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किसान आंदोलन के बीच पीएम मोदी ने की मन की बात, कृषि कानून को लेकर जानिए क्या कहा ?

किसान आंदोलन के बीच पीएम मोदी ने की मन की बात, कृषि कानून को लेकर जानिए क्या कहा ?

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नई दिल्लीः कृषि कानून के विरोध में जारी किसान आंदोलन के बीच पीएम नरेंद्र मोदी ने आज 71वीं मन की बात की है। पीएम मोदी ने रविवार को मन की बात में कृषि कानूनों पर कहा कि इससे किसानों के लिए नए रास्ते खुले हैं। काफी विचार विमर्श के बाद भारतीय संसद ने कृषि कानूनों को ठोस रूप दिया। पीएम मोदी ने कहा कि काफी विचार विमर्श के बाद भारत की संसद ने कृषि सुधारों को कानूनी स्वरूप दिया। इन सुधारों से न सिर्फ किसानों के अनेक बंधन समाप्त हुए हैं, बल्कि उन्हें नये अधिकार भी मिले हैं, नये अवसर भी मिले हैं। पीएम मोदी ने कहा कि कानून में एक और बहुत बड़ी बात है, इस क़ानून में ये प्रावधान किया गया है कि क्षेत्र के एसडीएम को एक महीने के भीतर ही किसान की शिकायत का निपटारा करना होगा।

पीएम ने कहा कि किसानों में जागरूकता बढ़ाने का ऐसा ही एक काम कर रहे हैं, राजस्थान के बारां जिले में रहने वाले मोहम्मद असलम जी. ये एक किसान उत्पादक संघ के सीईओ भी हैं. जी हां, आपने सही सुना, किसान उत्पादक संघ के CEO. उम्मीद है, बड़ी बड़ी कंपनियों के CEOs को ये सुनकर अच्छा लगेगा कि अब देश के दूर दराज वाले इलाकों में काम कर रहे किसान संगठनों मे भी CEOs होने लगे हैं। मोदी ने कहा कि साथियों, जागरूकता है, तो, जीवंतता है। अपनी जागरूकता से हजारों लोगों का जीवन प्रभावित करने वाले एक कृषि उद्यमी वीरेंद्र यादव हैं। मेरा नौजवानों, विशेषकर कृषि की पढ़ाई कर रहे लाखों विद्यार्थियों से आग्रह है कि वो अपने आस-पास के गावों में जाकर किसानों को आधुनिक कृषि के बारे में, हाल में हुए कृषि सुधारो के बारे में, जागरूक करें।

वहीं दिल्ली बॉर्डर पर किसान केंद्र सरकार के कृषि कानूनों के खिलाफ अपने धरने पर डटे हुए हैं। कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का आंदोलन शनिवार को लगातार तीसरे दिन भी जारी रहा। सभी प्रदर्शनकारी किसान सिंधु और टिकरी बॉर्डर पर डटे हैं। वहीं सरकार भी अपने रुख पर कायम है।

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