गुजरात के सीएम से देश के प्रधानमंत्री बनने का सफर तय करने वाले नरेंद्र मोदी से जुड़ी कुछ खास बातें

गुजरात के सीएम से देश के प्रधानमंत्री बनने का सफर तय करने वाले नरेंद्र मोदी से जुड़ी कुछ खास बातें

गुजरात के सीएम से देश के प्रधानमंत्री बनने का सफर तय करने वाले नरेंद्र मोदी से जुड़ी कुछ खास बातें
नरेंद्र मोदी का जन्म 17 सितंबर 1950 को गुजरात के वडनगर में हुआ था.
नरेंद्र मोदी ने 2001 में गुजरात के सीएम का पद संभालने के बाद कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा.
नई दिल्ली: लोकसभा चुनाव 2019 (Lok Sabha Elections 2019) अपने अंतिम दौर में है और 23 मई को चुनावी नतीजों के साथ तय हो जाएगा कि देश में किसी सरकार बनेगी. इन सबके बीच पूरे देश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वाराणसी लोकसभा सीट चर्चा का विषय बनी हुई है. वाराणसी लोकसभा सीट पर एक बार फिर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बीजेपी के उम्मीदवार के तौर पर उतरे हैं. 2014 में हुए आम चुनाव में वाराणसी लोकसभा सीट से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारी बहुमत के साथ जीत दर्ज की थी. पीएम नरेंद्र मोदी ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी दिल्ली के सीएम और आम आदमी पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल को 3,71,784 वोटों के अंतर से हराया था.

2001 में गुजरात के सीएम का पद संभालने के साथ सक्रिय राजनीति में पदार्पण करने वाले नरेंद्र मोदी ने इसके बाद कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा. आइए जानते हैं बीजेपी के अग्रणी नेताओं में से एक नरेंद्र मोदी के जीवन से जुड़ी कुछ बातें….

नरेंद्र मोदी का जन्म 17 सितंबर 1950 को गुजरात के वडनगर में हुआ था. उनके पिता का नाम दामोदार दास मूलचंद मोदी और माता का नाम हीराबेन है.

नरेंद्र मोदी वडनगर के भगवताचार्य नारायणाचार्य स्कूल में पढ़ते थे. नरेंद्र मोदी बचपन में स्कूल में नाटक, वाद-विवाद में भाग लेते और पुरस्कार जीतते थे. वह एनसीसी में भी शामिल हुए थे.

नरेंद्र मोदी 17 वर्ष की उम्र में आरएसएस से जुड़े थे. आरएसएस में वे एक मेहनती कार्यकर्ता के तौर पर जाने जाते थे. नरेंद्र मोदी आरएसएस के बड़े आयोजनों को भी मैनेज करते थे. आरएसएस नेताओं का ट्रेन और बस में रिजर्वेशन का जिम्मा उन्हीं के पास होता था.

नरेंद्र मोदी बाद आगे चलकर संघ के प्रचारक बन गए. नरेंद्र मोदी ने 1990 के दशक में लाल कृष्ण आडवाणी की सोमनाथ-अयोध्या रथ यात्रा के आयोजन में अहम भूमिका निभाई थी. लालकृष्ण आडवाणी को नरेंद्र मोदी का राजनीतिक गुरु माना जाता है.

नरेंद्र मोदी की भाषण शैली को देश ही नही विदेश में भी काफी लोकप्रियता मिली है. नरेंद्र मोदी आरएसएस प्रचारकों के विपरीत दाढ़ी रखते थे और उसे ट्रीम करवाते थे. गुजरात का मुख्यमंत्री रहते हुए नरेंद्र मोदी ने वाइब्रेंट गुजरात समिट आयोजित कर देश और विदेश के उद्योगपतियों को निवेश के लिए आकर्षित किया. नरेंद्र मोदी पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन को गुजरात टूरिज्म का ब्रांड एम्बेसडर बनाया था.

वर्ष 2002 में गुजरात में भड़के दंगों में छवि खराब होने के बावजूद कुछ समय बाद हुए विधानसभा चुनाव में भी नरेंद्र मोदी की जीत हुई. 2007 के विधानसभा चुनाव जीत कर नरेंद्र मोदी दूसरी बार राज्य के मुख्यमंत्री बने. 20 दिसंबर, 2012 को मोदी ने गुजरात में तीसरी बार सीएम बनकर अपने नाम का डंका बजाया.

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