दर्द को संगीत में पिरो कर बना रहे गीत, मुरली अग्रवाल का नया एल्बम रहनुमा

खरसिया। व्यापार-व्यवसाय से कला के क्षेत्र में कदम रख चुके गीतकार मुरलीधर अग्रवाल ने बताया कि उन्हें बचपन से ही गीत संगीत में रुचि थी परंतु पारिवारिक दायित्वों ने बांधे रखा। वहीं जब जीवन में गमों का साया बढ़ते गया तो उन्होंने कागज कलम उठाई और दर्द को गीत और गजलों में उकेर कर संगीतमय एल्बम बना दिया।

नए एल्बम रहनुमा के रिलीज होने से पूर्व मुरलीधर अग्रवाल ने जीवन के उन पहलुओं को बताया जिसकी वजह से उन्होंने फिल्म इंडस्ट्रीज में कदम रखा। पारिवारिक एवं व्यावसायिक जिंदगी से उपराम होने के बाद युवावस्था में ही पत्नी के निधन हो जाने पर उन्होंने गीत की रचनाकर खुद को बहलाया। ऐसे में दो एलबम तेरी आंखें और कहता है दिल रिलीज हुए। परंतु जब युवावस्था में ही बेटा चल बसा तो दर्द ने पुनः गीत संगीत का सहारा लिया। यहीं से मुरलीधर अग्रवाल का फिल्मी सेक्टर में रुझान बढ़ता चला गया। टी सीरीज के भूषण कुमार ने उनके गीतों को पढ़ा और पसंद करते हुए कमली-कमली नामक एलबम बनाया, जो सुपरहिट रहा।

फिर गणेशा गीत एवं दुर्गा पूजा के गीत की सफलता के बाद मुरलीधर की मांग बढ़ने लगी। तब तो सोनी टीवी, नाईन-एक्स और ज़ी टीवी तक ने उन्हें अवसर दिया। ज़ी टीवी से रिलीज एलबम जिंदगी तुझसे क्या करें शिकवा की सफलता ने मुरलीधर को फिल्म इंडस्ट्री में स्थापित कर दिया। वहीं गीतकार से निर्देशन एवं निर्माण के क्षेत्र में भी अग्रवाल ने कदम रखा। रहनुमा एलबम आज17 जनवरी को रिलीज होने वाला है। जिसमें राज आसू ने संगीत दिया है, विजे भाटिया तथा साध्वी सिंह ने अभिनय किया है। मुरलीधर अग्रवाल द्वारा निर्देशित इस एलबम की निर्माता सना बजाज हैं।

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