⭕पर्दाफ़ाश न्यूज की खबर का असर…….⭕रायगढ़ कलेक्टर ने खरसिया किडनी कांड में दिया जांच का आदेश……..

*⭕पर्दाफ़ाश न्यूज की खबर का असर*
*⭕रायगढ़ कलेक्टर ने खरसिया किडनी कांड में दिया जांच का आदेश*

*⭕एसडीएम खरसिया के नेतृत्व में 5 सदस्यीय जांच समिति 72 घण्टों में सौंपेगी जांच रिपोर्ट*

तीन दिनों में किडनी व पथरी का आएगा सच, कलेक्टर ने जांच के लिए बनाई टीम, जानिए कौन कौन करेंगे जांच
रायगढ़। खरसिया में स्थित निजी वनांचल अस्पताल में किडनी निकालने के आरोपों की जांच के लिए कलेक्टर यशवंत कुमार ने जांच टीम बैठा दी है। खरसिया एसडीएम गिरीश कुमार रामटेके के नेतृत्व में पांच सदस्यों की टीम बनाई गई है। जिसमें एसडीएम के अलावा जिला चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के डीएचओ डॉ. केडी पासवान, मेडिकल कॉलेज के एमएस डॉ. अनिल कुशवाहा, डॉ. ललिता राठिया चिकित्सक 100 बिस्तर जज्जा बच्चा अस्पताल और नगर पालिका खरसिया सीएमओ नीतू अग्रवाल शामिल हैं। इस टीम को तीन दिनों के भीतर जांच कर रिपोर्ट कलेक्टर को सौंपनी है। कलेक्टर ने अपने आदेश में स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि इस घटना में कौन जिम्मेदार हैं, किसने सहयोग किया और जांच दल जो उचित समझें उसे भी रिपोर्ट में शामिल करने की बात कही गई है। गौरतलब हो कि खरसिया के वनांचल केयर प्राइवेट अस्पताल में पथरी के ऑपरेशन के लिए भर्ती मां की किडनी निकाल लेने का आरोप बेटे ने लगाया है। पीड़ित परिवार ने सोमवार को खरसिया एसडीएम और पुलिस थाने में इसकी लिखित शिकायत दर्ज कराई। जानकारी के मुताबिक जांजगीर-चांपा जिले में सक्ती थाने के मरकाम गोडी गांव निवासी सुमित्रा पटेल (62) के पेट में दर्द होने पर 18 मई को उनके बेटे ऐश्वर्य पटेल ने सक्ती के डॉक्टर आरके सिंह से संपर्क किया। डॉक्टर की सलाह पर ऐश्वर्य ने रायगढ़ में डॉ. आलोक केडिया के यहां मां की सोनोग्राफी कराई। रिपोर्ट में पेट में बांई तरफ 20 एमएम की पथरी बताई गई। इसके बाद डॉ. आरके सिंह ने उन्हें खरसिया के तेलीकोट स्थित वनांचल केयर हॉस्पिटल में ऑपरेशन के लिए भेज दिया। यहां 30 मई को अस्पताल के संचालक डॉ. विक्रम राठिया, खरसिया सिविल अस्पताल के डॉक्टर सजन कुमार अग्रवाल और सक्ती के डॉ. आरके सिंह ने पथरी का ऑपरेशन किया। इसी दौरान डॉक्टरों ने महिला की किडनी निकाल ली। ऑपरेशन के बाद डॉक्टरों ने परिजन से कहा कि ब्लीडिंग ज्यादा होने के कारण किडनी निकालनी पड़ी। इससे पहले उन्होंने परिजन या मरीज से सहमति भी नहीं ली थी। ऐसे में परिजन को गड़बड़ी की आशंका हुई तो उन्होंने अस्पताल परिसर में हंगामा मचाया। तीन जून को पीड़ित परिवार ने खरसिया एसडीएम और पुलिस थाने में लिखित शिकायत की और अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। जिस पर कलेक्टर ने जांच टीम बैठाई है।

*⭕बाईट* यशवन्त कुमार सिंह कलेक्टर रायगढ़

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