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प्रबंधक हड़ताल पर धान खरीदी कौन करेगा, सोमवार को बैठक..!

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प्रबंधक हड़ताल पर धान खरीदी कौन करेगा, सोमवार को बैठक..!

समिति प्रबंधकों के साथ कलेक्टर लेंगी मीटिंग, बहिष्कार कर रहे समिति कर्मचारियों को मनाने का प्रयास


रायगढ़। धान खरीदी के पहले समिति कर्मचारियों और सरकार के बीच गतिरोध दूर नहीं हो सका है। शासन ने सभी जिलों में अलग-अलग तरीके से आंदोलनकारियों को मनाने के आदेश दिए हैं। 31 अक्टूबर को कलेक्टर ने समिति प्रबंधकों की बैठक बुलाई है। इसमें धान खरीदी को लेकर अहम फैसला हो सकता है। इस बार धान खरीदी के ऐन पहले समिति प्रबंधकों की हड़ताल से परेशानी खड़ी हो गई है। संचालक मंडल पहले से भंग है। अब धान खरीदी की वैकल्पिक व्यवस्था करने में पसीना छूट रहा है। समिति कर्मचारी अपनी मांगों के बारे में एक महीने पहले ही सरकार को ज्ञापन दे चुके हैं। इसके बावजूद कोई निर्णय नहीं लिया गया है। समिति प्रबंधकों की मांग है कि कमीशन में बढ़ोतरी के साथ रखरखाव के लिए मिलने वाले खर्च में भी इजाफा किया जाए।

कई सालों से धान खरीदी के प्रासंगिक और प्रशासनिक व्यय की दर 12 रुपए प्रति क्विंटल है। इस राशि में हमाली से लेकर रखरखाव और सुरक्षा का भी खर्च किया जाता है। समिति में इससे अधिक राशि खर्च हो जाती है। सूखत का प्रावधान नहीं होता लेकिन उठाव में दो-तीन महीने कीदेरी की जाती है। इसलिए समिति में ही धान सूख जाता है। वजन में कमी की भरपाई प्रबंधकों से कराई जाती है। ऐसे ही कई मसलों पर इस बार प्रबंधक अड़े हुए हैं। सरकार ने हर जिले में बैठक लेकर गतिरोध दूर करने का आदेश दिया है। 31 अक्टूबर को रायगढ़ कलेक्टर ने बैठक बुलाई है जिसमें समिति प्रबंधकों से बातचीत की जाएगी। अगर वे नहीं माने तो सरकार क्या कदम उठाएगी, नहीं कहा सकता।

खरीदी के लिए वैकल्पिक कमेटी
एक नवंबर से धान खरीदी प्रारंभ होने वाली है। टोकन काटने के लिए समिति कर्मचारियों पर निर्भरता खत्म करने के लिए एंड्रॉइड एप बनाया गया है। इसके बाद भी उपार्जन केंद्र में तौल, स्टेक आदि के लिए कई लोगों की जरूरत होगी। इतनी जल्दी सरकार कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं कर पाएगी। इसलिए कहा जा रहा है कि कुछ मांगों को आंशिक रूप से माना जा सकता है।

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