कापू पुलिस का ख़ौफ़नाक चेहरा आया सामने……मरते दम तक बुजुर्ग को पीटा…… अब किया अस्पताल में भर्ती….खाखी की जारी दबंगई….

 

कापू / धर्मजयगढ़ पुलिस जनता की सेवा और सुरक्षा के लिए होती है लेकिन जब पुलिस ही अपना कर्तव्य भूलकर वर्दी का रौब दिखाने लगे और राह चलते बेकसूर पर अपना क़ानूनी डंडा चलाने लगे तो बड़ा गंभीर सवाल उठता है
साथ ही ये जानकार बड़ा अजीब लगता है ।
ऐसा ही एक सनसनी खेज मामला धरमजयगढ़ क्षेत्र के कापू थाने में देखने मिला है जहाँ जमीन विवाद को लेकर एक बुजुर्ग को कापू पुलिस द्वारा थाने पकड़कर लाया गया, उसके बाद उसके साथ जो किया गया उसे अमानवीय कृत्य ही कहेंगे परिजनों की माने तो बुजुर्ग के साथ पुलिस द्वारा बेदम मारपीट की गई है एक तरह से उस पर थर्ड डिग्री इस्तेमाल किया गया है, चार चार सिपाही मिलकर उसके साथ मारपीट किए है अंत में मारपीट इस कदर हो गई कि बुजुर्ग को लहूलुहान हालत में अस्पताल में भर्ती होना पड़ गया, आखिर में कापू पुलिस घायल बुजुर्ग को खुद धरमजयगढ़ अस्पताल में लाकर भर्ती कराई ।

पूरा मामला धरमजयगढ़ क्षेत्र के कापू थाना इलाके का है जहाँ जमीन विवाद को लेकर लिप्ति गाँव निवासी परमानंद अपने विरोधी तुलसी राम से कहासुनी हो गई, उसी दौरान परमानंद और तुलसी में काफी बहस छिड़ गया, फिर क्या था उसके बाद तुलसीराम के थाने में रिपोर्ट करने की देर थी तत्काल पुलिस अपने असल रूप में आ गई और खाकी वर्दी का रौब दिखाते हुए परमानंद को उसके घर से उठा लाई और लात घूसों से उसकी बेदम पिटाई कर दी, मारपीट इस कदर हो गई की परमानंद की हालत बिगड़ गई तब उसे धरमजयगढ़ सिविल अस्पताल लाकर भर्ती करा दिया गया ।
हालांकि इस घटना की जानकारी कापू थाना प्रभारी को नहीं थी जब जानकारी हुई तो वे स्वयं अस्पताल आकर बुजुर्ग का हाल जाना और सम्बंधित सिपाहियों को फटकार भी लगाईं.वहीँ थाना प्रभारी का कहना है इस गंभीर मामले पर सघन जांच होगी और जांच पश्चात दोषी पाए जाने पर सम्बंधित पर उचित कार्यवाई की जायेगी ।
फिलहाल पीड़ित परमानंद यादव का  धरमजयगढ़ सिविल अस्पताल में इलाज जारी है परिजनों की माने तो कापू पुलिस द्वारा बेवजह परमानंद को थाने लाकर मारपीट की गई है चार चार सिपाही मिलकर उसके साथ मारपीट किए हैं ।

पीड़ित पक्ष सम्बंधित सिपाहियों के खिलाफ धरमजयगढ़ अनुविभागीय अधिकारी पुलिस से शिकायत करने की बात कह रहें हैं अब देखने वाली बात होगी इस मामले पर क्या पीड़ित बुजुर्ग को न्याय मिलती है ? जांच बाद पुलिस के खिलाफ क्या कार्यवाई होती है? या फिर फिर वर्दी का रौब जारी रहेगा ।

 

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