🔴शहादत दिवस को फूल माला को तरसे शहीद राजगुरु, भगत सिंह,सुखदेव….

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

🔴शहादत दिवस को फूल माला को तरसे शहीद राजगुरु, भगत सिंह,सुखदेव….

 

 

*🎴खरसिया/ रायगढ़* खरसिया नगरपालिका द्वारा 23 मार्च को किया शहीदों का अपमान जिन्होंने देश की आन बान शान के लिए अंग्रेजों से लोहा लिया देश को आजादी दिलाने अपना जीवन बलिदान किया।

खरसिया नगरपालिका के अधिकारी एवं खरसिया के जनप्रतिनिधियों के द्वारा उनके शहादत दिवस 23 मार्च को उनका अपमान किया गया। खरसिया नगरपालिका के प्रांगण में देश के आजादी के लिए कुर्बानी देने वालों शहीदों की मूर्तियां बनाकर शौन्दर्यीकरण के नाम पर लाखों रुपए की राशि का बंदरबांट किया गया है। लेकिन खरसिया नगर पालिका प्रशासन अथवा निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को उन शहीदों के आन बान शान एवं उनकी मूर्तियों के रखरखाव तथा सफाई व्यवस्था का कोई ध्यान नहीं है।

ऐसा ही नजारा कल 23 मार्च 2019 को खरसिया नगरपालिका प्रांगण में देखने को मिला जहां पर देश की आजादी में शहीद हुए शहीद भगत सिंह , शहीद राजगुरु एवं शहीद सुखदेव की मूर्तियां धूल दूसरीत अवस्था में पड़ी रही । ना ही नगर पालिका के द्वारा उनके साफ-सफाई एवं धुलवाने की व्यवस्था की गई न ही उन शहीदों की मूर्तियों को सम्मानित किया गया। उस पर माल्यार्पण तक नहीं किया गया खरसिया नगरपालिका किस घोर लापरवाही को लेकर नागरिकों में आम चर्चा व्याप्त है।

 

जब देश की आजादी के लिए अपने प्राण न्यौछावर करने वाले शहीदों एवं महापुरुषों की प्रतिमाओं के देखरेख एवं सम्मान का जिम्मा नगरपालिका नहीं ले सकती तो सिर्फ कमीशन खोरी के चक्कर में इन महापुरुषों की मूर्तियां जगह जगह लगा कर उनका अपमान क्यों किया जा रहा है। खरसिया नगरपालिका की लापरवाही इससे पहले भी कई बार सामने आ चुकी है। भारत के संविधान निर्माता बाबा साहब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा हो या राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा हो पंडित दीनदयाल की प्रतिमा हो उनके पुण्यतिथि एवं जन्म दिवस के अवसर पर इन मूर्तियों की साफ सफाई की स्थानीय प्रशासन के द्वारा नहीं की जाती है । वह तो सुक्र है कुछ सामाजिक कार्यकर्ताओं का जिनके द्वारा स्वयं संज्ञान लेकर उक्त मूर्तियों की स्वच्छता एवं धुलाई का कार्य किया जाता है । साथ ही उनका माल्यार्पण एवं उनकी जयंती शहादत मनाई जाती है। यदि नगरपालिका के भरोसे छोड़ दिया जाए तो देश की आजादी के लिए अपने प्राण न्यौछावर करने वाले इन शहीदों एवं महापुरुषों को फूल माला तो दूर स्वच्छता एवं सफाई के लिए एक बाल्टी पानी तक नसीब नहीं होगा। बड़ी-बड़ी बातें करने वाले निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को भी अपने कर्तव्य का बोध आभास नही है ऐसे में इन महापुरुषों का अपमान करने वाले उनकी मूर्तियां लगा कर उनकी उपेक्षा करने वाले ऐसे जनप्रतिनिधियों एवं प्रशासनिक अधिकारियों के विरुद्ध कानूनी कार्यवाही की मांग भी उठने लगी है । जब किसी का सम्मान नहीं कर सकते तो चौक-चौक में मूर्तियां लगा कर उनको अपमानित करने का अधिकार भी किसी को नहीं है । खरसिया नगरपालिका के इस घोर लापरवाही की चारों ओर निंदा की जा रही है । कि आखिर जब आजादी के इन रणबांकुरों को नगरपालिका उनके जन्मदिवस एवं पुण्यतिथि पर सम्मान नहीं दे सकती तो आखिर सिर्फ कमीशन खोरी के चक्कर में उनकी मूर्तियां क्यों लगाई गई है। कुछ सामाजिक कार्यकर्ता एवं संगठन उक्त लापरवाही के खिलाफ कार्यवाही हेतु कलेक्टर को ज्ञापन सौंपने की तैयारी में है। कि आखिर लाखो रु प्रतिमाह स्वच्छता के नाम पर आहरण करने वाले सफाई ठेकेदारों को आखिर इन शहीदों की मूर्तियां क्यों दिखाई नही दी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *