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पर्दाफाश

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प्रमुख हिंदी माध्यम स्कूलों को बंद करने से ग्रामीण क्षेत्र में शिक्षा व्यवस्था हो जाएगी ध्वस्त* *भाजपा का शासन आते हैं अपने धरोहर एवं शिक्षकों का सम्मान स्थापित करेंगे* *कही करोड़ो की बेशकीमती जमीन निजी हाथों में सौपने की तैयारी तो नही*

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*प्रमुख हिंदी माध्यम स्कूलों को बंद करने से ग्रामीण क्षेत्र में शिक्षा व्यवस्था हो जाएगी ध्वस्त*

*भाजपा का शासन आते हैं अपने धरोहर एवं शिक्षकों का सम्मान स्थापित करेंगे*

*कही करोड़ो की बेशकीमती जमीन निजी हाथों में सौपने की तैयारी तो नही*

*-अरुण धर दीवान,जिला महामंत्री,भाजपा*

रायगढ़ – भारतीय जनता पार्टी के जिला महामंत्री अरुण धर दीवान ने बताया ,छत्तीसगढ़ शासन द्वारा अंग्रेजी माध्यम आत्मानंद उत्कृष्ट स्कूलों के संचालन के नाम पर जिला के प्रमुख पुराने एवं विकासखंड मुख्यालय में समन्वय केंद्र स्कूलों को बंद करने का षड्यंत्र चल रहा है , हर विकासखंड के प्रमुख स्कूलों को अंग्रेजी माध्यम स्कूल बनाया गया है जबकि उन स्कूलों में दर्ज संख्या बहुत ज्यादा है एवं उन्हीं स्कूलों में पूरे क्षेत्र के विद्यार्थी अध्यापन करने आते हैं ग्रामीण एवं आदिवासी छेत्र के छात्र हिंदी स्कूलों में पढ़ने के लिए छात्रावास का उपयोग करते हैं शासन की नीति के अनुसार जब इन स्कूलों का संचालन बंद हो जाएगा तो छात्रावास एवम ग्रामीण छात्रों का भविष्य का क्या होगा है , अभी तक दोनों माध्यमों का दो शिफ्ट में संचालन हो रहा था और दोनों ही माध्यम के छात्र बहुत अच्छे से अध्यापन कर रहे थे, फिर अचानक पूरे जिले के प्रमुख हिंदी माध्यमों के स्कूलों के शिक्षकों का स्थानांतरण आदेश जारी कर दिया गया जिससे प्रतीत होता है कि प्रमुख सचिव आलोक शुक्ला के पत्र में जो निर्देश था की जहां अंग्रेजी माध्यम स्कूल संचालित होगा वहां के छात्रों को अनियंत्रित स्थापित किया जाएगा उसी के अनुसार कार्रवाई चल रही है।
डी एम् एफ म एवं सी एस आर के फंड से उन स्कूलों को सजाने के लिए खर्च किया गया है उससे कम में नया भवन बन जाता एवं किसी स्कूल को बंद करने की एवं ग्रामीण क्षेत्र के छात्रों को परेशान भी नहीं होना पड़ता पूरे प्रदेश में शासन के इस नियम का घोर विरोध हो रहा है जगह-जगह छात्र छात्राएं प्रदर्शन कर रहे हैं चक्का जाम कर रहे हैं परंतु शासन अपनी हठधर्मिता मैं चल रही है प्रदेश के लगभग 3 लाख छात्रों को अपना स्कूल छोड़ना पड़ेगा एवं इतने ही छात्रों के पलकों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा क्योंकि जहां पास में अध्ययन के लिए व्यवस्था थी उसको समाप्त किया जा रहा है ,अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई के नाम पर समिति को शासकीय बिल्डिंग सौंपना समझ से परे हैं, विकासखंड मुख्यालय में बालक विद्यालय एक एक हैं उनको बंद करने से लगभग 10 से 20 किलोमीटर तक दूर अध्ययन के लिए जाना पड़ेगा जो बहुत ही कठिन एवम आर्थिक बोझ पड़ेगा ,शासन का काम शिक्षा को लोगों तक पहुंचाना है न कि दूर करना एवं शासकीय संपति को समिति को सौंपना।
भाजपा शासनकाल में हर 3 किलोमीटर में छात्र छात्राओं के लिए हाई स्कूल खोल कर पढ़ने की सुविधा की गई थी उस सुविधा को बढ़ाने की अपेक्षा समाप्त किया जा रहा है इस सरकार द्वारा, भूपेश सरकार ने अपने कार्यकाल में शिक्षा के लिए कोई भी जन कल्याणकारी कार्य नहीं किया , बल्कि बनी बनाई शिक्षा व्यवस्था को तबाह किया जा रहा है अगर इनको उत्कृष्ट विद्यालय खोलना है तो नया पद संरचना एवं नया भवन के साथ खोलना था , जिसका सब स्वागत करेंगे परंतु वर्षों पुरानी धरोहरों को समाप्त करना और हिंदी माध्यम के शिक्षकों से अंग्रेजी माध्यम पढ़ाना कितना सही फैसला जिन शिक्षकों की नियुक्ति की गई है सभी हिंदी माध्यम के टीचर है उनसे ही अंग्रेजी माध्यम पढ़ाना था तो पहले से पढ़ा रहे हैं उनको क्यों हटाया गया ,शासकीय विद्यालय का समिति को क्यों सौंपा जा रहा है क्या शिक्षा का व्यापारी कारण तो नहीं हो रहा है कि आगे चलकर इन समितियों के माध्यम से हर विकासखंड जिला मुख्यालय की बेशकीमती जमीनों को निजी हाथों में सौंपा जा सके इसकी आशंका सभी ग्रामीणों के दिमाग में चल रही है जब पर्याप्त जमीन है पर्याप्त फंड है जिसके माध्यम से करोड़ों खर्च कर सुधार किया जा रहा हैं ,तब नया स्कूल न खोल पुराना बन्द करना शिक्षा एवम मातृ भाषा एवम हर नगर के धरोहरों को अपमान है,कांग्रेस शासन का निर्णय उनको बहुत महंगा पड़ेगा,
भारतीय जनता पार्टी का शासन छत्तीसगढ़ में आते हम अपने पुराने धरोहर को पुनः हिंदी मीडियम स्कूलों को प्रारंभ करने का पूरा प्रयास करेंगे एवं वहां से स्थानांतरित किए गए सम्मानित शिक्षकों को सम्मान पूर्वक उसी स्कूल में पदस्थ करने का पूरा प्रयास करेंगे जिससे हम अपनी धरोहर एवं अपनी गुरुओं का सम्मान रख सकें।

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