एसईसीएल छाल ओसीएम में करोड़ो का कोयला घोटाला………… कौन कौन सफेदपोश अधिकारी-कर्मचारी मिलकर प्रतिवर्ष लगा रहे कोल इंडिया को करोड़ो का चूना……..?? देखें VEDIO……. पढ़े पूरी खबर…………पर्दाफ़ाश न्यूज पर….

*⭕एस ई सीएल छाल-लात खुली खदान मैं अधिकारियों ने मिलकर किया करोड़ों का घोटाला*

*⭕डिस्पैच अधिकारी से लेकर जीएम एवं एजीएम के मिलीभगत से दीया घोटाले को अंजाम*

*⭕जी 12. जी 14, जी 16, कोयला के स्टॉक में भारी हेराफेरी*

*⭕50000 टन से अधिक कोयले की की गई हेरा फेरी*
*⭕मामले की सीबीआई जांच की हुई मांग*

*⭕छाल/रायगढ़⭕* रायगढ़ जिले के छाल सब एरिया अंतर्गत लात खुली खदान में लगभग 50 हजार टन कोयले के हेरा फेरी का सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है । एसईसीएल सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार लात खुली खदान में खनन के कार्य में लगे खनन ट्रांसपोर्टर एवं एसईसीएल के कर्मचारियों एवं अधिकारियों ने मिलकर लगभग 50 हजार टन कोयले के हेरा फेरी को अंजाम दिया है । G-12 ,G-14,G-16 के स्टाक में भारी फर्जीवाड़ा करते हुए स्थानीय ट्रांसपोर्टरों एवं डीओ धारकों के साथ मिलीभगत करके लगभग 25 करोड़ के कोयले के स्टाक में गड़बड़ी करते हुए एसईसीएल भारत सरकार को कम उत्पादन बताते हुए अवैध रूप से रात के अंधेरे में ब्लास्टिंग करा कर उपरोक्त कोयले का खनन किया गया एवं स्थानीय ट्रांसपोर्टरों के साथ मिलीभगत करके विक्रय किया गया है। कोयले की स्टॉक एवं डिस्पैच की जानकारी बिना कंप्यूटर में ऑनलाइन दर्ज किए खुले बाजार में बेच दिया गया है।

एसईसीएल छाल के डिस्पैच के काम में जिम्मेदारी संभालने वाले पी के मोहंती एवं लात खुली खदान के प्रबंधक आर बी वर्मा सहित सब एरिया मैनेजर के संरक्षण में इस फर्जीवाड़े को अंजाम दिया गया है।

एसईसीएल की सूत्रों की मानें तो रात के अंधेरे में खनन के कार्य में लगे खनन ठेकेदार विपुल ट्रांसपोर्ट के द्वारा फर्जीवाड़ा करने एवं अलग अलग कोयले को स्टॉक अदलाबदली करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाया गया। खनन एवं लोडिंग के कार्य में लगे पे लोडर क्रमांक-NL-01,AB-3644
ऑपरेटर संतोष सिंह
एवं G-13,LA-4644 ऑपरेटर मनोज कुमार के द्वारा G-12 के स्टॉक को जान बूझकर G-14 के स्टॉक में गिराकर एवँ G-12 के डीईओ में G-14 का कोयला लोड किया गया है। ट्रांसपोर्टर को लाभ पहुंचाने एवं एसईसीएल को भारी आर्थिक क्षति पहुंचाने का कार्य किया गया है।

*⭕ग्रेडिंग की हेराफेरी कर करते है फर्जीवाड़ा*

एसईसीएल लात खुली खदान में माह मार्च, अप्रैल-मई 2019 के बीच भारी फर्जीवाड़े को अंजाम दिया गया एसईसीएल सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार दिनांक 16 मार्च 2019 को लगभग 17 ट्रिप ब्लास्टिंग कोयला g14 को जानबूझकर जी 16 में स्टॉक किया गया था।

दिनांक 17-03-2019 को लगभग 51 ट्रिप ब्लास्टिंग कोयला को g14 के स्टाक के बजाय जी 16 में डंप किया गया था।

सूत्रों की मानें तो 27 मार्चब 2019 को भी लगभग 70 ट्रिप ब्लास्टिंग कोयला डायरेक्ट प्रोडक्शन किया गया था । जिसे प्रोडक्शन रिपोर्ट में एंट्री नहीं किया गया है । 5 अप्रैल 2019 को भी रात्रि कालीन शिफ्ट में लगभग 45 ट्रिप ब्लास्टिंग कोयला g14 का डायरेक्ट चलाया गया था। जिसे कंप्यूटर में लोड नहीं किया गया है और जी 12 में गिराया गया था।

26 फरवरी से 10 मार्च 2019 के बीच भी रात्रि कालीन सिर्फ में जी 12 का कोयला G-16 की स्टॉक में प्रतिदिन 35 से 40 ट्रिप के हिसाब से गिराया गया था जो कंप्यूटर में दर्ज नहीं किया गया है।

7 अप्रैल 2019 से 19 अप्रैल 2019 तक जी 12 का कोयला स्टार्ट में नहीं था किंतु g14 के कोयला को g12 बताकर डिस्पैच किया गया इसमें भी भारी अनियमितता की गई इस दौरान जी 12 का लगभग 25 हजार टन कोयले का शार्टेज था जिसे जी 14 का कोयला देकर मेकअप किया गया है। इस प्रकार से एसईसीएल लात खुली खदान के डिस्पैच पीके मोहंती के द्वारा माइनिंग सरदार संतोष महतो माइनिंग सरदार बीबी राय माइनिंग सरदार कुंजू प्रसाद के साथ अधिकारी सहित प्रबंधक एवं सब एरिया मैनेजर के द्वारा मिलीभगत करके लगातार एसईसीएल को चूना लगाने का काम किया है

जो कर्मचारी डिस्पैच अधिकारी पीके मोहंती के कहे अनुसार ग्रेडिंग के स्टॉक लोडिंग हेरा फेरी के कारोबार में उनका साथ नहीं देते उन्हें झूठे शिकायतों एवं मामलों के आधार पर वहां से हटा दिया जाता है एवं अपने इशारों पर काम करने वाले माइनिंग सरदारों के माध्यम से ग्रेडिंग के फर्जीवाड़ा एवं लोडिंग का खेल लंबे अरसे से बेखौफ खेला जा रहा है एसईसीएल लात ओपन खदान में कार्यरत ओवरमैन त्रिलोक कुमार साहू के द्वारा इस प्रकार से फर्जीवाड़ा के संबंध में दो बार लिखित शिकायत दिए जाने के बावजूद किसी भी प्रकार से सुधार करने के बजाय उल्टे उसे अन्य स्थान पर ड्यूटी पर भेज दिया गया है इसी प्रकार दिनांक 7 मई 2019 को रात्रि पाली में लगभग 30 ट्रिप कोयला जो कि 750 टन होता है g14 का कोयला डायरेक्ट बिना एंट्री किए निकाला गया इसी प्रकार 8 मई 2019 को भी पहले सिर्फ में 25 ट्रिप कोयला जो लगभग 625 टन होता है जी 14 तथा 25 ट्रिप 625 टन कोयला रात्रि पाली में G-14 डायरेक्ट निकाला गया जिसे भी कंप्यूटर में दर्ज नहीं किया गया ।

इसी प्रकार से 9 मई 2019 को भी फर्जीवाड़े को अंजाम दिया गया जब 28 ट्रिप कोयला लगभग 700 टन एवं रात्रि पाली में 8 ट्रिप कोयला लगभग 200 टन बिना कंप्यूटर में एंट्री के डायरेक्ट उत्खनन किया गया।

10 मार्च 2019 को भी सुबह 6:00 से 9:00 के बीच जी 12 का कोयला लगभग 25 ट्रिप G 14 की स्टॉक में गिराया गया था जिसे अपने चहेते लोगों से अतिरिक्त रकम लेकर दिया जाता है।
26 मार्च 2019 को 206 ट्रिप कोयला G-12 का उत्पादन किया गया था जिसमे से 98 ट्रिप प्रोडक्शन में शो किया गया शेष 108 ट्रिप को डायरेक्ट फेंक दिया गया।

29 अप्रैल 2019 से से 2 मई 2019 तक जी 12 का कोयला स्टॉक में नहीं होने के बावजूद जी 14 के कोयले को लोडिंग कराया गया इसी प्रकार 4 मई 2019 को भी जी 12 का कोयला जी 14 के स्टॉक में डायरेक्ट गिराया गया 5 मई 2019 को भी लगभग 64 ट्रिप कोयला जो कि 1600 टन होता है ब्लास्टिंग करके जी 14 में सीधे उत्खनन का कार्य किया गया जिसे प्रोडक्शन में नहीं दर्शाया गया है।

6 मई 2019 को सुबह 6:00 से 9:00 के बीच 30 ट्रिप कोयला 75000 जी-14 का एवं 50 ट्रिप कोयला 12500 टन जी 14 का ब्लास्टिंग कर डायरेक्ट उत्खनन किया गया । इस प्रकार एसईसीएल के डिस्पैच कर्मचारियों एवं प्रबंधक सहीत सब एरिया के मिलीभगत से लगातार बिना कंप्यूटर में दर्ज किए करोड़ों रुपए का कोयला उत्खनन करके अलग अलग ग्रेड के डीओ में अलग रेट का कोयला सप्लाई किया गया साथ ही एसईसीएल भारत सरकार को दिए जाने वाले उत्पादन संबंधी जानकारी में भी इन बातों को छुपाया गया है। जब एसईसीएल के सूत्रों से हमें उक्त फर्जीवाड़ा की पुख्ता जानकारी मिली तो हमारे द्वारा एसईसीएल लात ओपन माइंस का निरीक्षण कर स्टॉक की फोटोग्राफी एवँ वीडियो ग्राफी की इजाजत मांगी तो हमे मना किया गया एवं एसईसीएल के प्रबंधक वी आर वर्मा से खदान की फोटोग्राफी वीडियोग्राफी करने संबंधी अनुमति मांगी गई स्टॉक में भारी हेराफेरी एसईसीएल प्रबंधन द्वारा किया जा चुका था । इसलिए एसईसीएल ओपन के प्रबंधक हम पर भड़क गए एवं रायगढ़ जीएम से परमिशन उपरांत ही स्टॉक की जानकारी दिए जाने की बात कही जब हमने उन्हें बताया एसईसीएल ट्रांसपोर्टरों के द्वारा ही उपरोक्त एवं फर्जीवाड़ा के संबंध में फोटोग्राफी एवं वीडियोग्राफी उपलब्ध कराए गए हैं। इस संबंध में हम आपका बयान चाहते हैं उनके द्वारा मीडिया को किसी भी प्रकार से बयान देने से साफ इंकार कर दिया गया।
जब हमारे द्वारा सब एरिया रेड्डी छाल से मुलाकात कर उपरोक्त संबंध में एसईसीएल प्रबंधन का पक्ष जानना चाहा तो उनके द्वारा भी अपने आप को मीडिया में किसी भी प्रकार का बयान देने में असमर्थ बताते हुए रायगढ़ जीएम से बात करने की बात कही गई।

इस प्रकार से एसईसीएल छाल खुली खदान को सरकार द्वारा दिए गए खनन का जो लक्ष्य दिया गया है उसे तो रिकॉर्ड में पूरा नहीं किया गया लेकिन एस ई सी एल से मिले सूत्रों की मानें तो प्रति वित्तीय वर्ष में लगभग 50 हजार टन से 1 लाख टन कोयले का अवैध उत्खनन एवं ग्रेडिंग का खेल एसईसीएल ओपन खदान में अधिकारियों एवं डिस्पैच कर्मचारियों की मिलीभगत से खेला जाता है।

*⭕एसईसीएल खुली खदान में पूर्व सैनिक की कंपनी को है खनन का ठेका*

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार विपुल कंस्ट्रक्शन जो कि सेवानिवृत्त सैनिकों का फर्म है को एसईसीएल छाल में कोयला खनन एवं ट्रांसपोर्टिंग का जिम्मा दिया गया है । उनके द्वारा ही एसईसीएल के अंदर कोयले का खनन करने के पश्चात उसे उसके स्टॉक तक पहुंचाने का कार्य किया जाता है जिसमें व्यापक फर्जीवाड़ा उच्चाधिकारियों के निर्देश पर किया जाता है। जी 12 ,जी 14 एवं जी 16 कोयले की कीमतों में एवं ग्रेड में भारी अंतर होने के कारण एसईसीएल के अंदर पदस्थ यूनियन लीडर ही जी 16 के डीओ होल्डर को ऊपरी रकम लेकर जी -12 वाला का कोयला उपलब्ध कराने का सेटिंग करते हैं और सभी मिलीभगत से जिस ट्रांसपोर्टर को जी 16 अथवा जी 14 का कोयला प्रदान किया जाना होता है उसे सेटिंग एवं लेनदेन करके जी 12 ग्रेड का कोयला दिया जाता है । लिंकेज में जिन्हें कोयला ले जाने की अनुमति दी गई होती है उन उद्योगों एवं ट्रांसपोर्टरों के साथ भी एसईसीएल के यह सफेदपोश कर्मचारी अधिकारी मिलीभगत करके एसईसीएल भारत सरकार को चूना लगाने का खेल लगातार खेलते आ रहे हैं । यदि एसईसीएल के फर्जीवाड़े की सीबीआई जांच किया जाए तो सरकारी रिकॉर्ड में जो उत्पादन एसईसीएल के द्वारा कंप्यूटर में दर्ज करके अपने उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया है एवं मौके में जो एसईसीएल के खुली खदान में कोयले की खुदाई की गई है। उससे स्पष्ट हो जाएगा कि प्रतिवर्ष लाखो टन कोयले का अवैध उत्खनन एवं बिक्री का कार्य भारत सरकार की आंखों में धूल झोंक कर एसईसीएल के अधिकारियों के द्वारा किया जा रहा है का खुलासा हो जाएगा।

*⭕बेखौफ जारी डीजल की चोरी का कारोबार*

जी हां काले हीरे के उत्पादन करने वाली कंपनी एसईसीएल के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को एसईसीएल भारत सरकार के द्वारा भरपूर सैलेरी के साथ साथ रहने को घर सहित विभिन्न प्रकार की शासकीय सुविधाएं भी उपलब्ध कराता है । किंतु एसईसीएल के अधिकारी लगातार भ्रष्टाचार करने से बाज नहीं आते कोयले की चोरी एवं अफरा-तफरी तस्करी से प्रतिवर्ष करोड़ों रुपए की हेराफेरी करने वाले इन अधिकारियों के द्वारा एसईसीएल के लंबे समय से बिगड़े एवं खराब पड़े कंडम वाहनों के नाम पर प्रतिदिन हजारों लीटर डीजल भी एलाट किया जाता है। प्रति लीटर डीजल की कीमत लगभग 70 रु होता है जिसकी कीमत यदि हम आंखें तो 1 दिन में लगभग 70 हजार का डीजल भी इन अधिकारियों के द्वारा फर्जी रूप से इलाज किया जाता है कभी-कभी प्रतिदिन 2 हजार लीटर डीजल भी कागजों में चालू किंतु मौके पर बंद खड़ी वाहनों के नाम पर निकाला जाता है इस प्रकार एसईसीएल के प्रबंधक एवं सब एरिया के संरक्षण में भारत सरकार के उपक्रम को प्रतिमा करोड़ों रुपए का चूना लगाने का खुला खेल एसईसीएल के इन अधिकारियों के द्वारा खेला जा रहा है मामले की उच्च स्तरीय जांच अथवा सीबीआई जांच से एसईसीएल के इन अधिकारियों के द्वारा किए गए व्यापक फर्जीवाड़ा का खुलासा हो सकता है।
*एसईसीएल लात खुली खदान में नौकरी से लेकर मुआवजा एवं पुनर्वास में किया गया भारी फर्जीवाड़ा क्रमशः पढ़ें अगली खबर पर……..
होगा पर्दाफ़ाश⭕⭕9754160816
🛑एडिटर पर्दाफ़ाश न्यूज📱भूपेंद्र किशोर वैष्णव* ……..

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