तमनार वाहन मालिकों ने खोला बड़े ट्रांसपोर्टरों के खिलाफ मोर्चा…..एसपी को दिया ज्ञापन …आर्थिक नाकेबंदी की दी चेतावनी……

रायगढ़ – तमनार वाहन मालिकों ने बड़े ट्रांसपोर्टर के शोषण के खिलाफ सौंपा ज्ञापन बड़े ट्रांसपोर्टर कर रहे शोषण….

रायगढ – गारे पेलमा की खदानों से जेपीएल टीआरएन डीबी पावर सहित कई छोटे उद्योगों में कोल परिवहन

करने वाले स्थानीय वाहन मालिकों ने बड़े बाहरी ट्रांसपोर्टरों पर शोषण का गंभीर आरोप लगाते हुए तमनार विकास-खंड टेलर वाहन स्वामी कल्याण समिति कुंजेमुरा के अध्यक्ष पटनायक ने जारी विज्ञप्ति में कहा कि इसके पूर्व भी जिला प्रशासन को समय समय पर लिखित में ज्ञापन सौपा गया है लेकिन इस ओर किसी का ध्यान नही दिया जा रहा है चूँकि खदान क्षेत्र में स्थानीय निवासियों की जमीन अधिग्रहित की गई है l

जमीन देने के बावजूद उन्हें रोजगार में प्राथमिकता नही मिलती l वे वाहन किश्त में लेकर बड़ी मुश्किल से जीवन यापन कर रहे है लेकिन बाहरी व बड़े ट्रांसपोर्टरो का इस कार्य मे एकाधिकार बना हुआ है जो कि जानबूझकर भाड़ा कम दे कर हमारा आर्थिक शोषण कर रहे है जिससे हमारे सामने भूखों मरने की नौबत आ गई है l

पुलिस अधीक्षक को सौपे ज्ञापन में वाहन मालिक संघ ने गुहार लगाई है अन्यथा आगामी सोमवार को गारे पेलमा में डिस्पेच रोकने की बात कही है l यह बताना लाजिमी होगा कि इस खदान में अनूप बंसल का एकाधिकार है जेपील सहित अन्य उद्योगों के लिए कोल परिवहन अनूप बंसल एवं ओडीसा के बँटी डालमिया की वाहनों के द्वारा किया जाता है l ओडीसा और छग में स्थानीय बाहरी का विवाद छिड़ा हुआ है l छग के स्थानीय व्यक्ति को ट्रान्सपोर्टिंग का कार्य मिलने पर ओडीसा निवासी अनूप के व्यवसायिक साझेदार बँटी डालमिया ने छग की वाहनों एवं ड्राइवरों के साथ तोड़ फोड़ की गई जिसकी रिपोर्ट ओडीसा में कई गई और बँटी डालमिया के खिलाफ अपराध पंजीबद्ध किया गया l इस मामले से छग में माहौल गरमा गया और जिला प्रशासन ने त्रिस्तरीय वार्ता रखी लेकिन बँटी डालमिया ने जिला प्रशासन को ठेंगा दिखाते हुए बैठक का बहिष्कार कर दिया l इस मुद्दे को लेकर सोशल मीडिया में युद्ध छिड़ा हुआ है l प्रशासन द्वारा शांति व्यवस्था बनाये रखने की अपील किये जाने की बावजूद अनूप बंसल के समर्थक खुले आम धमकी भरे पोस्ट वायरल कर प्रशासन के लिए सरदर्द बने हुए है l ऐसे नाजुक समय मे तमनार वाहन मालिकों द्वारा जारी विज्ञप्ति से माहौल गरमाये जाने की संभावना से कतई इंकार नही किया सकता l

वैसे यहाँ यह भी बताना लाजिमी होगा कि ओडीसा छग के उद्योगों तक आने वाली वाहनों का भाड़ा छग की तुलना में बहुत ज्यादा है जबकि इसी दूरी का छग की वाहनों का भाड़ा बहुत ही कम है l इसी वजह से स्थानीय वाहन मालिक आक्रोशित है l जिला प्रशासन ने समय रहते विबाद का पटाक्षेप नही किया तो कभी भी विस्फोटक स्थिति का सामना करना पड़ सकता है l

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