16 फरवरी 1998 से बाबा सत्यनारायण रायगढ़ के कोसमनारा में हठ योग में लीन हैं।जानिए उनकी सच्ची कहानी जो बिना एक भी पत्ते की छाँव के हर मौसम में तप में लीन हैं

😊 कृपया इस न्यूज को शेयर करें😊
|
*श्री श्री 1008 सत्यनारायण रायगढ़ बाबाधाम कोसमनारा की सच्ची कहानी….!*
हिन्दू शास्त्रों में ऋषि मुनियों की कठोर तपस्या का वर्णन मिलता है, जिसे लोग अक्सर काल्पनिक कथा कहानियां समझते हैं। लेकिन छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिला मुख्यालय में स्थित बाबा सत्यनारायण की तपस्या एक सच्ची कहानी है, जो लोगों को प्रेरित करती है।
16 फरवरी 1998 से बाबा सत्यनारायण रायगढ़ के कोसमनारा में हठ योग में लीन हैं। 27 वर्ष बीत जाने के बाद भी बाबा की तपस्या जारी है। रायगढ़ की गर्मी, ठंड और बरसात में बिना छत के बाबा की तपस्या अद्भुत है।
बाबा सत्यनारायण का जन्म 12 जुलाई 1984 को देवरी, डूमरपाली में हुआ था। बचपन से ही आध्यात्मिक बालक थे और एक बार गांव के तालाब के बगल में स्थित शिव मंदिर में 7 दिनों तक तपस्या की। 14 साल की उम्र में वे स्कूल के लिए निकले, लेकिन स्कूल नहीं गए और रायगढ़ की ओर रवाना हो गए।
कोसमनारा में बाबा ने पत्थरों को इकट्ठा कर शिवलिंग का रूप दिया और अपनी जीभ काटकर समर्पित कर दी। लोगों ने बाबा की निगरानी की, लेकिन बाबा तपस्या में लीन हो गए। मां-बाप ने नाम दिया था हलधर, पिता प्यार से सत्यम कहते थे, लेकिन लोगों ने नाम दिया बाबा सत्यनारायण।
बाबा बात नहीं करते, लेकिन जब ध्यान तोड़ते हैं तो भक्तों से इशारे में संवाद कर लेते हैं। रायगढ़ की धरा को तीर्थ स्थल बनाने वाले बाबा सत्यनारायण के दर्शन करने वाले भक्तों के लिए अब कोसमनारा में लगभग हर व्यवस्था है। लेकिन बाबा ने खुद के सर पर छांव करने से मना किया हुआ है।
कोसमनारा, रायगढ़ की पवित्र भूमि पर स्थित एक ऐसा स्थल है, जो श्रद्धा, भक्ति और तपस्या का जीवंत प्रतीक बन चुका है। यह वही तपोभूमि है जहां एक साधारण किसान परिवार में जन्मे युवक ने संसार को त्यागकर शिवभक्ति का मार्ग अपनाया और वर्षों की कठिन साधना से श्री श्री 1008 श्री सत्यनारायण बाबा के रूप में प्रतिष्ठित हुए।
इस तीर्थस्थल में अब एक भव्य दुर्गा मंदिर भी बनाया गया है, जहां नियमित पूजा-अर्चना होती है। भक्तों की सुविधाओं हेतु धर्मशाला और सेवा सुविधाएं भी विकसित की गई हैं। हर वर्ष बाबा सत्यनारायण जी का जन्मदिवस अत्यंत भव्यता से मनाया जाता है।
बाबा सत्यनारायण की तपोभूमि कोसमनारा अब तीर्थ के साथ-साथ एक सुव्यवस्थित धार्मिक परिसर के रूप में भी विकसित हो रही है। आज बाबा सत्यनारायण के 41वें जन्मदिवस के पावन अवसर पर, रायगढ़ विधायक एवं छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी द्वारा एक महत्वपूर्ण घोषणा की गई। उन्होंने जिला खनिज न्यास मद (DMF) से ₹1 करोड़ 20 लाख की राशि कोसमनारा स्थित बाबा सत्यनारायण धाम परिसर के चार प्रमुख विकास कार्यों हेतु स्वीकृत की है।
आज भी जन्मदिवस के पावन अवसर पर सत्यनारायण बाबा जी का कठोर तप जारी है।
राइटर – शंकर सुमन शिव भक्त खरसिया जिला रायगढ़ छत्तीसगढ़ प्रदेश।

Whatsapp बटन दबा कर इस न्यूज को शेयर जरूर करें |
Advertising Space