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एसईसीएल की लात खदान में फिर एक वाहन चालक की मौत से,सुरक्षा मापदंडों पर उठे सवाल..

“एसईसीएल की लात खदान में फिर एक वाहन चालक की मौत से,सुरक्षा मापदंडों पर उठे सवाल?”*

*@छह घण्टे बाद कार्मिक प्रबंधक शिव चरण जांगड़े ने 50 हजार नगद और 15 लाख देने का दिया लिखित आश्वासन*

*@मृतक के परिजनों ने ठेकेदार कम्पनी प्रबंधन पर पिता की मौत और घटना स्थल बदलने को लेकर गुमराह करने का लगाया आरोप*

*@एसईसीएल लात खदान की नई परियोजना में काम करते ठेका कम्पनी का वाहन दुर्घटना ग्रस्त चालक श्याम दास की घटना स्थल पर मौत*”

*असलम इरशाद खान धरमजयगढ़ ब्यूरो*-

क्षेत्र की एसईसीएल छाल उपक्षेत्र की लात खदान के फेस 3 नई परियोजना में मिट्टी हटाने वाली ठेकेदार कम्पनी शिवम कोल कैरियर का आज सुबह लगभग 11 बजे फिर एक दस चक्का वाहन सीजी 12 ए यू 4432 पलट कर दुर्घटना ग्रस्त हो गया.जिसके चलते चालक की खदान के अंदर घटना स्थल पर ही दर्दनाक मौत हो गयी. इस बात की सूचना मिलते ही ठेकेदार शिवम कम्पनी के प्रबंधन में अफरा तफरी मच गयी.

ठेका कम्पनी प्रबंधन के मुंशी ने छाल थाने को इसकी मौखिक सूचना दी गयी,जिसपर कार्यवाही करते हुए छाल पुलिस ने मृतक श्याम दास पिता चमरू दास उम्र 53 वर्ष निवासी ग्राम पोड़ी उपरोड़ा, थाना कटघोरा के शव को छाल हास्पिटल के मरचुरी तक पहुँचा दिया गया किंतु शाम 4 बजे तक मृत शरीर का पोस्ट मार्टम नही हो सका था,क्योकि मृतक के पी एम के लिए चिकित्सक तो तैयार थे,किंतु मृत शरीर के पीएम के लिए लगने वाले मजदूरों की ब्यवस्था तक करने वाला कोई भी ठेकेदार कम्पनी का ब्यक्ति और ना ही कोई एसईसीएल का ब्यक्ति सामने नही आये जिससे इस पीएम के लिए आवश्यक मजदूरों की ब्यवस्था नही हो पा रही जिसके अभाव में पीएम 4 बजे तक नही हो पाया था.
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*लात खदान में दो माह पूर्व इसी ठेकेदार कम्पनी की पीसी मशीन भी जलकर हो गयी थी खाक…*

आपको यहाँ यह बताना भी लाज़िमी है,की अभी दो माह पूर्व एसईसीएल की इसी लात खदान की नवीन परियोजना में ओवर बर्डन (मिट्टी) हटाने का काम कर रही शिवम कोल कैरियर की करोड़ो की लागत वाली पीसी मशीन भी 14 सितंबर को प्रबंधन की घोर लापरवाही के चलते धू धू कर खदान के भीतर ही जलकर स्वाहा हो चुकी है,वही 20 सितंबर को ही विपुल कम्पनी की एक वाल्वो वाहन दुर्घटना ग्रस्त हो गयी थी,जिसमे भी चालक को गम्भीर चोटे आयी थी,उस समय भी खदान प्रबंधन की बड़ी लापरवाही सामने आयी थी लेकिन खदान प्रबंधन और ठेका कम्पनी प्रबंधन की आपसी बेहतर तालमेल के चलते ऐसे केश तो इनके लिए शायद कोई मायने ही नही रखते!
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*खदान में ऐसी गम्भीर घटनाओं के बाद आखिर क्या करता है,डीजीएमएस विभाग?*

एसईसीएल रायगढ़ क्षेत्र की सबसे चर्चित खदान बन चुकी है छाल उपक्षेत्र की लात खुली खदान यहाँ घटित दुर्घटनाओं को नजरअंदाज नही किया जा सकता, लेकिन एसईसीएल के सुरक्षा मानकों एवं मापदंडों को निर्धारित करने वाले रायगढ़ के डीजीएमएस विभाग के अधिकारियों के द्वारा छाल की लात खदान में घटित इन गम्भीर मौत वाली घटनाओं को रोकने के लिए आज तक क्या सार्थक कार्यवाही की गयी यह कभी जनसामान्य के सामने नही आ पाया और नही इन गम्भीर घटनाओं पर अंकुश ही लग पा रहा है, क्योकि एसईसीएल और ठेकेदार कंपनी अपनी लापरवाही से घटित इन मौत की घटनाओं के बाद मृतकों के परिजनों को सांत्वना स्वरूप कुछ धनराशि देकर अपने कर्तब्यों की इतिश्री समझ लेते है,इनका मकसद खदान में काम करने वाले बेगुनाह गरीब मजदूरों की मौत को रोकना कहि भी नजर ही नही आता!
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*मृतक के बेटे संदीप दास ने ठेकेदार कम्पनी पर लगाया गुमराह करने का आरोप….*

सोमवार को सुबह लात खदान में पानी टैंकर पलटने से हुई चालक श्यामदास की मौत के बाद ठेकेदार कम्पनी शिवम कोल प्रबंधन द्वारा मृतक के परिजनों को फोन पर सूचना दी गयी की वाहन दुर्घटना में श्याम दास को चोट लगी है आप लोग आ जाइये,परिजनों का कहना है,की
इसके बाद हमारे फोन लगाकर पूछने पर ठेकेदार द्वारा हमे लगातार गुमराह किया गया कभी खरसिया हॉस्पिटल में है,तो कभी यहाँ से रिफर कर दिए रायगढ़ हास्पिटल में है,करके झूठ बोला गया हमे साफ साफ क्यो नही बताया गया कि मेरा पिता की मौत हो गयी है,इसके बाद जब हमलोग दोपहर को छाल पहुँचे तो ठेकेदार के लोगो ने हमे फिर गुमराह किया, कि श्यामदास की मौत रोड में वाहन चलाते वक्त दुर्घटना में हो गयी है,जबकि हमको पहले ही दूसरे लोगो से जानकारी मिल चुकी थी,कि मेरे पिता श्यामदास की मौत लात खदान के भीतर पानी टैंकर के दुर्घटनाग्रस्त होने से घटना स्थल पर ही खदान में मौत हो गयी थी,
ठेकेदार कम्पनी एसईसीएल प्रबंधन को बचाने के लिए इस तरह से हमे गुमराह क्यो कर रहा है!
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*काफी जद्दोजहद के बाद पहुँचे एसईसीएल छाल के कार्मिक प्रबंधक शिव चरण जांगड़े और 15 लाख देने का दिया लिखित आश्वासन….*

30 नवम्बर सोमवार को सुबह 11 बजे घटित घटना में लंबी मशक्कत और काफी जद्दोजहद के बाद लात खदान में मृत श्यामदास के परिजनों से मिल कर उनको दाह संस्कार के लिए प्राथमिक सहयोग स्वरूप 50 हजार रुपये नगद देकर साथ ही एक सादे कागज पर मृतक के परिजनों को लिखकर दिया,कि मृतक खदान में कार्यरत ठेका कंपनी में कार्य कर रहा था,जिसके एक्सग्रेसिया की राशि एसईसीएल द्वारा 10 लाख एवं ठेकेदार कंपनी द्वारा 5 लाख मृतक के परिजनों द्वारा सक्षम दस्तावेज प्रस्तुत करने पर दिया जावेगा,इस पर मृतक के परिजनों ने कार्मिक प्रबंधक से सवाल किया,कि आप सादे पेपर पर लिख कर दे रहे है,इसका क्या भरोसा तब श्री जांगड़े ने उन्हें कहा कि विश्वास है तो सब ठीक है,नही तो ऑफिस चलकर लेटर पेड पर लिखकर दे दूंगा!

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