🛑आखिर रेप एवं युवती का अश्लील वीडियो वायरल करने वाले आरोपी पर क्यों मेहरबान धर्मजयगढ़ पुलिस…❓*

*🛑आखिर रेप एवं युवती का अश्लील वीडियो वायरल करने वाले आरोपी पर क्यों मेहरबान धर्मजयगढ़ पुलिस…❓*

*🔴धर्मजयगढ़/रायगढ़* नाबालिक युवती का यौन शोषण कर अश्लील वीडियो बनाकर सोशल मीडिया में वायरल करने वाले घिनौना कृत्य कर समाज को कलंकित करने वाले डभरा एसडीओपी के पुत्र युवराज सिंह को गिरफ्तार करने आखिर धरमजयगढ़ पुलिस क्यों कतरा रही है..? सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार आईपीसी की धारा 376 पास्को ,आईटी एक्ट, 506 बी के आरोपी युवराज सिंह के विरुद्ध पहले तो धर्मजयगढ़ पुलिस ने रिपोर्ट लिखने में आनाकानी की जब मामला मीडिया में आया तब बड़ी मुश्किल से धरमजयगढ़ पुलिस की किरकिरी होने पर पुलिस कप्तान के निर्देश पर बमुश्किल नाबालिग आदिवासी युवती के साथ यौन शोषण कर उसकी अश्लील वीडियो बनाकर सोशल मीडिया में वायरल करने वाले अपराधिक प्रवृत्ति के युवक युवराज सिंह के विरुद्ध धरमजयगढ़ पुलिस ने मामला दर्ज किया ।
लगातार मामले की जानकारी सोशल मीडिया के माध्यम से मिलने के बावजूद बिगड़ैल युवक के एसडीओपी मां के दबाव में पुलिस कानून के साथ खेलते नजर आई अब जब मामला दर्ज हो चुका है तो उक्त गंभीर अपराध के आरोपी युवक की गिरफ्तारी एवं पता शाजी करने के बजाय पुलिस पर मामले को सुलह कराने एवं शिकायत वापस कराने का दबाव बनाए जाने के आरोप लग रहे हैं।

मीडिया में मामला सामने आने के बाद धरमजयगढ़ पुलिस की किरकिरी होने के कारण पहले तो प्रार्थी के द्वारा रिपोर्ट लिखाने से इनकार की बात प्रचारित की गई बाद में महिला थाना प्रभारी द्वारा यह कह कर मामले को सुलझाने का प्रयास किया गया कि पीड़िता का परिवार धरमजयगढ़ से लापता है एवं कार्यवाही नहीं चाहता बाद में पुलिस कप्तान के निर्देश पर एसडीओपी अर्जुन कुर्रे के द्वारा मामले की गंभीरता को देखते हुए पीड़िता के परिजनों से बयान के आधार पर उक्त बिगड़ैल युवक युवराज सिंह के विरुद्ध आईपीसी की धारा 376, 4-6 पॉक्सो एक्ट आईटी एक्ट एवं 506 बी के तहत साथ मामला तो दर्ज किया गया । लेकिन मामला दर्ज होने के 1 सप्ताह बाद भी पुलिस के पकड़ से आरोपी बाहर है यही कारण है कि आरोपी एवं उसके परिजन मामले को वापस लेने एवं उक्त गंभीर मामले के साथ एवं गवाहों को प्रभावित करने पीड़िता के परिजनों को दबाव डालकर मामला वापस लेने लगातार प्रयास कर रहे हैं।

*🛑युवती के परिजनों को मामला वापस लेने दीया 20 लाख का प्रलोभन….❓*

सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार रेप ब्लैकमेलिंग एवं आईटी एक्ट के आरोपी युवराज सिंह को बचाने उसकी एसडीओपी मां के द्वारा पहले पुलिस प्रशासन के साथ मिलकर मामले में रिपोर्ट दर्ज होने रोका बाद में मीडिया में मामला आने के बाद जब एफ आई आर दर्ज हुआ तब पीड़िता के परिवार एवं पिता को पहले खाकी का रौब दिखाया जब खाकी के सामने पीड़िता का परिवार नहीं झुका तब उसे पैसे का प्रलोभन देकर मामले को रफा-दफा करने एवं साक्ष्य एवं गवाहों को प्रभावित करने का खुला खेल खेले जाने की चर्चा धरमजयगढ़ में आम है। सूत्रों की मानें तो मामले को रफा-दफा करने पीड़िता के परिजनों को ₹ 2000000 का प्रलोभन भी दिया गया है। जानकारों के मुताबिक पीड़िता के परिजनों को अपने पुलिसिया रौब के दम पर 1000000 रुपए की पहली किस्त देकर मामले में साइलेंट मोड में रहने दबाव बनाया जा रहा है। जब रेप एवं आईटी एक्ट के आरोपियों के विरुद्ध कार्यवाही करने में पुलिस के हाथ पांव फूल रहे हैं ।
ऐसे में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के लिए देश में सम्मान प्राप्त रायगढ़ जिले में बेटियों की सुरक्षा पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं ।
यदि समय रहते उक्त रेपिस्ट एवं पॉक्सो के आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होती है तो निश्चित तौर पर रेप एवं अश्लील वीडियो सोशल मीडिया में डालकर महिला समाज को अपमानित करने वाले ऐसे अपराधिक तत्वों के हौसले बुलंद होते रहेंगे रायगढ़ जिले के संवेदनशील पुलिस कप्तान राजेश अग्रवाल के द्वारा जब उक्त मामले में कार्यवाही करने निर्देश दिए गए थे । तब लोगों को यह आस जगी थी कि शीघ्र ही आरोपी जेल के शिकंजे के पीछे होगा लेकिन मामला दर्ज होने के 1 सप्ताह बाद भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होने से एक बार फिर पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए । क्या पुलिस उक्त आरोपी युवराज सिंह को गिरफ्तार करने में कामयाब होती है या फिर रेप का आरोपी खुलेआम अन्य लड़कियों की जिंदगी खराब करते खुलेआम कानून कि धज्जियां उड़ाएगा ।

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