कोई डॉक्टरों को कैसे कहेगा भगवान…..महिला पहुँची पथरी का ईलाज कराने डॉक्टरों ने निकाल दी किडनी…..परिजनों ने खरसिया चौकी में दर्ज कराई रिपोर्ट….मानवता हुई शर्मशार

*रायगढ़ / खरसिया ⭕9754160816📱भूपेंद्र वैष्णव की खास रिपोर्ट*

🎴डॉक्टरों ने निकाली किडनी*

*🔺 पथरी का इलाज कराने पहुंची महिला,डॉक्टरों ने निकाल ली किडनी पीड़ित महिला के परिजनों ने खरसिया पुलिस चौकी में दर्ज कराई शिकायत।*

*🔺खरसिया एसडीओपी एवं बीएमओ वनांचल हॉस्पिटल में मारा छापा।*

*🔺मामले की गंभीरता को देखते जिला प्रशासन ने की जांच टीम गठित।*

रायगढ़ जिले के खरसिया तहसील अंतर्गत सिविल अस्पताल में पदस्थ डॉक्टर विक्रम राठिया द्वारा संचालित निजी हॉस्पिटल वनांचल केयर में पथरी का इलाज कराने पहुंची 62 वर्षीय महिला सुमित्रा बाई पटेल पति स्वर्गीय श्री कांशीराम पटेल निवासी ग्राम मरकाम घड़ी थाना शक्ति जिला रायगढ़ जांजगीर चांपा को पथरी की बीमारी होने के कारण शक्ति में पदस्थ शासकीय डॉक्टर आरके सिंह के द्वारा सलाह दिए जाने पर खरसिया वनांचल केयर हॉस्पिटल में पथरी के इलाज के लिए भर्ती कराया गया था पीड़िता का सोनोग्राफी टेस्ट रायगढ़ के चिड़िया सोनोग्राफी सेंटर में कराया गया था जहां पर पीड़िता के एक किडनी में 4 एमएम एवं दूसरे में 20 एमएम स्टोन होने की बात रिपोर्ट में बताई गई थी।जिसका इलाज कराने के लिए पीड़िता सुमित्रा बाई पटेल अपने परिजनों के साथ वनांचल केयर हॉस्पिटल खरसिया में दिनांक 26 मई 2019 दिन रविवार को भर्ती हुई थी दिनांक 30 मई 2019 को पीड़िता के बाएं तरफ किडनी में पथरी का ऑपरेशन कर पथरी को निकाले जाने के लिए ऑपरेशन वनांचल केयर हॉस्पिटल के संचालक एवं शासकीय अस्पताल खरसिया में पदस्थ सर्जन वीएस राठिया खरसिया सिविल अस्पताल के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर सर्जन अग्रवाल एवं शक्ति शासकीय अस्पताल में पदस्थ डॉ आरके सिंह तीनों के द्वारा महिला का ऑपरेशन किया गया था।

 

परिजनों का आरोप है कि पथरी के ऑपरेशन के दौरान इन तीनों डॉक्टरों ने पीड़िता के परिजनों से कोरे कागज पर हस्ताक्षर करा लिए थे एवं पीड़िता सुमित्रा बाई पटेल के बाएं किडनी को इनके द्वारा निकाल लिया गया जब पथरी का ऑपरेशन कराने पहुंची महिला एवं उसके परिजनों को उसके शरीर से किडनी निकाल लिए जाने की जानकारी हुई तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई उनके परिजनों के द्वारा उक्त मामले की जानकारी अपने परिवार के अन्य सदस्यों को दी गई जब परिजनों के द्वारा पीड़िता के शरीर से निकाले गए किडनी को दिखाने कहा गया एवं डॉक्टर से किडनी की मांग की गई विक्रम राठौर एवं उनके सहयोगी यों के द्वारा उक्त किडनी को जांच के लिए बाहर भेजे जाने की बात कहते हुए पीड़िता के परिजनों को किडनी नहीं दिखाई गई जिससे पीड़िता के परिजनों में आक्रोश व्याप्त हो गया तब से लेकर के आज दिनांक तक पीड़िता के परिजन परेशान नजर आ रहे थे।

आज जब पीड़िता सुमित्रा बाई पटेल को लेकर खरसिया के ही एक निजी हॉस्पिटल गायत्री हॉस्पिटल में पीड़िता की सोनोग्राफी कराई गई तब यह बात स्पष्ट रूप से पीड़िता के परिजनों को पता चला कि सुमित्रा बाई पटेल के पथरी के ऑपरेशन के स्थान पर उसके बाएं किडनी को डॉक्टरों के द्वारा निकाल दिया गया है इस बात से हाथ हो करके अपने आप को ठगा हुआ महसूस करते हुए अपने साथ हुए धोखाधड़ी एवं अपनी मां के शरीर से किडनी निकाली जाने की बात को लेकर के पीड़िता के पुत्र ऐश्वर्या प्रसाद पटेल के द्वारा खरसिया पुलिस चौकी पहुंचकर के खरसिया एसडीओपी गरिमा द्विवेदी को लिखित आवेदन के माध्यम से पथरी के नाम पर किडनी निकालने वाले डॉक्टर आरके सिंह एवं डॉक्टर सर्जन अग्रवाल के खिलाफ एफ आई आर दर्ज कर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की मांग के संबंध में आवेदन सौंपा।

जैसे ही यह संवेदनशील मामला मीडिया के संज्ञान में आया आप की तरह यह खबर सोशल मीडिया में वायरल होने लगी सोशल मीडिया में खबर वायरल होते ही जिला प्रशासन हरकत में आया एवं जिला प्रशासन के द्वारा तत्काल आनन-फानन में उक्त मामले की उच्चस्तरीय जांच के लिए एक जांच समिति का गठन किया गया जिसके द्वारा 48 घंटे के भीतर मामले की जांच कर रिपोर्ट सौंपी जाने की बात बताई जा रही है।

पहले तो मामले को मेडिकल से जुड़ा होना हम टेक्निकल बताते हुए खरसिया एसडीओपी के द्वारा आवेदन पर एफ आई आर लिखे जाने से परिजनों को मना किया गया लेकिन बाद में मामले की गंभीरता को देखते हुए परिजनों के लिखित आवेदन स्वीकार कर मामले को जांच में लिया गया एवं खरसिया एसडीओपी गरिमा द्विवेदी खर्चा थाना प्रभारी एसआर साहू एवं खरसिया चौकी प्रभारी के साथ वनांचल केयर हॉस्पिटल पहुंची जहां पर पीड़िता के इलाज के संबंध में समस्त दस्तावेज जप्त किए जाने एवं मामले की गंभीरता से जांच किए जाने की बात एसडीओपी खरसिया ने मीडिया को बताया।

एसडीओपी खरसिया गरिमा द्विवेदी ने मीडिया को बताया कि मामला काफी संवेदनशील है लेकिन चूंकि मामला मेडिकल फील्ड से जुड़ा है मेडिकल एक्सपर्ट लोगों की टीम के द्वारा मामले की जांच की जाएगी और प्राप्त जांच रिपोर्ट के आधार पर ही यदि मामला सही पाया जाता है तो आरोपियों के विरुद्ध गंभीर धाराओं के तहत कार्यवाही की जाएगी

जब लोगों के द्वारा भगवान समझे जाने वाले इन डॉक्टरों के द्वारा अपने पथरी का इलाज कराने पहुंची महिला की किडनी को निकालने का सनसनीखेज मामला सामने आया तो चारों तरफ लोगों में आक्रोश व्याप्त होने लगा भारी संख्या में लोग वनांचल केयर हॉस्पिटल पहुंचने लगे वनांचल केयर हॉस्पिटल पहुंचने पर पहले से ही वहां खरसिया बीएमओ डॉ सुरेश राठिया उपस्थित मिले तो उनको लोगों के गुस्से का भाजन का होना पड़ा।डॉक्टर सुरेश राठिया के द्वारा पीड़िता के परिजनों को यह कहने पर कि आप बाहर इलाज करा सकती थी खरसिया क्यों आई पीड़िता के परिजन एवं उपस्थित नागरिक भड़क गए उनके द्वारा बीएमओ डॉ सुरेश राठिया को आरोपियों को बचाने का आरोप लगाते हुए हंगामा मचाना शुरू कर दिया बाद में बड़ी मुश्किल से समझाइश के बाद लोग माने सुरेश राठिया से जब इस संवेदनशील मामले के संबंध में मीडिया के द्वारा पूछा गया सुरेश राठिया ने बताया कि पथरी का इलाज कराने आई महिला का किडनी निकालने की बात सुनने में आ रही है मामले की जांच करने एवं दस्तावेजों के अवलोकन के बाद ही वास्तविक मामले का पता चल पाएगा और यदि मामला सही पाया जाता है इसकी जांच रिपोर्ट शासन को सौंपी जाएगी शासन के निर्देशानुसार उचित कानूनी कार्यवाही की जाएगी फिलहाल डॉक्टरों को भगवान समझ कर पथरी का इलाज कराने पहुंची महिला की किडनी निकाल लिए जाने की घटना से पूरे रायगढ़ जिले में सनसनी फैल गई है एवं एक बार फिर के ऊपर से लोगों का विश्वास डोलने लगा है।

क्या इस मामले में पुलिस एफ आई आर दर्ज करेगी क्या प्रशासन दोषी डॉक्टरों के विरुद्ध कार्यवाही करेगा या सिर्फ दिखावे एवं ड्रामेबाजी के साथ जांच जांच का खेल खेलकर फिर मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा या बड़ा सवाल गूंजने लगा है फिलहाल वनांचल केयर हॉस्पिटल में पथरी का इलाज कराने पहुंची महिला की किडनी निकाल लिए जाने की घटना से क्षेत्र में आम लोगों में वनांचल के हॉस्पिटल के संचालक डॉ विक्रम राठिया खरसिया सिविल अस्पताल के प्रभारी डॉक्टर सर्जन अग्रवाल एवं डॉक्टर आरके सिंह के विरुद्ध भारी आक्रोश देखा जा रहा है मामले में दोषियों के विरुद्ध आखिर प्रशासन क्या कार्रवाई करती है इसके लिए हमें समय का इंतजार करना पड़ेगा! लेकिन फिलहाल किडनी निकाल लिए जाने की सनसनीखेज मामले ने एक बार फिर खरसिया के नाम को पूरे प्रदेश एवं देश में सुर्खियों में ला दिया है।

वनांचल केयर हॉस्पिटल पर पहले भी अवैध गर्भपात सहित इलाज में लापरवाही से लोगों की मौत का मामला सामने आ चुका है 2 दिन पूर्व रायगढ़ जिले के प्रभारी मंत्री उमेश पटेल एवं रायगढ़ जिला कलेक्टर यशवंत कुमार सहित रायगढ़ जिला स्वास्थ्य अधिकारी एसएन केसरी खरसिया स्वास्थ्य विभाग के आकस्मिक जांच एवं सर्जरी के लिए पहुंचे थे तो लोगों को उम्मीद जगी थी कि खरसिया के डॉक्टरों में सुधारा जाएगा एवं खरसिया के डॉक्टरों को मरीजों के साथ अच्छा व्यवहार करने तथा मरीजों का सही इलाज करने की हिदायत भी दी गई थी मगर मंत्री के जाने के बाद 48 घंटे के भीतर ही रायगढ़ जिले के प्रभारी मंत्री उमेश पटेल के विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत खरसिया में पथरी का इलाज कराने पहुंची महिला की किडनी निकाली जाने के इस सनसनीखेज मामले ने एक बार फिर खरसिया के डॉक्टरों की भूमिका पर सवाल खड़ा कर दिया है।

*⭕बाईट* ऐश्वर्य पटेल (पुत्र)
*⭕बाईट* पीड़िता की बेटी

*⭕बाईट* सुरेश राठिया बीएमओ खरसिया विकाशखण्ड
*⭕बाईट*
गरिमा द्विवेदी एसडीओपी खरसिया

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