📢 “जीरो एफआईआर” (Zero FIR) क्या है? (जनहित में जारी).
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📢 “जीरो एफआईआर” (Zero FIR) क्या है?
(जनहित में जारी)

क्या आप जानते हैं कि अपराध कहीं भी हुआ हो, आप किसी भी नजदीकी पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज करा सकते हैं? इसे Zero FIR कहा जाता है।
🔹 क्या कहता है कानून?
यदि कोई संज्ञेय अपराध (Cognizable Offense) हुआ है, तो पुलिस यह बहाना नहीं बना सकती कि “यह मामला हमारे क्षेत्र का नहीं है।” FIR दर्ज करना पुलिस की कानूनी जिम्मेदारी है।
🔹 Zero FIR की प्रक्रिया क्या है?
पुलिस तुरंत FIR दर्ज करती है।
उसे एक “Zero” नंबर दिया जाता है।
बाद में वह FIR संबंधित क्षेत्र (Jurisdiction) वाले थाने में ट्रांसफर कर दी जाती है।
🔹 इसका फायदा क्या है?
✅ सबूत नष्ट होने से बचते हैं
✅ पीड़ित को तुरंत कानूनी सहायता मिलती है
✅ जांच में देरी नहीं होती
🔹 अगर पुलिस FIR दर्ज करने से मना करे तो क्या करें?
आप Section 173(8) BNSS (पूर्व धारा 154(3) CrPC) के तहत पुलिस अधीक्षक (SP) को लिखित शिकायत भेज सकते हैं या संबंधित मजिस्ट्रेट के पास आवेदन कर सकते हैं।
⚖️ जागरूक बनें, अपने अधिकार जानें — क्योंकि कानून आपकी सुरक्षा के लिए है।
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