छ.ग विधानसभा अध्यक्ष के क्षेत्र में रेप पीड़िता की नही लिखी जा रही एफआईआर…. महिला पुलिस कप्तान को लिखित आवेदन दे चुकी पीड़िता….जांजगीर कलेक्ट्रेट के सामने अनशन की दी चेतावनी

दुष्कर्म पीड़िता एक महिला की कहानी….पति पर है आरोप तो वो नही बन सकती प्रार्थी,नही मांग सकती न्याय

किस कानून की किताब में लिखा है आरोपी पति की पत्नी खुद के साथ हुए अनाचार के खिलाफ नही बोल सकती है।

 

पीड़िता ने कहा अब मैं बैठूंगी अनशन पर

एक महिला के साथ जब अनाचार होता है,वह गलत का विरोध करना चाहती है वो अपने मान सम्मान के लिए लड़ना चाहती है ले देकर वह हिम्मत जुटाती है,की उसके साथ जिसने गलत किया उसे सजा दिलाना है,तब उसे उसके घर परिवार के ही लोग कहने लग जाते है कि नही हमारी बदनामी होगी,तेरी शादी नही होगी चुप हो जा कुछ नही करना है,वह सहमी सी लड़की चुप हो जाती है,बात मान जाती है।

 

रेप का आरोपी हुमेश जायसवाल

उसकी सगाई हो जाती है,फिर वो लड़का उसे परेशान करना शुरू करता है।उसके परिवार के सभी सदस्यों के व्हाट्सअप,मैसेंजर में लड़की के साथ जबरदस्ती बनाई गई सारे वीडियो फोटो को भेजता है।जहां शादी तय होती है वहां भी उसके होने वाले पति,सास,ससुर,ननद सबको वो फ़ोटो और वीडियो भेजकर सोशल मीडिया में वायरल करता है।तब उसे कहा जाता है कि अब दोनों परिवार की बदनामी होगी, जिससे शादी होंनी वाली थी वो लड़का समझ गया वीडियो वायरल करने वाले की नियत कि ये मेरी शादी तुड़वाना चाहता है,और सबकुछ जानकर भी शादी करने को रेडी हो जाता है तब युवती को बदनाम करने वाले उसके साथ अनाचार करने वाले लड़के को बहुत गुस्सा आता है सीधे लड़के को फोन करके धमकी देता है कि तुझे तो मैं शादी के मंडप से गिरफ्तार करवाऊंगा,तू देखते रहना।

जैसे तैसे सामाजिक सुरक्षा और कुछ शुभचिंतकों के माध्यम,और सहयोग से शक्ति में दोनों पक्ष एक साथ मिलकर शादी करवाते है जो और उस युवक का,जिससे शादी न हो करके शातिर वीडियो वायरल करने वाला हजार खेल खेला,तभी फेसबुक के माध्यम से दूसरी नाबालिक युवती से दोस्ती होती है और फिर से यही कहानी शुरू होती है उस नाबालिक युवती को भी बहला फुसलाकर वही करने की प्लांनिग थी,जंगल मे अपनी कार में ले जाने वाला सख्श ये कह रहा है कि मुझे फंसाया गया है जबकि लोगो ने आधी रात को लड़की के साथ गलत करते देख उसे धुना था,ऐसी जानकारी मिली थी वही आरोपी का कहना है कि दो गाड़ी के लोगो ने उसे बहुत मारा।यहां भी प्रश्न यही बनता है कि वह जंगल मे क्या करने गया था नाबालिक युवती के साथ?लेकिन इस लड़के ने इस कहानी मे भी उस युवक को शामिल होना बताया षड्यंत्र होना बताया जिस मामले की विवेचना अभी चल रही है।

अब जब वह महिला उस लड़के के कुकर्मो के खिलाफ अपने दोनों परिवार वालो के सहमति के बाद खड़ी हो रही है तो इस मामले को उसके पति के केस से जोड़ा जा रहा है।क्या किसी के पति के ऊपर fir दर्ज है वो किसी केस में आरोपी है,तो उसकी पत्नी के द्वारा लगाई गई गुहार फर्जी और झूठी ही होगी।क्या कोई महिला बिना किसी ठोस वजह से किसी की शिकायत करने sp के पास पहुँच जायेगी?जो महिला परिजनों के द्वारा मना करने के कारण 2 साल तक चुप रही कुछ न कही उसे क्या अब भी कुछ बोलने का अधिकार नही बनता है कि वह अपने लिए लड़े?

महिला अपने अधिकारों के लिए लड़े तो वो विवादित है और चुप रहे तो बदमाश है,चुप रहे तो अच्छी,बोले तो लड़ाकू।आखिर कैसे रहे एक महिला?जांजगीर जिले के sp महोदया से मेरी गुजारिश है कि वो स्वयं एक महिला है उस महिला की पीड़ा को समझते हुए,तत्काल fir दर्ज करें।उसके बाद पूरे मामले की विवेचना करे।दुनिया के किसी कानून में नही लिखा है कि मेरे या हमारे परिजनों या पति के ऊपर अगर fir दर्ज है तो हम प्रार्थी नही बन सकते है या हम अपने ऊपर हुये अन्याय के खिलाफ खड़े नही हो सकते हैं।रेप पीड़िता की आवाज को यह कहकर दबाना की तुम्हारे पति के ऊपर मामला दर्ज है बेहद शर्मनाक है।और एक महिला होने के नाते मैं इस तर्क का कड़ा विरोध करती हूं।

पीड़िता का कहना है 1 सप्ताह के भीतर सबंधित आरोपी पर अगर fir दर्ज नही होता है तो वह जांजगीर पुलिस अधीक्षक कार्यालय के समक्ष धरने पर बैठेगी।जिसकी समस्त जवाबदारी जिला पुलिस अधीक्षक, जांजगीर चाम्पा पुलिस प्रशासन की होगी।

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