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सागरपुर और पोटिया गांव किनारे निकला अतिकायों का दल* *@हाथी निकलने की ख़बर से क्षेत्रवासीयों में डर का बना माहौल*

सागरपुर और पोटिया गांव किनारे निकला अतिकायों का दल*

*@हाथी निकलने की ख़बर से क्षेत्रवासीयों में डर का बना माहौल*।

*13 सितम्बर असलम खान धरमजयगढ़ ब्यूरो*:-


इन दिनों क्षेत्र में हांथियों की आमदरफ्त रुकने का नाम नही ले रहा है। हांथी देर शाम होते ही रिहायसी इलाके की ओर कूच कर जा रहे हैं ,तो कहीं दिनदहाड़े हाथी सड़क किनारे आ रहे है। लिहाजा क्षेत्र में हांथियों की मौजूदगी प्रभावित क्षेत्रवासियों के लिए एक भयंकर समस्या बन कर रह गई है।
बता दें ताजा जानकारी अनुसार बिती रात करीब 8 बजे पोटिया के दर्रा पारा में हांथियों का समूह निकल आया था हांथियों की चिंघाड़ लोगों को डराने लगी थी तो वहीं खबर अनुसार सागर से गेरसा वनमार्ग मार्ग में एक नर हाथी घूम रहा है जो खतरे से खाली नही है ऐसे में अगर हम बात करें संबंधित विभाग और सरकार की तो अब तक इस विकराल समस्या से निजात दिलाने कोई माकूल व्यवस्था सामने नहीं आई है।
जबकि हाथी पूरे धरमजयगढ़ वन मंडल में एक तरह से कब्जा जमाए हुए है चारो ओर हाथी ही हाथी है रोजाना किसी न किसी क्षेत्र में हाथी शाम ढलते ही गांव की ओर चले आ रहे हैं और फसल व घरों को नुकसान पहुंचा रहे हैं अलबत्ता क्षेत्रवासियों को जनहानि व धनहानि सुरक्षा के मद्देनजर डर के साए में मजबूरन रतजगा करने मजबूर हैं। या फिर एक जुट होकर हिम्मत के साथ हांथी को भगाने में लगे हुए है हालांकि हाथी प्रभावित क्षेत्र में निसंदेह वन मित्रदल और कुछ वनकर्मी हाथी को रिहायसी इलाकों से भगाने में अपने कर्तव्यों का सहीं निर्वहन कर रहे हैं।
लेकिन कहा जा सकता है जिस कदर धरमजयगढ़ क्षेत्र में हांथियों की आमद रफद व मौजूदगी है, उस लिहाज से कहीं न कहीँ संबंधित विभाग के जिम्मेदार पद पर आसीन सरकारी अफसर इस विकराल समस्या से दूर नजर आ रहे हैं। चाहे वजह जो भी हो फिलहाल इतना तो तय है के, अतिकायों की वजह से वनांचल ग्रामवासी थर्राये हुए है। ग्रामीण मौत के साए में गुजर बसर करने को मजबूर हैं, वहीं हाथी को लेकर विभाग भी लाचार मजबूर नजर आ रहा है।

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