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पर्दाफाश

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*🎯ऐसे बचेंगी और आगे बढ़ेगी रायगढ़ जिले में मासूम बेटियां।अनाचार की शिकायत करने पर भी नही लिखी गई रिपोर्ट!बेटी बचाओ और बेटी पढ़ाओ के दावों की एकबार फिर खुली पोल।

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*🎯Big breking kharsia🎯*

 

*🎯ऐसे बचेंगी और आगे बढ़ेगी रायगढ़ जिले में मासूम बेटियां।अनाचार की शिकायत करने पर भी नही लिखी गई रिपोर्ट!*

*🎯अति संवेदनशील मामलो पर भी पुलिस क्यों नही गम्भीर 8 वर्ष की मासूम के साथ अनाचार का प्रयास।*

*🎯पुलिस अधीक्षक रायगढ़ ने नही उठाया मासूम बच्ची के माता पिता का फोन।*

 

 

यूं तो रायगढ़ जिला से ही बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान की शुरुवात हुई और पुरे देश मे बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का आंदोलन वृहद स्तर पर चल रहा है कई अधिकारी और आईएएस आईपीएस न जाने कितने लोग इस कार्य को बेहतरी से करने के नाम पर पुरस्कृत भी हो रहें तो कही पर बेटियों को इस अभियान का ब्रांड एम्बेसडर बना दिया जाता है खूब सम्मान दिया जाता है,लेकिन कागज़ों के अलावा यहां कोई बेटी न बच पा रहीं है न ही स्वतंत्र रूप से बेटियां पढ़ और आगे बढ़ पा रही हैं, सारी योजनाएं, योजनाओं का क्रियान्वन सिर्फ कागजों तक ही सीमित है।

 

बेटियों को बचाने पढ़ाने आगे बढाने वाले रायगढ़ जिले में आय दिन लगातार यहां की बेटियां अपनी आबरू और मान सम्मान की लड़ाइयां लड़ती आ रही है,बेटियों को न्याय के लिए यहां से वहां दर दर भटकना पड़ रहा है,और जब वे मानसिक तनाव में आती है जब उन्हें लगता है कि हम जो सुनते थे वो सबकुछ कागजी योजनाएं है जिसे सरकार तो सही और अच्छा रूप देने तैयार करती है इन योजनाओं को लेकिन उनके नुमाइंदे ये नौकरशाह औपचारिक तौर पर चला रहे है धरातल पर ऐसा कुछ भी नही जिससे हमें न्याय मिल जाये तो मजबूरन उन्हें पीछे हटना ही पड़ जाता है क्योंकि न्याय की उम्मीद वो कहाँ से करें यहां तो थानों में बैठे कुछ दलाल रक्षक के रूप में बेटियों के इज्जत की धज्जियां उड़ाकर समझाइस का कारोबार चलाते है।समाज के कुछ दलाल हर वक्त शासकीय चौकी और थानों को अपना अड्डा बनाकर रखते है जहां से न्याय शब्द कार्यवाही जैसा शब्द विलुप्त ही हो गया है।इन जगहों पर आजकल समझौता होता है।और इसका कारण अलग अलग होता है,कोई अमीर है तो समझौता कर लो,कोई गरीब है तो समझौता कर लो,कोई रसूखदार है तो समझौता कर लो कोई आरोपी नाबालिग है तो समझौता कर लो।आखिर ये सभी स्थान समझौते का अड्डा कब बन गए ये बहुत ही चिंताजनक है।

खरसिया में आज एक बड़ा मामला सामने आया है एक आदतन  मुहल्ले वासियों की माने तो बदमाश लड़का मासूम बेटी की इज्जत को तार तार करने बहला कर खेत मे ले गया और उसके साथ अनाचार करने की कोशिश करता रहा बच्ची के शरीर से कपड़े उतारकर दुष्कर्म का कुत्सित प्रयास किया किसी तरह 8 वर्षीय मासूम ने उस लड़के का हाँथ काटकर वहां से भागने में सफल हुई लगभग 5खेतों से दौड़ते भागते वह किसी तरह घर पहुचीं और डरी सहमी बच्ची ने अपनी माँ को आपबीती बताया।तब से पूरा परिवार सहमा हुआ है और बहुत परेशान है।थाने से चौकी और चौकी से थाने घूम रहे है।

मुहल्ले के ही महिलाओं को साथ लेकर बच्ची के माता पिता चौकी खरसिया पहुँचते है वहां उन्हें घण्टो बैठाकर थाने जाने कहा जाता है थाने में 3-4 घण्टे बेठाकर फिर चौकी बुलाया जाता है,और वही 9 बजे से 11 बजे रात तक चौकी में बैठने के बाद भी सारे पहचान और नाम व घटनाक्रम बताने के बाद भी इतने संवेदनशील मामले में तत्काल fir दर्ज नही किया जाता है,दिन भर भूखी प्यासी मासूम बच्ची माँ बाप और पड़ोसियों के साथ थाने और चौकी का चक्कर काटते है और 11 बजे रात को उन्हें फिर सुबह 10 बजे आने कह दिया जाता है,क्या ऐसे बचेंगी बेटियां?

जिस बेटी के साथ गलत हुआ है वही दिन भर रात भर चौकी थानों में भूखी प्यासी बैठी रहे कि उसकी बातें सुनी जाएगी fir दर्ज किया जायेगा लेकिन ऐसा नही होता है उसे घर भेज दिया जाता है कल सुबह आओ।क्या यह इतना छोटा सा मामला है कि इसे टाला जाए या घुमाया जाए 8 वर्ष की मासूम बहुत ही डरी सहमी हुई है उसे इस कदर घसीटा गया है कि वो जमीन पर पैर भी नही रख पा रही थी।वही बच्ची की माँ ने बताया कि आरोपी मुहल्ले का ही लड़का है।

बेटियों के बारे में बड़ी बडी बाते बोलकर कोरी डींगें हाँकने वालों को जरूर सोचना चाहिए कि बेटियां सबकी बेटी ही होती है,क्या गुजर रही होगी उस मासूम के गरीब मां बाप पर आंसू थम नही रहे बेटी के भविष्य की चिंता और साथ ही सरकार के दावों और वादों की पोल खुलती हुई यहां नजर आती है जहां कार्यवाही होना चाहिए वहां आजकल समझौते होने लगे हैं।

खरसिया चौकी प्रभारी और ड्यूटीरत स्टाफ पर मासूम बेटी की मां ने गम्भीर आरोप लगाते हुए कहा है कि हमारी कोई सुनवाई नही की गई हमको दिन भर चौकी में रखकर फिर कल सुबह आने बोलकर चलता कर दिया गया है,माँ बोल पड़ी क्या ऐसे बचेंगी बेटियाँ मेरी बेटी को हमको इंसाफ चाहिए।वही बच्ची की माँ ने पर्दाफाश न्यूज को यह भी बताया कि उन्होंने पुलिस अधीक्षक  रायगढ़ को भी रात्रि 11 बजे लगभग फोन लगाया पूरे घटनाक्रम की शिकायत करने लेकिन उन्होंने ने भी फोन नही उठाया।

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