Chhattisgarh में लागू हो सकती है न्याय योजना, ऐसी है सरकार की प्लानिंग

इस योजना के तहत गरीब किसान परिवारों की वार्षिक औसत आय 12 हजार करने का लक्ष्य होगा।

रायपुर । न्यूनतम आय गारंटी योजना (न्याय) को छत्तीसगढ़ में लागू करने पर कांग्रेस सरकार विचार कर रही है। प्रशासनिक सूत्रों की मानें तो प्रदेश के एक हिस्से में इस योजना को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किया जा सकता है। इस योजना के तहत गरीब किसान परिवारों की वार्षिक औसत आय 12 हजार करने का लक्ष्य होगा।

लोकसभा चुनाव के पहले राहुल गांधी ने छत्तीसगढ़ के नवा रायपुर से देशभर किसानों से वादा किया था कि केंद्र में कांग्रेस की सरकार बनने पर न्याय को लागू किया जाएगा। केंद्र में तो कांग्रेस की सरकार नहीं बन पाई, लेकिन छत्तीसगढ़ में इस योजना को लागू करके दूसरे राज्यों के किसानों को यह संदेश देने की कोशिश होगी कि केंद्र में हार के बावजूद कांग्रेस शासित राज्य में किसानों के साथ न्याय हो रहा है।

जिस तरह से प्रदेश सरकार ने कुपोषण के खिलाफ अभियान को अभी बस्तर संभाग में श्ाुरू किया है, उसी तरह से न्याय को भी किसी एक हिस्से में शुरू करने का विचार चल रहा है। हालांकि, अभी न्याय योजना को लागू करने की कोई भी पुष्टि नहीं कर रहा है, लेकिन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मीडिया से कहा है कि सरकार और संगठन के भीतर चर्चा चल रही है, यह अभी विचाराधीन है।

न्याय को शुरू करने की बड़ी चुनौती होगी

धान की खरीदी 25 सौ स्र्पये प्रति क्विंटल करने से सरकार पर भारी आर्थिक दबाव आया है। सरकार को इसके लिए बार-बार कर्ज लेना पड़ रहा है। 10 हजार करोड़ से अधिक का कर्ज लिया जा चुका है। एक हजार करोड़ का कर्ज और लिया जा रहा है। किसानों की वार्षिक आय औसतन 12 हजार करने के लिए भी सरकार को मोटी रकम की जरूरत पड़ेगी। जाहिर सी बात है कि इसके लिए भी कर्ज ही लेना होगा।

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