मोदी कैबिनेट में शामिल हुए बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह….

मोदी कैबिनेट में शामिल हुए बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह
इस बार के लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने अमित शाह को गुजरात के गांधीनगर से चुनावी मैदान में उतारा. अमित शाह गांधीनगर सीट से 5.57 लाख वोट से जीत गए.

नई दिल्ली: विश्व की सबसे बड़ी लोकतांत्रिक पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह अब मोदी सरकार में शामिल हो गए हैं. उनका पूरा नाम अमित अनिलचंद्र शाह है और साल 2014 से वो बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं. अमित शाह गुजरात से नरेंद्र मोदी के भरोसेमंद रहे हैं. जब नरेंद्र मोदी मुख्यमंत्री हुआ करते थे तब अमित शाह के पास राज्य की अहम जिम्मेदारियां थीं लेकिन जब 2014 के लोकसभा चुनाव से पहले उन्हें उत्तर प्रदेश की जिम्मेदारी दी गई तो बीजेपी ने रिकॉर्ड सीटों पर जीत दर्ज की. ये शाह का ही कमाल था कि कुल 80 लोकसभा सीटों में से पार्टी ने राज्य की 71 सीटों पर जबरदस्त जीत दर्ज की.

अमित शाह के बीजेपी अध्यक्ष बनने के बाद यूपी में साल 2017 में विधानसभा चुनाव हुए. यहां भी बीजेपी को प्रचंड जीत मिली. विधानसभा की कुल 403 सीटों में से बीजेपी ने 312 सीटों पर जीत दर्ज की. साल 2017 में अमित शाह को बीजेपी ने राज्यसभा भेजा.

लोकसभा चुनाव में 5.57 लाख वोटों से जीते अमित शाह
इस बार के लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने अमित शाह को गुजरात के गांधीनगर से चुनावी मैदान में उतारा. अमित शाह गांधीनगर सीट से 5.57 लाख वोट से जीत गए. उन्होंने कांग्रेस के सी जे चावड़ा को हराया. शाह को 8.94 लाख वोट मिले जबकि चावड़ा को 3.37 लाख वोट मिले.

अमित शाह का आरंभिक जीवन
22 अक्टूबर 1964 को मुंबई में जन्मे अमित शाह का पैतृक घर गांधीनगर जिले के मानसा कस्बे में है. मानसा में आरंभिक पढ़ाई करने के बाद अमित शाह ने बायोकेमिस्ट्री की पढ़ाई अहमदाबाद में की. पढ़ाई के दौरान ही वे अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) से जुड़े. इसके बाद वो बीजेपी की यूथ विंग यानी भारतीय जनता युवा मोर्चा से जुड़े. यहां से आगे बढ़ते हुए वो राज्य इकाई में मंत्री, उपाध्यक्ष और महामंत्री बने और फिर 1997 में भारतीय जनता युवा मोर्चा के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष बने.

साल 1982 में हुई शाह की नरेंद्र मोदी से पहली मुलाकात
नरेंद्र मोदी से अमित शाह की पहली मुलाकात साल 1982 में हुई थी. शाह तब आरएसएस में सक्रिय थे जबकि मोदी बतौर प्रचारक युवाओं के बीच संघ के लिए काम कर रहे थे. साल 2001 में जब नरेंद्र मोदी पहली बार गुजरात के मुख्यमंत्री बने तो अमित शाह को मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिली. बाद में जब साल 2002 में गुजरात विधानसभा चुनाव के बाद नरेंद्र मोदी दोबारा गुजरात के मुख्यमंत्री बने तो अमित शाह को मंत्रिमंडल में जगह मिली.

1996 में चुनाव प्रभारी बने अमित शाह
1991 में जब लोकसभा के चुनाव हुए और आडवाणी गांधीनगर लोकसभा सीट से चुनाव लड़े तो अमित शाह ने प्रचार में योगदान दिया. 1996 में जब अटल बिहारी वाजपेयी गांधीनगर से लोकसभा चुनाव लड़ने के लिए आए तब अमित शाह उनके चुनाव प्रभारी बने. उसके बाद वो 1998,1999, 2004 और 2009 के लोकसभा चुनावों में गांधी नगर सीट पर आडवाणी के चुनाव प्रभारी रहे. गांधीनगर लोकसभा सीट का एक बड़ा हिस्सा अमित शाह की विधानसभा सीट सरखेज का था. चुनाव प्रभारी की भूमिका के दौरान अमित शाह आडवाणी के भी काफी करीब आए.

1997 में पहली बार विधायक बने
अमित शाह 1997 में पहली बार विधायक बने. अमदाबाद की सरखेज विधानसभा सीट पर बीजेपी के वरिष्ठ नेता और राज्य विधानसभा के तत्कालीन अध्यक्ष हरिश्चंद्र पटेल की मौत के बाद ये सीट खाली हो गई थी. इस सीट पर उपचुनाव हुए. अमित शाह ने कांग्रेस उम्मीदवार दिनेश ठाकोर को 24482 वोटों के अंतर से हरा दिया. ये जीत इसलिए भी अहम थी कि क्योंकि राज्य में बीजेपी के बागी शंकरसिंह वाघेला के नेतृत्व में कांग्रेस की सरकार थी. इसके बाद उन्होंने 1998, 2002, 2007 और 2012 में हुए विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज की.

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