महिला नेत्री नैना गबेल की कटी टिकट……नही लड़ेगी जिला पँचायत चुनाव…..बढ़ते राजनीतिक कद से घबरा गए क्या नेता जी….???

*⭕रायगढ़ जिला हल्लाबोल एवं जिला महिला कांग्रेस नेत्री- नैना मनोज गबेल को कांग्रेस ने नही दिया जिला पँचायत सदस्य का टिकट खरसिया क्षेत्र क्रमांक 15 से भरा था नामंकन⭕*

*⭕खरसिया नगरपालिका क्षेत्र में भी कर चुकी थी दावेदारी ग्रामीण चुनाव में टिकट का दिया था भरोसा- नही आया उमेश नंदकुमार पटेल की माँ एवं भाभी का भरोसा काम⭕*

*⭕खरसिया विधानसभा के ग्राम नावापारा से लेकर दिल्ली तक कांग्रेस का उठाया था झंडा -बीजेपी सरकार के खिलाफ खोला था मोर्चा-बदले में मिली हताशा⭕*

*⭕खरसिया/रायगढ़⭕* कहते है राजनीति में कोई किसी का सगा नही होता है राजनीति में कब किसको टिकट मिल जाये कब किसकी टिकट काट दी जाये यह कह पाना मुश्किल ही है। ऐसा ही ताजा मामला खरसिया विधानसभा क्षेत्र के जिला पंचायत क्षेत्र क्रमांक 15 में सामने आया है जब खरसिया ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष झाड़ूराम गबेल की पुत्रवधू एवं खरसिया ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष मनोज गबेल की पत्नी रायगढ़ महिला कांग्रेस की कोषाध्यक्ष एवं जिला हल्लाबोल कमेटी की जिलाध्यक्ष रह चुके खरसिया विधायक उमेश पटेल को विधानसभा चुनाव में जीत दिलाने अहम भूमिका निभाने वाली खरसिया के ग्राम नवापारा से लेकर दिल्ली के गलियारों तक कांग्रेस का झंडा बुलंद करने वाली महिला नेत्री श्रीमती नैना मनोज गबेल को ठीक नामंकन वापसी के वक्त जिला पंचायत क्षेत्र क्रमांक 15 से नाम वापस कराके कांग्रेस पार्टी के द्वारा करारा झटका दिया है। उक्त क्षेत्र से श्रीमति पूर्णिमा विजय जायसवाल को अधिकृत प्रत्यासी घोषित किया गया है।

*⭕नगरपालिका चुनाव खरसिया में भी नही दिया गया था मौका और अब जिला पंचायत सदस्य की दावेदारी भी हुई खारिज,कटी टिकट!⭕*

खरसिया- खरसिया नगरपालिका चुनाव के वक्त भी नैना गबेल का नाम सामान्य महिला सीट आरक्षित होने पर जमकर चर्चा में आया था बकायदा ग्राम पँचायत के मतदाता सूची में नाम होने के बावजूद श्रीमती नैना गबेल नाम शहरी क्षेत्र में जुड़वा के चुनाव लड़ने खूब हल्ला फैलाया गया था। किंतु जब चुनाव सीधे अध्यक्ष पद का ना होकर पार्षद के माध्यम से अध्यक्ष चुनने की बारी आई तो नयना गबेल को पार्षद तक का टिकट कांग्रेस नेताओं द्वारा यह कहकर नही दिया गया कि ग्रामीण चुनाव में श्रीमती नैना गबेल को भाग्य आजमाने मौका मिलेगा।

किन्तु श्रीमती नैना गबेल का क्षेत्र जिला पंचायत पिछड़ा वर्ग महिला के लिए आरक्षित होने के बाद चुनावी तैयारी करने का निर्देश नेताओ के द्वारा दिया गया फिर अचानक उक्त सीट से गत जिला पंचायत चुनाव में कांग्रेस के जिला पंचायत अध्यक्ष रह चुकी श्रीमती कृष्णा रविन्द्र पटेल के खिलाफ बगावत कर निर्दलीय चुनाव लड़ चुकी श्रीमती पूर्णिमा विजय जायसवाल को अचानक चुनाव मैदान में चुनाव लड़ने अधिकृत प्रत्याशी घोषित कर श्रीमती नैना मनोज गबेल का नाम वापस कराए जाने के बाद से कांग्रेस कार्यकर्ताओं एवं महिलाओं में नाराजगी देखी जा रही है।

नगर पालिका चुनाव में शहरी क्षेत्र में महिला उम्मीदवारों के साथ चुनाव प्रचार करने वाली श्रीमती नैना गबेल को जिला सदस्य चुनाव में कांग्रेस पार्टी द्वारा टिकट नही दिए जाने से कांग्रेस कार्यकर्ताओं में नाराजगी देखी जा रही है ।

*⭕वर्षो से कांग्रेस के प्रति निष्ठावान रहे गबेल परिवार पर उमेश नंदकुमार पटेल ने आखिर क्यों नही जताया भरोसा..❓❓*

पूर्व में खरसिया जनपद में अध्यक्ष सहित कांग्रेस पार्टी में एक दशक से कर्मठ कार्यकर्ता के रूप में कार्य करने वाले नवापारा गबेल परिवार पर आआख़िर नंदेली हाऊस एवं कांग्रेस पार्टी के द्वारा विश्वास व्यक्त क्यों नही किया गया आख़िर ऐन वक्त पर निष्ठावान कांग्रेसी का टिकट काटके आखिर बार बार दलबदल करने वाले अपने निजी नफा नुकसान के लिए पार्टी बदलने वाले एवं गत चुनाव में तीसरे स्थान पर रहने के बावजूद श्रीमती पूर्णिमा विजय जायसवाल को टिकट दिए जाने पर सियासी हलकों में अनेक प्रकार की चर्चा की जा रही है।

*⭕टिकट काट के कहीं नैना मनोज का राजनीतिक कद कम करने की तैयारी तो नही..❓❓* पहले नगरपालिका एवं अब जिला पँचायत चुनाव में हमेशा पार्टी हित मे कार्य करने वाली महिला नेत्री श्रीमती नैना मनोज गबेल का टिकट जिला पंचायत सदस्य उम्मीदवार से काटे जाने को राजनीतिक जानकारों द्वारा श्रीमती नैना गबेल के लगातार बढ़ते नाम एवं कद से घबरा के राजनीतिक पंडितों और विश्वस्त सूत्रों की माने तो विश्वसनीय लोगों के इशारों पर उमेश नंदकुमार पटेल द्वारा खरसिया विधानसभा की कहीं दावेदारी न कर दे इस भय से किनारे लगाने की साजिश के तौर पर भी देखा जा रहा है।

*⭕✒✒⭕भूपेन्द्र किशोर वैष्णव-एडिटर-📱CG NEWS LIVE*

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