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पर्दाफाश

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रायगढ़ से अधिवक्ता के रूप में कैरियर की शुरुआत से लेकर आंध्रप्रदेश के मुख्य न्यायाधीश बने जस्टिस प्रशांत  मिश्रा…..

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रायगढ़ से अधिवक्ता के रूप में कैरियर की शुरुआत से लेकर आंध्रप्रदेश के मुख्य न्यायाधीश बने जस्टिस प्रशांत  मिश्रा…..

जस्टिस मिश्रा ने कहा अपन काम ला ईमानदारी ले करव तव समाज के भला होही

बिलासपुर
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश से आंध्रप्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश बनाए गए जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा ने कहा कि राष्ट्र निर्माण के लिए अधिवक्ता और न्यायाधीश काम करें। जस्टिस मिश्रा छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के तीसरे ऐसे व्यक्ति हैं जो अधिवक्ता से जज बनकर किसी हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस बने हैं। दैनिक भास्कर से उन्होंने अधिवक्ता और न्यायाधीशों को संदेश दिया कि ‘अपन काम ला ईमानदारी अऊ निष्ठा ले करव तव समाज के भला होही’।

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश और वर्तमान में कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश प्रशांत कुमार मिश्रा अब आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश बन गए हैं। उनके नाम की घोषणा शनिवार को केंद्र सरकार की तरफ से की गई। हालांकि सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने चीफ जस्टिस बनाए जाने के लिए अनुशंसा की थी। उनके नाम को चीफ जस्टिस बनाने के लिए राष्ट्रपति के पास भेजा गया था। वहां से अनुशंसा मिलने के बाद केंद्र सरकार ने अधिसूचना जारी कर उन्हें आंध्रप्रदेश के मुख्य न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किया है वे 13 अक्टूबर को शपथ लेंगे।

आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश प्रशांत कुमार मिश्रा ने दैनिक भास्कर से कहा कि अधिवक्ताओं का अहम योगदान आजादी की लड़ाई से आज तक रहा है, अब हम भी चाहते हैं कि न्यायिक सेवा के माध्यम से हम भी राष्ट्र निर्माण में अपना सहयोग दें। न्यायदान के लिए अधिवक्ताओं और न्यायाधीशों को सतत प्रयास करना होगा। छत्तीसगढ़ में जन्मे और पले बढ़े जस्टिस मिश्रा से जब यहां वकालत कर रहे और वकालत की पढ़ाई करने वाले छात्रों के लिए छत्तीसगढ़ी में संदेश देने की बात कही गई तो उन्होंने तुरंत ही छत्तीसगढ़ी में कहा कि ‘में हमर छत्तीसगढ़ के सब अधिवक्ता मन ल अऊ न्यायधीश मन ला बताना चाहत हौं कि अपन काम ला ईमानदारी अऊ निष्ठा ले करव ता समाज के भला होही। खुद के भला होही अऊ जनता के भला होही। में हमेसा बोलथव कि हमर छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया। यादगार निर्णय के सवाल पर उन्होंने कहा कि एक न्यायाधीश के लिए हर केस और हर व्यक्ति बराबर होता है।

अधिवक्ता से स्टेट बार काउंसिल के अध्यक्ष, महाधिवक्ता और फिर न्यायाधीश से मुख्य न्यायाधीश तक का सफर किया
आंध्र प्रदेश के मुख्य न्यायाधीश प्रशांत कुमार मिश्रा का जन्म छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में हुआ है। वे 10 दिसंबर 2009 को छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के न्यायाधीश बनाए गए थे। इससे पहले उन्होंने अपनी पढ़ाई गुरु घासीदास विश्वविद्यालय से पूरी की। जिला न्यायालय रायगढ़ से अधिवक्ता का काम शुरू किया। हाईकोर्ट जबलपुर और फिर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में वकालत के दौरान उन्हें 2005 में वरिष्ठ अधिवक्ता के रूप में नामित किया गया। वे स्टेट बार काउंसिल के अध्यक्ष बने। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय की नियम निर्माण समिति के सदस्य भी रहे। उन्हें गुरु घासीदास विश्वविद्यालय बिलासपुर की कार्यकारी परिषद में कुलाधिपति के रूप में नामित किया गया था। 26 जून 2004 से 31 अगस्त 2007 तक अतिरिक्त महाधिवक्ता और 1 सितंबर 2007 से न्यायाधीश बनने तक राज्य के महाधिवक्ता रहे।

छत्तीसगढ़ से तीसरे जज जो चीफ जस्टिस बने
चीफ जस्टिस के रूप में नामित हुए जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा छत्तीसगढ़ में वकालत कर न्यायाधीश और फिर मुख्य न्यायाधीश का सफर पूरा करने वाले तीसरे व्यक्ति हैं। सबसे पहले जस्टिस सुनील कुमार सिन्हा जो छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में 1 दिसंबर 2004 से 3 जुलाई 2014 तक जज रहे और बाद में सिक्किम हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश बने थे। जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा हाईकोर्ट में 10 दिसंबर 2009 से न्यायाधीश और वर्तमान में कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश रहे और अब आंध्र प्रदेश के मुख्य न्यायाधीश बनाए गए हैं।

अधिवक्ता से मुख्य न्यायाधीश बनने तक का सफर किया
आंध्र प्रदेश के मुख्य न्यायाधीश प्रशांत कुमार मिश्रा का जन्म छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में हुआ है। वे 10 दिसंबर 2009 को छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के न्यायाधीश बनाए गए थे। इससे पहले उन्होंने अपनी पढ़ाई गुरु घासीदास विश्वविद्यालय से पूरी की। जिला न्यायालय रायगढ़ से अधिवक्ता का काम शुरू किया। हाईकोर्ट जबलपुर और फिर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में वकालत के दौरान उन्हें 2005 में वरिष्ठ अधिवक्ता के रूप में नामित किया गया। वे स्टेट बार काउंसिल के अध्यक्ष बने। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय की नियम निर्माण समिति के सदस्य भी रहे। उन्हें गुरु घासीदास विश्वविद्यालय बिलासपुर की कार्यकारी परिषद में कुलाधिपति के रूप में नामित किया गया था।

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