जांच टीम पहुँची खरसिया बनांचल केयर,जांच टीम के दो सदस्य बार बार कमरे से निकले रहे बाहर,लगे रहे फोन पर।

किडनी कांड खरसिया।

बहुचर्चित किडनी कांड  में जांच टीम खरसिया पहुँची, और लगभग 11 बजे वनांचल केयर अस्पताल भी जांच टीम पहुँच गई वही जांच टीम के अध्यक्ष एस डी एम खरसिया लगभग 1 बजे बनांचल केयर पहुँचे तब तक जांच की प्रक्रिया एक बन्द कमरे में प्रारम्भ हो चुकी थी।

समिति में शामिल 2 सदस्य,डॉ पासवान,व सी एम ओ नीतू अग्रवाल खरसिया जांच बैठक कक्ष से बाहर कम से कम 25 बार निकले होंगे और कोटे में जाकर फोन से बात कर रहे रहे थे,इतने गम्भीर जांच में मुख्य आरोपी वी एस राठिया जांच दल के साथ ही पूरे समय तक बैठे थे,डॉ राठिया व पत्नी चित्रा राठिया के सामने ही पीड़ित परिजनों से बयान लिया गया काफी घबराए हुए लग रहे थे पीड़ित परिवार,वही पर्दे के पास जा जाकर अस्पताल की संचालिका चित्रा राठिया वी इस राठिया की धर्मपत्नी झांक रही थी,गम्भीर मामलों की जांच कैसे की जाती है क्या क्या सावधानियां रखनी होती है इस जांच दल को कोई सरोकार नही था।कुल मिलाकर शरीर के अंग निकालने वाले इस दिल दहलाने वाले गम्भीर मामले में जांच दल गम्भीर नही लगे जो प्राइवीसी जांच के दौरान उन्हें रखनी चाहिए थी वह नही रखी गई।

 

आरोपियो के सामने ही पीड़ितों का बयान लिया गया है चूंकि उसी अस्पताल में पीड़िता आज भी एडमिट है जिससे पीड़ित परिवार काफी चिंता में और परेशान दिखे वही परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन और स्टाफ के उखड़े व्यवहार के प्रति भी चिंता जाहिर किया।

लोकतंत्र के सजग प्रहरियों ने रखी नजर।मीडिया की पूरी टीम और कुछ सामाजिक कार्यकर्ता जबसे जांच टीम बनांचल केयर पहुँची थी तब से अस्पताल के वेटिंग हाल में बैठकर पूरे समय जांच दल पर बाहर से ही नजर बनाये हुए थे,11 घण्टे की जाँच बाहर से जो हमने अनुभव किया वह सन्तोषजनक नही था।

जांच के दौरान अपने अस्पताल में आरोपी डॉक्टर्स के द्वारा अस्पताल में एक बाउंसर भी रखा गया था जो पूरे समय जांच दल जिस कमरे में थे ठीक उस कमरे के बाहर खड़ा रहा और लोगों पर नजर लगाए हुए था।कही न कही बाउंसर रखकर राठिया के द्वारा जांच प्रक्रिया में प्रभाव व दबाव डालने के प्रयास के साथ साथ अपनी सुरक्षा का ध्यान भी था।

जांच समिति के द्वारा अब क्या कुछ किया जाता है परिजनों ने अपनी बातें उनके सामने रखी।वही जांच के आखिर में पीड़िता के बड़े पुत्र ने माँ के द्वारा भी कुछ बोला जा रहा है उसे सुनने का निवेदन किया गया जहां लगभग 8:30 में टीम ऊपर पहुँची जिसके साथ बकायदा अस्पताल संचालिका के पति वी एस राठिया पीड़िता और जांच दल की बातें सुन रहे थे।

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