INX Media Case : CBI-ED का दावा, देश-विदेश में फैली हैं चिदंबरम की हजारों करोड़ की अवैध संपत्ति

INX Media Case : CBI-ED का दावा, देश-विदेश में फैली हैं चिदंबरम की हजारों करोड़ की अवैध संपत्ति

एयरसेल-मैक्सिस और आइएनएक्स मीडिया के अलावा चार अन्य मामलों में एफआइपीबी क्लीयरेंस की शुरू हो सकती है जांच
नीलू रंजन, नई दिल्ली। INX Media Case में कांग्रेस के दिग्गज नेताी और पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम को हाई वॉल्टेड ड्रामे के बाद हिरासत में ले लिया गया है। खबर है कि आज रात तक उनको गिरफ्तार भी कर लिया जाए। इस बीच, ED और CBI के दावे पर भरोसा करें तो उनके पास सिर्फ INX मीडिया की नहीं, बल्कि चिदंबरम की देश-विदेश में फैली हजारों करोड़ रुपए की संपत्तियां भी जांच के दायरे में हैं। FIPB क्लीयरेंस को ही लें तो INX मीडिया और एयरसेल-मैक्सिस डील के अलावा 4 अन्य मामलों में भी चिदंबरम की भूमिका की जांच की जा रही है।

ED और CBI सूत्रों का कहना है कि जांच शुरू होने के बाद से ही अग्रिम जमानत पर चल रहे चिदंबरम और उनके बेटे कार्ति चिदंबरम ने कभी पूछताछ में सहयोग नहीं किया। देश-विदेश में स्थित हजारों करोड़ रुपए की संपत्तियों के सुबूत लेटर रोगेटरी भेजकर उन देशों से मंगाए गए हैं।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि जांच के सिलसिले में मारे गए छापों में जब्त ईमेल, हार्ड डिस्क और अन्य दस्तावेजों में मनी लांड्रिंग से जुड़े अहम दस्तावेज मिले हैं। इन दस्तावेजों के बारे में चिदंबरम से पूछताछ जरूरी है। लगभग डेढ़ साल से एजेंसियां उनसे पूछताछ का इंतजार कर रही हैं। वे किसी भी कीमत पर पूछताछ का मौका गंवाने की स्थिति में नहीं हैं।

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ऐसी है कार्ति चिदंबरम की करतूत

ED सूत्र बताते हैं कि रिश्वत की रकम लेने के लिए कार्ति चिदंबरम ने देश-विदेश में कई मुखौटा कंपनियां बना रखी थीं। वित्त मंत्री के रूप में पी. चिदंबरम विभिन्न कंपनियों की गैरकानूनी मदद करते थे, बदले में मुखौटा कंपनियों में रिश्वत की रकम जमा करा दी जाती थी। ED ने दावा किया कि ऐसी ही एक मुखौटा कंपनी के खाते में 300 करोड़ रुपए जमा कराए गए थे। इस तरीके को ऐसे भी समझा जा सकता है कि एक मुखौटा कंपनी के सभी शेयरहोल्डरों और निदेशकों ने अपने शेयर कार्ति चिदंबरम की बेटी के नाम स्थानांतरित करने की वसीयत लिख रखी थी।

विदेश में दो दर्जन से अधिक बैंक खाते

ED के अधिकारियों का दावा है कि कार्ति चिदंबरम की एक मुखौटा कंपनी में ब्रिटिश विर्जिन आइलैंड स्थित एक कंपनी से बड़ी रकम जमा कराई गई थी। इस कंपनी का नाम पनामा पेपर्स में भी उछला था। इन पिता-पुत्र के विदेश में दो दर्जन से अधिक बैंक खाते भी मिले हैं जिनमें करोड़ों की रकम जमा कराई गई थी। इसके भी पर्याप्त सुबूत हैं कि कालेधन की रकम का इस्तेमाल पी. चिदंबरम और कार्ति अपने निजी खर्चे में करते रहे हैं। इसके अलावा चिदंबरम की मलेशिया, ब्रिटेन और स्पेन में कई संपत्तियों की जानकारी मिली है। स्पेन में एक टेनिस क्लब और मलेशिया में एक मकान है। जबकि ब्रिटेन में एक बड़ी कोठी समेत लगभग एक दर्जन अचल संपत्तियां हैं। इन संपत्तियों की कीमत हजारों करोड़ रुपए है।

जल्द शुरू हो सकती है अन्य मामलों में जांच

CBI के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पूर्व वित्त मंत्री के खिलाफ फिलहाल एयरसेल-मैक्सिस और INX मीडिया मामले में जांच चल रही है। इसके अलावा डियागो स्कॉटलैंड, कटारा होल्डिंग्स, एस्सार स्टील और एलफोर्ज में FIPB क्लीयरेंस में भी चिदंबरम की भूमिका संदेह के घेरे में है और जल्द ही इन सभी मामलों में अलग-अलग केस दर्ज जांच शुरू की जा सकती है।

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