नमस्कार 🙏 हमारे न्यूज पोर्टल - मे आपका स्वागत हैं ,यहाँ आपको हमेशा ताजा खबरों से रूबरू कराया जाएगा , खबर और विज्ञापन के लिए संपर्क करे +91 97541 60816 ,हमारे यूट्यूब चैनल को सबस्क्राइब करें, साथ मे हमारे फेसबुक को लाइक जरूर करें , खरसिया पुलिस हिरासत में संदिग्ध की मौत, टॉर्चर के आरोपों से गरमाया मामला परिजनों का आरोप – पुलिस प्रताड़ना से बिगड़ी हालत, उपचार के दौरान रायपुर मेकाहारा में रमेश चौहान ने तोड़ा दम गुस्साए ग्रामीणों ने खरसिया तहसील का किया घेराव 🔥 – पर्दाफाश

पर्दाफाश

Latest Online Breaking News

खरसिया पुलिस हिरासत में संदिग्ध की मौत, टॉर्चर के आरोपों से गरमाया मामला परिजनों का आरोप – पुलिस प्रताड़ना से बिगड़ी हालत, उपचार के दौरान रायपुर मेकाहारा में रमेश चौहान ने तोड़ा दम गुस्साए ग्रामीणों ने खरसिया तहसील का किया घेराव 🔥

😊 कृपया इस न्यूज को शेयर करें😊

खरसिया पुलिस हिरासत में संदिग्ध की मौत, टॉर्चर के आरोपों से गरमाया मामला
परिजनों का आरोप – पुलिस प्रताड़ना से बिगड़ी हालत, उपचार के दौरान रायपुर मेकाहारा में रमेश चौहान ने तोड़ा दम
गुस्साए ग्रामीणों ने खरसिया तहसील का किया घेराव 🔥

खरसिया। खरसिया थाना क्षेत्र के परसकोल हत्याकांड की जांच के दौरान हिरासत में लिए गए संदिग्ध रमेश चौहान (पिता स्व. मोहन चौहान) की उपचार के दौरान रायपुर स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर स्मृति चिकित्सालय (मेकाहारा) में मौत हो गई। घटना के बाद क्षेत्र में तनाव और आक्रोश का माहौल बना हुआ है।

क्या है पूरा मामला?

मिली जानकारी के अनुसार, परसकोल हत्याकांड की जांच के सिलसिले में खरसिया पुलिस ने कुछ संदिग्धों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया था, जिनमें रमेश चौहान भी शामिल था। परिजनों का आरोप है कि वह सुबह पूरी तरह स्वस्थ अवस्था में थाना गया था, लेकिन कुछ ही घंटों में उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई।
पुलिस द्वारा पंचायत के सरपंच को सूचना दी गई कि रमेश की तबीयत खराब है और परिजन अस्पताल पहुंचें। जब परिवार के लोग खरसिया अस्पताल पहुंचे तो रमेश के शरीर का एक हिस्सा पैरालाइज हो चुका था और वह ठीक से बोल भी नहीं पा रहा था।
गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे पहले रायगढ़ मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। सिटी स्कैन जांच में सिर में खून का थक्का (ब्लड क्लॉट) जमने की पुष्टि हुई। हालत में सुधार न होने पर देर रात उसे रायपुर के मेकाहारा अस्पताल भेजा गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मृत्यु हो गई।
परिजनों का आरोप – “टॉर्चर से हुई मौत”
रमेश की पत्नी और बड़े भाई का कहना है कि पुलिस हिरासत में मारपीट के कारण उसकी यह हालत हुई। उनका आरोप है कि यदि समय रहते उचित और पारदर्शी उपचार मिलता तो जान बच सकती थी। परिवार ने निष्पक्ष न्यायिक जांच और संबंधित पुलिसकर्मियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
तहसील कार्यालय का घेराव
घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने बड़ी संख्या में खरसिया तहसील कार्यालय पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया और प्रशासन से जवाब मांगा। परिजन अस्पताल के रेफर दस्तावेज लेकर एसडीएम से मिले और पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी।
एसडीएम प्रवीण तिवारी ने तत्काल 5000 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की और निजी एंबुलेंस की व्यवस्था कर रायगढ़ मेडिकल कॉलेज भिजवाया था।
राजनीतिक प्रतिक्रिया
मामले को लेकर खरसिया विधायक एवं कांग्रेस ग्रामीण जिला अध्यक्ष नगेन्द्र नेगी ने निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस का पक्ष
वहीं खरसिया एसडीओपी का कहना है कि मृतक आदतन शराब का सेवन करता था और प्रारंभिक जानकारी के अनुसार स्वास्थ्य संबंधी कारणों से उसकी मौत हुई है। पुलिस के विरुद्ध लगाए गए टॉर्चर के आरोपों को उन्होंने बेबुनियाद बताया है।
फिलहाल पूरे मामले में प्रशासनिक जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। यदि जांच में पुलिस प्रताड़ना की पुष्टि होती है तो मामला मानवाधिकार उल्लंघन के बड़े मुद्दे के रूप में सामने आ सकता है।

Whatsapp बटन दबा कर इस न्यूज को शेयर जरूर करें 

Advertising Space


स्वतंत्र और सच्ची पत्रकारिता के लिए ज़रूरी है कि वो कॉरपोरेट और राजनैतिक नियंत्रण से मुक्त हो। ऐसा तभी संभव है जब जनता आगे आए और सहयोग करे.

Donate Now

लाइव कैलेंडर

March 2026
M T W T F S S
 1
2345678
9101112131415
16171819202122
23242526272829
3031  

You May Have Missed