Chhattisgarh में लोकसभा चुनाव की दिशा तय करेंगे 23 लाख बेरोजगार

Chhattisgarh में लोकसभा चुनाव की दिशा तय करेंगे 23 लाख बेरोजगार
Chhattisgarh में विधानसभा चुनाव के वक्त युवक कांग्रेस ने भरवाया था 50 लाख बेरोजगारों से फार्म।

रायपुर। छत्तीसगढ़ में लोकसभा चुनाव में बेरोजगारी बड़ा मुद्दा बनने जा रहा है। प्रदेश में 23 लाख 25 हजार 85 पंजीकृत बेरोजगार हैं। जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केंद्रों के आंकड़े तो अपनी जगह हैं, खुद युवक कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव से पहले बेरोेजगारी को बड़ा मुद्दा बनाया था।

युवक कांग्रेस ने 50 लाख बेरोजगारों से फार्म भरवाए थे। कांग्रेस के विधानसभा चुनाव अभियान में यह बड़ा मुद्दा था। अब लोकसभा के चुनाव सिर पर हैं और दो महीने पुरानी कांग्रेस सरकार बेरोजगारी दूर करने के मुद्दे पर खास कुछ कर नहीं पाई है।

ऐसे में युवक कांग्रेसी इस बात को लेकर परेशान हैं कि दोबारा बेरोजगार युवाओं के पास किस मुंह से जाएं। कांग्रेस ने लोकसभा चुनाव में भी बेरोजगारों को साधने के लिए विधानसभा चुनाव के फार्मूले पर ही चलना चाहती है। एक बार फिर बेरोजगारों से फार्म भरवाना है। इस फार्म का नाम इस बार युवा शक्ति फार्म दिया गया है। हालांकि युवाओं को सशक्त करने की योजनाएं अभी कागज में भी नहीं उतर पाई हैं। ऐसे में लोकसभा चुनाव में बेरोजगारी का मुद्दे किस पाले चला जाएगा यह कहना फिलहाल मुहाल है।

कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव के दौरान अपने घोषणापत्र में युवाओं के लिए राजीव मित्र योजना की घोषणा की थी। इसके तहत 10 लाख युवा बेरोजगारों को सामुदायिक विकास और समाजसेवी गतिविधियों के लिए हर महीने न्यूनतम 25 सौ रुपये दिया जाना है। इस बार के बजट में इस योजना को जगह नहीं मिल पाई।

सरकार ने यह कहकर योजना को टाल दिया कि जनादेश तो पांच साल के लिए मिला है। नई सरकार ने आते ही महाविद्यालयों में सहायक प्राध्यापक और स्कूलों में डेढ़ हजार शिक्षकों की भर्ती का विज्ञापन जारी किया। जिस प्रदेश में कुल आबादी के दस फीसद से ज्यादा लोग बेरोजगार हैं वहां हजार दो हजार पदों से कितना लाभ होगा यह समझा जा सकता है।

सरकार नरवा, गरूवा, घुरवा, बाड़ी के जरिए ग्रामीण इलाकों में रोजगार सृजन की योजना बना रही है। इसका जिक्र बजट में भी आया है। इसके तहत सभी पंचायतों में दस-दस युवाओं को गोबर गैस और कम्पोस्ट खाद की ट्रेनिंग दी जानी है। नरवा, गरूवा, घुरवा, बाड़ी योजना में अलग से कोई पैसा नहीं दिया गया है और फिलहाल यह योजना धरातल पर नहीं दिख रही है। इन परिस्थितियों में बेरोजगारों की बेचैनी स्वाभाविक है। चुनाव सामने हैं और इसका असर पड़ना तय है।

योजना बन रही है, इंतजार करें

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सोमवार को पंडित रविशंकर शुक्ल विवि के दीक्षांत समारोह में कहा कि सरकार फूड पार्क, मेडिकल प्लांट, आईटी पार्क की योजना पर काम कर रही है। इन उद्योगों में स्थानीय बेरोजगारों को काम मिलेगा।

मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव गौरव द्विवेदी ने नईदुनिया से कहा कि स्थानीय स्तर पर उद्योगों की स्थापना की योजना पर काम चल रहा है। यह पाइपलाइन में है। थोड़ा वक्त लगेगा। अभी यह नहीं कह सकते कि इन प्रयासों से कितने लोगों को रोजगार मिलेगा, लेकिन मुख्यमंत्री ने साफ कर दिया है कि सभी सेक्टर को ध्यान में रखकर कार्ययोजना बनाई जाए और स्थानीय युवाओं को रोजगार दिया जाए।

जिलेवार पंजीकृत बेरोजगारों की संख्या

अंबिकापुर-89893

बिलासपुर-154282

बीजापुर-10482

दुर्ग-288487

धमतरी-84312

दंतेवाड़ा-33019

जगदलपुर-60473

जांजगीर-130379

जशपुर-74363

कांकेर-75815

कोरबा-90951

कबीरधाम-48836

मनेंद्रगढ़-33250

महासमुंद-40974

नारायणपुर-18123

रायपुर-105280

रायगढ़-175312

राजनांदगांव-179520

बालोद-147405

बेमेतरा-68906

बलरामपुर-50845

बलौदाबाजार-105970

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कुल-2325085

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