नमस्कार 🙏 हमारे न्यूज पोर्टल - मे आपका स्वागत हैं ,यहाँ आपको हमेशा ताजा खबरों से रूबरू कराया जाएगा , खबर और विज्ञापन के लिए संपर्क करे +91 97541 60816 ,हमारे यूट्यूब चैनल को सबस्क्राइब करें, साथ मे हमारे फेसबुक को लाइक जरूर करें , चीन-पाकिस्तान के ‘ठिकानों’ को तबाह करने आ रही है भारत में बनी ये मिसाइल, जानिए इसकी खासियत – पर्दाफाश

पर्दाफाश

Latest Online Breaking News

चीन-पाकिस्तान के ‘ठिकानों’ को तबाह करने आ रही है भारत में बनी ये मिसाइल, जानिए इसकी खासियत

😊 कृपया इस न्यूज को शेयर करें😊

चीन-पाकिस्तान के ‘ठिकानों’ को तबाह करने आ रही है भारत में बनी ये मिसाइल, जानिए इसकी खासियत

News

 

नई दिल्ली: भारतीय सेना की ताकत में लगातार इजाफा होता जा रहा है। भारत ने हाल ही रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर अभियान शुरू किया है। जिससे भारत रक्षा के क्षेत्र में मिसाइल, जेट और अत्याधुनिक हथियार बनाने में कामयाब होगा। स्वदेसी हथियारों के मामले में अच्छी खबर सामने आई है। स्वदेश में विकसित लेजर चालित एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल (ATGM) का गुरुवार को एक बार फिर से सफलतापूर्वक परीक्षण किया है। यह मिसाइल लंबी दूरी तक निशाना साधने में सक्षम है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस सफल उपलब्धि के लिए रक्षा अनुसंधान विकास संगठन (DRDO) को बधाई दी।

इसकी टेस्टिंग महाराष्ट्र के अहमदनगर में एमबीटी टैंक अर्जुन के जरिए केके रेंज में की गई। इससे पहले इसका ट्रायल ड्रोन पर भी सफल रहा है। यह टेस्ट 22 सितंबर को किया गया था। मंत्रालय ने कहा, “यह कई-प्लेटफॉर्म लॉन्च क्षमता के साथ विकसित किया गया है और वर्तमान में एमबीटी अर्जुन की 120 मिमी राइफल वाली बंदूक से तकनीकी मूल्यांकन परीक्षण चल रहा है।”

इस मिसाइल को डीआरडीओ के आयुध अनुसंधान और विकास प्रतिष्ठान (एआरडीई) पुणे, उच्च ऊर्जा सामग्री अनुसंधान प्रयोगशाला (एचईएमआरएल) पुणे और इंस्ट्रमेंट रिसर्च एंड डेवलपमेंट एस्टेब्लिशमेंट (आईआरडीई) देहरादून के सहयोग से विकसित किया गया है।

ये है खासियत

सितंबर में हुए टेस्ट फायर में इसने तीन किलोमीटर दूर टार्गेट को नेस्तनाबूद कर दिया था। मिसाइल के टेस्ट के बाद चीन—पाकिस्तान के आतंक के ‘ठिकानों’ को तबाह करने की तैयारी पूरी हो चुकी है। यह मिसाइल बख्तरबंद टैंकों को भी तबाह कर सकती है। मिसाइल लेजर की मदद से टारगेट को लॉक और ट्रैक कर सटीक निशाना लगा सकती है। इसे कई प्लेटफॉर्म से लॉन्च किया जा सकेगा।

फिलहाल अर्जुन टैंक से फायर कर इसे टेस्ट किया गया है। इसमें हाई एक्सप्लोसिव एंटी टैंक (एचईएटी) वॉर हेड का इस्तेमाल किया गया है। एटीजीएम को डीआरडीओ के मिसाइल डेवलपमेंट प्रोग्राम के तहत तैयार किया गया है। इसे पुणे के आर्मामेंट रिसर्च एंड डेवलपमेंट एस्टेब्लिशमेंट (एआरडीई), पुणे के ही हाई एनर्जी रिसर्च लेबोरेट्री (एचईएमआरएल) और देहरादून के इंस्ट्रूमेंट रिसर्च एंड डेवलपमेंट एस्टेब्लिशमेंट (आइआरडीई) ने मिलकर तैयार किया है।

Whatsapp बटन दबा कर इस न्यूज को शेयर जरूर करें 

Advertising Space


स्वतंत्र और सच्ची पत्रकारिता के लिए ज़रूरी है कि वो कॉरपोरेट और राजनैतिक नियंत्रण से मुक्त हो। ऐसा तभी संभव है जब जनता आगे आए और सहयोग करे.

Donate Now

लाइव कैलेंडर

April 2024
M T W T F S S
1234567
891011121314
15161718192021
22232425262728
2930