमंत्री आदरणीय भूपेश बघेल जी ने उन्हें तत्काल सूरजपुर कलेक्टर के पद से हटाकर उनके स्थान पर रायपुर जिला पंचायत के सीईओ गौरव सिंह को नए कलेक्टर के रूप में भेजा। कम से कम इस घटना के बहाने एकबार फिर से छत्तीसगढ़ की चर्चा देश के मीडिया में हुआ। कुछ लोग कलेक्टर के अटैचमेंट को पुरुस्कार कह रहे है। जहां कलेक्टर के उक्त व्यवहार की निंदा स्वयं IAS संगठन ने भी किया है। युवक को उसके मोबाईल के बदले नया मोबाईल मिल गया तो कलेक्टर साहाब ने खुद माफीनामा का वीडियो भी जारी कर दिया। उक्त मामले में दोषी कलेक्टर के विरुद्ध FIR की मांग को लेकर युवक के परिजनों ने थाने में आवेदन भी प्रस्तुत कर दिया। उक्त पूरे घटनाक्रम में जनता एवं सोशल मीडिया की सक्रियता का परिणाम है कि आज उक्त युवक को त्वरित न्याय मिल सका है।

हालांकि उक्त आपराधिक कृत्य के लिए निश्चित तौर पर दोषी पूर्व कलेक्टर के विरुद्ध FIR दर्ज करने की मांग भी की गई है। इस पूरे घटना क्रम के बाद लंबे समय के बाद आज मुझे हमारे छत्तीसगढ़ के जागरूक नागरिको की जागरूकता के बाद उन्हें बधाई देने एवं उनको आभार व्यक्त करने लिखने का मन हुआ है। लेकिन इन सबके बीच के सवाल भी मेरा प्रदेश के आम नागरिकों एवं राजनीतिक दलों से एवं मीडिया के साथियों से पूछना चाहता हूं। कि न जाने प्रतिदिन प्रदेश में सैकड़ों हजारों कितने लोग है जो ऐसे कलेक्टरों एवं एसपी सहित अहंकारी अधिकारियों के कोप भाजन का शिकार बनते है। न जाने इनके गलत निर्णयों एवं तुगलकी फरमानों से कितने हजारों लाखों लोगों का परिवार बर्बाद हो जाता है। लेकिन उनकी आवाज को न ही कोई सोशल मीडिया उठाती है न ही प्रिंट मीडिया न ही इलेक्ट्रॉनिक मीडिया आज मैं उस सिटीजन रिपोर्टर को सैल्यूट करता हूँ जिसने उक्त घटना क्रम का वीडियो बनाया एवं वायरल किया । क्योंकि अगर निश्चित तौर पर कोई इलेक्ट्रॉनिक अथवा प्रिंट मीडिया के हमारे साथी मौके पर होते तो शायद ही उक्त घटना क्रम को उजागर करने की हिम्मत कर पाते क्योंकि पीआरओ एवं डीएसआर की खबर छापते-छापते एवं उनकी चाय पीते पीते उनकी कलम एवं कैमरे इतने कमजोर हो चले हैं कि आज हजारों लाखों सच्ची खबरों एवं घटनाओं की हकीकत जानने के बाद भी सच लिखने अथवा दिखाने की उनकी हिम्मत नही हो पाती है।आज जो खबरे मीडिया की सुर्खियों में है उसका क्रेडिट अगर किसी को जाता है तो वो आम जनता एवं सोशल मीडिया को जाता है।

*🎯आखिर ये कलेक्टर-एसपी नौकरशाह, खुद को क्यों समझते है भाग्य निर्माता…❓❓*

यह सवाल मैं इसलिए पूछ रहा हूँ क्योंकि हम जिन्हें सर कहके सम्मान देतें है वो उनकी कुर्सी है जो कलेक्टर या एसपी कहलाता है। उस कुर्सी के बिना उनकी कोई औकात नही है उसका अहसास उन्हें रिटायमेंट या निलंबन के बाद हो जाता है। जी हां आज कानून के पालन एवं जनता के हितों की रक्षा की जिम्मेदारी इनके कंधों पर है किंतु आज विगत 1 वर्ष से कोरोना महामारी की मार झेल रहे भारत देश एवं छत्तीसगढ़ राज्य में ऐसे हजारों परिवार है जिनको ऐसे अधिकारियों एव नेताओ के अहम के कारण भीषण महामारी काल मे भीषण त्रासदी झेलना पड़ रहा है।

*🎯19 अप्रेल 2020 से आजतक ऐसे ही कलेक्टर एसपी के व्यक्तिगत दुर्भावना का दंश झेल रहा वैष्णव दम्पत्ति(पत्रकार) परिवार खरसिया महामारी काल मे मासूमो को किया पिता से अलग🎯*

जी हां विगत 10 वर्षों से भी अधिक समय से रायगढ़ जिला में अपनी बेबाक खबरों के लिये अपनी पहचान बना चुके भूपेंद्र वैष्णव-आरती वैष्णव एवं उनके दो बच्चे कु.अवनि वैष्णव 13 वर्ष, अमन वैष्णव 11 वर्ष लगातार प्रसासनिक आतंकवाद का शिकार है। गत लॉक डाउन के समय खरसिया विधानसभा क्षेत्र में लगातार आम जनता के साथ राशन की कालाबाजारी,शराब माफियाओं एवं कोयला माफियाओं , जुआ एवं सट्टा माफियाओं के खिलाफ खबर लिखने पर रायगढ़ पुलिस कप्तान संतोष सिंह के निर्देश पर 19 अप्रेल 2020 को नोटिस देकर खरसिया पुलिस चौकी में बुलाकर खरसिया चौकी प्रभारी नंदकिशोर गौतम,थाना प्रभारी सुमत राम साहू,एसडीओपी पीताम्बर पटेल के द्वारा माफियाओं के विरुद्ध खबर लिखने पर हम दोनों पति पत्नी एवं हमारे बच्चों पर लगातार प्रताड़ना का दौर आजतक जारी है।

*🎯21 अप्रेल 2020 को हमारे पुत्र अमन के जन्मदिन* पर हम सपरिवार लॉक डाउन के नियमो का पालन करते हुए अपने घर पर पूजा आदि कार्य कर रहे थे किंतु हमारे विरुध्द 24 अप्रेल को एक जुआ फड़ संचालक के झूठी शिकायत पर विभिन्न झूठे मामलों में FIR दर्ज किया गया। 2 एवं 3 मई 2020 को हमदोनो को सैकड़ो की संख्या में पुलिस बल बुलाकर गिरफ्तार किया गया । मुझे रातभर थाने में बिठाकर कोयले का कारोबार करने एवं स्थानीय विधायक मंत्री से माफी मांगने प्रताड़ित किया गया। उक्त पुलिस वालों की बात नही मानने पर मेरे विरुद्ध लॉकडाउन उलनङ्घ्न का फर्जी मामला बनाया गया। मुझे 100 पुलिस वालों के द्वारा हथकड़ी लगाकर बकायदा आतंकवादियों की तरह खरसिया में घुमाया गया । पुलिस ने पैसे देकर अपना जयजयकार के नारे लगवाए। मुझे हथकडी लगवा के खरसिया शहर में घुमाते वीडियो वायरल कराया गया। मेरे विरुद्ध पुलिस स्टॉफ से मारपीट का तीसरा झूठा FIR दर्ज कराया गया। हमारे दोनो बच्चो को कोरोना काल मे बिना किसी अभिभावक के सुपुर्दनामा में दिए भूखे मरने छोड़ दिया गया। 3 दिन तक हमारे बच्चे भूखे प्यासे रहे। हमदोनो को जेल भेजने के बाद भी जब उक्त एसपी का मन नही भरा तो अपने आका को खुश करने हमारे विरुद्ध 10 साल पहले कोई झूठी शिकायत बताकर एक ओर मामला दर्ज किया गया। हमको 4 माह तक जेल में प्रताड़ना दिलवाया गया। ख़ुद एसपी रायगढ़ 2 बार हमें प्रताड़ित करने का आदेश देने जेल गए । 4 माह तक कोरोना काल मे हमारा परिवार भुगतने मजबूर रहा। अब जब हमलोगों के द्वारा सभी केशों को न्यायालयीन कार्यवाही पर भरोसा करके केश लड़ने लगे । तो रायगढ़ के वर्तमान कलेक्टर भीमसिंह को वर्तमान रायगढ़ एसपी द्वारा झूठा जिला बदर कार्यवाही का प्रतिवेदन पेश किया गया।

*🎯रायगढ़ एसपी के दबाव में फर्जी प्रतिवेदन के साथ, कलेक्टर ने दिया जिला बदर का आदेश*
9 दिसम्बर 2020 को 12 बजे अचानक 2 पुलिस आरक्षक 1 महिला आरक्षक मेरे घर पहुंचे एवं मुझे जिला बदर का नोटिस थमाया जबकि 7 दिसम्बर को मेरा पेशी ही नही हुआ था उसदिन मंत्रियों का रायगढ़ दौरा कार्यक्रम था। मैंने उक्त आदेश को रायपुर मंत्रालय में चुनौती दिया । किंतु मुझे लगातार जान से मरवाने का साजिस एवं षड्यंत्र किया जाने लगा मुझे जानकारी मिलते ही मैने मुख्य सचिव छग शासन एवं डीजीपी छग पुलिस ,पुलिस शिकायत सेल में लिखित शिकायत मय शपथ पत्र प्रस्तुत किया । तब से लेकर अबतक मतलब 19 अप्रैल 2020 से लेकर 24 मई 2021 तक मुझे एवं मेरे परिवार को लगातार रायगढ़ पुलिस अधि. संतोष कुमार सिंह एवं कलेक्टर भीम सिंह के द्वारा प्रताड़ित किया जा रहा है। इतना ही नही हमदोनो को पत्रकारिता नही करने देने सहित मेरा वकालत लॉयसेंस निरस्त कराने तक के लिए स्थानीय बार,जिला बार,राज्य विधिक परिषद को फर्जी पत्रों के आधार पर पत्रचार करते हुए हमदोनो को प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में बदनाम करने घोर षड्यंत्र किया है।

हमारे हत्या तक कि साजिस की जा चुकी है। लेकिन हम विगत 1 वर्षों से लगातार 2 बार लाक डाउन महामारी काल मे पूरा परिवार आर्थिक, मानसिक,सामाजिक रूप से प्रताड़ित होते आ रहे हैं। हमें हमने प्रदेश के विभिन्न पत्रकार एवं अधिवक्ता संगठनों सहित स्थानीय विधायक, मंत्री,सांसद, एवं पुलिस मुख्यालय ,राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग तक को पत्र लिखा किंतु हमे कहीं से भी न्याय नही मिल सका इतनी बड़ी आपदा में मेरा परिवार खरसिया में सीमित साधनों के बीच मेरे अनुपस्थिति में गुजर बसर कर रहे है परिवार के कमाने वाले व्यक्ति को परिवार से अलग कर प्रताड़ित कर ये बहुत खुश हैं, मेरा परिवार मेरे बगैर 5 माह से गुजर बसर करने मजबूर है।लेकिन फिर भी हमे न्याय पालिका पर पूर्ण भरोसा है। हमारे 3 मोबाईल फोन कीमत लगभग 1 लाख, 1 मोटर सायकल वाहन कीमत लगभग 1 लाख सहित 1 वीडियो कैमरा लगभग 1 लाख एवं माईक आईडी सहित समस्त जरूरी दस्तावेज पैन कार्ड,आधार कार्ड,ड्रायविंग लॉयसेंस,आयुष्मान कार्ड, अधिवक्ता लॉयसेंस,आदि को जबरन कपट पूर्वक हमारी पत्रकारिता एवं भरण पोषण के कार्यों को पूर्णतः बंद करने के उद्देश्य से जब्त कराया गया है। जो कि अप्राप्त है। हमारे ऊपर लाखों रुपयों का कर्ज भी हो चुका है। किंतु हमलोगो को न्यायपालिका पर पूर्ण भरोसा है।भरोसा है ईश्वर पर।

*🎯रायगढ़ एसपी सन्तोष सिंह के आपराधिक षड्यंत्र के विरुद्ध दायर किया परिवाद*
रायगढ़ एसपी सन्तोष सिंह द्वारा अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर मेरा वक़ालत लॉयसेंस निरस्त करने झूठा फर्जी मनगढ़ंत पत्र स्टेट बार को लिखा था जिसके विरुद्ध हमारे द्वारा fir दर्ज कराने के लिए स्थानीय थाने में आवेदन प्रस्तुत करने एवं कार्यवाही नही करने पर न्यायालय में परिवाद दायर किया गया है। तब से लेकर अबतक हमे अनेको बार शिकायत परिवाद वापस लेने धमकी दिया जा चुका है। किंतु हमदोनो एवं हमारा परिवार हर जोर जुल्म के टक्कर में संघर्ष हमारा नारा है के साथ लगातार न्याय प्राप्ति के लिए सीमित संसाधनों के बाद भी अनवरत प्रयासरत है। हमने सभी संगठनों से व्यक्तिगत सामूहिक सहयोग मांगा लेकिन कोई भी संगठन अथवा व्यक्ति हमारे सहयोग के लिए आगे नही आया फिर भी हमलोगों का पूरा परिवार हमारे ईस्ट देवताओं एवं अपने बड़े बुजुर्गों के आशीर्वाद से लगातार न्याय प्राप्ति की यात्रा में लगातार बढ़ रहे हैं निश्चित तौर पर देर ही सही लेकिन अंततः जीत सत्य की ही होगी ।गलत के खिलाफ आवाज उठाते ही रहेंगे जैसे उठाते आएं हैं।

*🇮🇳सत्यमेव जयते🇮🇳*

*🎯✒️भूपेंद्र वैष्णव ( अधिवक्ता) & ✒️आरती वैष्णव सामाजिक कार्यकर्ता एवं पत्रकार-खरसिया, जिला रायगढ़*

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