Jspl तमनार मामला महिला पुलिस प्रताड़ना मामले मे आरोपी चित्रसेन साहू कों हतकड़ी लगाके चड्डी मे घुमाना पुलिस के ऊपर शख्त हाईकोर्ट लगाई फटकार…. माँगा जवाब
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छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के तमनार में प्रदर्शन के दौरान एक महिला पुलिसकर्मी के साथ बदसलूकी और मारपीट करने वाले आरोपी को हथकड़ी लगाकर जुलूस निकालने के मामले ने अब कानूनी रूप ले लिया है।
इस मामले से जुड़ी मुख्य जानकारियां निम्नलिखित हैं:
- घटना का विवरण: तमनार में कोयला खदान की जनसुनवाई के विरोध के दौरान प्रदर्शनकारियों ने एक महिला आरक्षक की वर्दी फाड़ी और उसके साथ अभद्रता की थी।
- पुलिस की कार्रवाई: पुलिस ने मुख्य आरोपी चित्रसेन साव को गिरफ्तार किया और उसे हथकड़ी पहनाकर, जूते-चप्पलों की माला डालकर और चेहरे पर कालिख/लिपस्टिक लगाकर सार्वजनिक सड़कों पर उसका जुलूस निकाला। इस दौरान पुलिस ने आरोपी से “पुलिस हमारी बाप है, वर्दी फाड़ना पाप है” जैसे नारे भी लगवाए।
- हाई कोर्ट में शिकायत: इस अपमानजनक कार्रवाई को मानवाधिकारों और सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों (अनुच्छेद 21) का घोर उल्लंघन बताते हुए छत्तीसगढ़ के सामाजिक कार्यकर्ताओं और पूर्व पुलिस अधिकारियों ने सवाल उठाए हैं।
- ताजा स्थिति: मुख्य न्यायाधीश, छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय (बिलासपुर) के समक्ष इस अमानवीय घटना की शिकायत की गई है। याचिकाकर्ताओं ने हाई कोर्ट से इस मामले में स्वतः संज्ञान (Suo Motu) लेने और रायगढ़ के कलेक्टर एवं एसपी के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।
- विवाद: जहां एक ओर पुलिस इसे समाज में कड़ा संदेश देने की कार्रवाई बता रही है, वहीं कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि पुलिस का “सड़क छाप न्याय” कानून की प्रक्रिया के खिलाफ है।
आप इस मामले से जुड़ी कानूनी प्रक्रियाओं और अपडेट्स को छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय की आधिकारिक वेबसाइट पर देख सकते हैं।
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