मोदी कैबिनेट की पहली मीटिंग में लिए गए महत्वपूर्ण फैसले….

प्रधानमंत्री किसान योजना के तहत अब 14.5 करोड़ किसान लाभान्वित होंगे, इससे सरकारी खजाने पर 87,000 करोड़ रुपये सालाना बोझ पड़ेगा. नेशनल डिफेंस फंड के तहत प्रधानमंत्री स्कॉलरशिप स्कीम में स्कॉलरशिप बढ़ा दी गई है।

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली नई सरकार ने चुनाव में किए गए वादों को पूरा करने के लिये कदम उठाना शुरू कर दिया है. इसे लेकर आज मोदी सरकार की पहली कैबिनेट बैठक हुई. पहली बैठक में केंद्र सरकार ने कई बड़े फैसले लिए हैं. सरकार ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री किसान योजना का दायरा बढ़ाते हुए इसके तहत सभी किसानों को 6,000 रुपये सालाना देने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी. आम चुनावों के अपने घोषणापत्र में बीजेपी ने सभी किसानों को इस योजना के दायरे में लाने का वादा किया था. प्रधानमंत्री किसान योजना के तहत अब 14.5 करोड़ किसान लाभान्वित होंगे, इससे सरकारी खजाने पर 87,000 करोड़ रुपये सालाना बोझ पड़ेगा.

मंत्रिमंडल ने पीएम-किसान योजना का दायरा बढ़ाकर सभी किसानों को इसमें अंतर्गत लाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी. वित्त वर्ष 2019-20 के अंतरिम बजट में 75,000 करोड़ रुपये की प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की घोषणा की गई थी. इसके तहत सरकार ने दो हैक्टयर तक की जोत वाले करीब 12 करोड़ छोटे और सीमांत किसानों को 6,000 रुपये सालाना तीन किस्तों में देने की घोषणा की थी.

आधिकारिक आंकड़े के मुताबिक प्रधानमंत्री किसान योजना के तहत अब तक 3.11 करोड़ छोटे किसान 2000 रुपये की पहली किस्त हासिल कर चुके हैं. वहीं 2.75 करोड़ किसानों को दूसरी किस्त मिल चुकी है.

किसानों को लेकर एक और बड़ा फैसला
किसानों को लेकर मोदी कैबिनेट में एक और बड़ा फ़ैसला भी किया गया है जिसके तहत किसानों को पेंशन मिलेगी. 18 से 40 साल तक के किसान इसके लिए योग्य होंगे. 60 साल से ऊपर के किसानों को पेंशन मिलेगी. सभी किसानों को इसका फ़ायदा मिलेगा. 60 साल होने के बाद किसानों को 3000 रुपया मासिक पेंशन मिलेगा. 18 साल से 40 साल तक के किसान अपना अंशदान देंगे. उतना ही अंशदान सरकार अपनी तरफ से करेगी. इन फैसलों को मोदी सरकार के बड़े कदम के तौर पर देखा जा रहा है. आज गिरिराज सिंह जो मंत्रिमंडल में पशुपालन, दुग्ध एवं मत्स्य पालन मंत्री बनाए गए हैं ने इसका संकेत दिया था. उन्होंने कहा था कि मोदी सरकार किसानों की आय दोगुना करने की योजना पर काम कर रही है.

नेशनल डिफेंस फंड के तहत स्कॉलरशिप बढ़ाई गई
मोदी सरकार 2 की पहली कैबिनेट मीटिंग में एक और बड़ा फैसला किया गया है. नेशनल डिफेंस फंड के तहत प्रधानमंत्री स्कॉलरशिप स्कीम में स्कॉलरशिप बढ़ा दी गई है. इसके तहत लड़कों को मिलने वाली स्कॉलरशिप को 2000 रुपये प्रतिमाह से बढ़ाकर 2500 रुपये कर दिया गया है और लड़कियों को मिलने वाली स्कॉलरशिप 2250 रुपये से बढ़ाकर 3000 रुपये कर दी गई है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कामकाज संभालने के बाद अपने पहले फैसले में सेना और अर्द्धसैनिक बलों के शहीद जवानों या पूर्व सैनिकों की विधवाओं और बच्चों को नेशनल डिफेंस फंड से दिये जाने वाले वजीफे में बढ़ाने को मंजूरी दे दी. इसका दायरा बढाकर इसमें आतंकी या माओवादी हमलों में शहीद हुए राज्य पुलिस के अधिकारियों की संतानों को भी शामिल किया है.

प्रधानमंत्री कार्यालय ने एक बयान में कहा कि छात्रवृत्ति की दर लड़कों के लिए 2000 रुपये से बढ़ाकर 2500 रुपये प्रति महीने और लड़कियों के लिए 2250 रुपये से 3000 रुपये प्रति महीने कर दी गयी है. इसमें कहा गया कि वजीफा योजना का दायरा बढ़ाकर इसमें आतंकी या नक्सली हमलों में शहीद हुए राज्य पुलिस के अधिकारियों के बच्चों को भी शामिल किया गया है. राज्य पुलिस के अधिकारियों के लिए इस कोटे का लाभ हर साल करीब 500 लोग उठा सकेंगे.

छोटे दुकानदारों की पेंशन योजना को भी कैबिनेट की मंजूरी
मोदी सरकार की पहली बैठक में छोटे दुकानदारों के लिए भी पेंशन योजना को कैबिनेट की मंजूरी मिली है. 1.5 करोड़ रुपए सालाना टर्नओवर से कम वाले व्यापारी इस पेंशन योजना के लिए योग्य होंगे.

इस पेंशन योजना के तहत रिटेल कारोबारियों, दुकानदारों को 60 साल की उम्र होने के बाद न्यूनतम 3000 रुपये मासिक पेंशन दी जायेगी. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में यह फैसला लिया गया. इस योजना का फायदा तीन करोड़ रिटेल कारोबारी और दुकानदारों और स्वरोजगार करने वालों को मिलेगा.

केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने मंत्रिमंडल की बैठक के बाद संवाददाता सम्मेलन में यह जानकारी दी. उन्होंने कहा कि अगले तीन साल के दौरान करीब पांच करोड़ दुकानदारों के इस योजना से जुड़ने की उम्मीद है.

एक आधिकारिक रिलीज के मुताबिक, ‘‘डेढ करोड़ रुपये सालाना से कम कारोबार करने वाले सभी दुकानदार, स्वरोजगार करने वाले और खुदरा कारोबारियों, जिनकी उम्र 18 से 40 साल के बीच है, वह सभी इस योजना को अपना सकते हैं.’’ इसमें कहा गया है कि पेंशन योजना में शामिल होने वाले लोग देशभर में फैले 3.25 लाख साझा सेवा केन्द्रों पर रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं. पेंशन योजना में सरकार भी बराबर का योगदान करेगी.

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