मुआवजा लंबित रखा तो सीआर में दिखेगा असर, सभी एसडीएम को नसीहत

रायगढ़।  जिले में जमीन अधिग्रहण एवं मुआवजों के लिए लंबित मामलों से नाराज कलेक्टर ने सभी एसडीएम को फटकार लगाई है। सोमवार को टीएल बैठक में कलेक्टर ने साफ कह दिया कि यदि अपने अनुविभाग में मुआवजा लंबित रखा तो इसका असर आपकी सीआर बुक में भी दिखेगा। इसलिए जल्द से जल्द पेंडेंसी दूर अधिग्रहण से प्रभावित लोगों के लिए काम करना

रायगढ़।

जिले में जमीन अधिग्रहण एवं मुआवजों के लिए लंबित मामलों से नाराज कलेक्टर ने सभी एसडीएम को फटकार लगाई है। सोमवार को टीएल बैठक में कलेक्टर ने साफ कह दिया कि यदि अपने अनुविभाग में मुआवजा लंबित रखा तो इसका असर आपकी सीआर बुक में भी दिखेगा। इसलिए जल्द से जल्द पेंडेंसी दूर अधिग्रहण से प्रभावित लोगों के लिए काम करना शुरू कर दीजिए।

उद्योग नगरी में जमीन अधिग्रहण के लिए तहसीलों में सालों से फाइलें चल रही हैं। कई मामलों में अफसरों की लापरवाही से मामला हाईकोर्ट पहुंच जा रहा है। जिससे प्रशासन की भी छवि धूमिल हो रही है और सरकार का भी अभियोजन के लिए अनावश्यक पैसा बर्बाद हो रहा है। जिले में सबसे ज्यादा परेशानी रायगढ़ व पुसौर तहसील में ही है। एनटीपीसी लारा एवं कंपनी की रेललाइन के अलावा केलो परियोजना के कारण राजस्व प्रकरणों की संख्या यहां ज्यादा है। बीते महीने के रिकार्ड के अनुसार करीब 1378 लोगों को यहां पर मुआवजा दिया जाना बाकी है। इसके अलावा सारंग़ढ़,खरसिया एवं दूसरी तहसीलों में भी पेंडेंसी है। सोमवार को टीएल बैठक शुरू हुई तो कलेक्टर यशवंत कुमार ने लंबित मामलों के कारण सभी एसडीएम को फटकार लगाई और दो टूक कह दिया कि यदि आपने जिम्मेवारी से काम नहीं किया और अपने अनुविभाग में मुआवजा लंबित रखा तो फिर आपकी सीआर बुक में इसका जिक्र किया जाएगा। इसलिए राजस्व विवाद के मामलों में पेंडेंसी दूर करने एवं भू अर्जन से प्रभावितों के लिए काम करना शुरू कर दीजिए। कलेक्टर की इस नसीहत के बाद बैठक में आए जिले के सभी एसडीएम के चेहरे भी मुरझा गए। कलेक्टर ने इसके अलावा तहसीलों में विभागीय जांच एवं पटवारियों की लंबित शिकायतों पर भी सभी अफसरों से जवाब मांगा औेर बीते 6 महीने का लेखाजोखा मांगा है।

रायगढ़ पुसौर तहसील में लंबित 56 करोड़

विभाग, मुआवजा संख्या , कुल रकबा (हेक्टेयर), लंबित राशि

केलो परियोजना , 931,109.12, 17 करोड़ 34 लाख

नेशनल हाइवे, 42, 11.06 , 10 करोड़ 24 लाख

पीडब्ल्यूडी , 28 , 1.69 , 86 लाख 6 हजार

जल संसाधन , 73, 9.22 , 2 करोड़ 33 लाख

कोरबा वेस्ट , 76, 11.32 , 2 करोड़ 28 लाख

एनटीपीसी लारा , 160, 62.54 , 11 करोड़ 86 लाख

रेललाइन , 68, 20.52 , 12 करोड़ 34 लाख

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कुल – 1378, 225.49 , 56 करोड़ 95 लाख

डीइओ नहीं दे सके सही जवाब

बैठक में सीएसआर शिक्षकों की भर्ती में विलंब के लिए कलेक्टर ने शिक्षा विभाग की खबर ली और डीइओ से कंपनीवार जानकारी मांगी लेकिन डीइओ अपडेट जानकारी नहीं दे सके। जिससे कलेक्टर ने उनको फटकार लगाई। हालाकि सीएसआर का काम देख रहे खनिज विभाग से कंपनियों की लेटलतीफी पर उन्होंने सफाई नहीं ली। वहीं खरसिया में शिक्षकों का वेतन रूकने पर भी कलेक्टर ने डीइओ पर नाराजगी जताई।

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